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सिलिंडरों में विस्फोट के बाद रेस्टोरेंट में लगी आग
Sat, 27 Apr 2019 12:59 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sat, 27 Apr 2019 12:59 AM IST
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blast
- फोटो : demo
झांसी। शुक्रवार की सुबह कोतवाली के सामने बने एक रेस्टोरेंट के किचन में एक के बाद एक तीन सिलिंडरों में आग लगने से जोरदार धमका हुआ और लपटें उठने लगीं। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आनन-फानन में सूचना पर पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आगजनी से किचन में रखा सामान जलकर राख हो गया।
पंचवटी कॉलोनी निवासी हरीश सिंह का कोतवाली के सामने रेस्टोरेंट बना हुआ है। शुक्रवार की सुबह रेस्टोरेंट खुलने के बाद काम चल रहा था, तभी अचानक किचन में आग लग गई, जिसे देखकर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। अभी सभी किसी तरह आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे थे, तभी मौके पर रखे तीन सिलेंडरों में एक-एक कर आग लगने लगाना शुरू हो गई। अभी पुलिस राहत कार्य में जुटी थी, तभी एक-एक तीन सिलिंडरों में तीन धमाकों के साथ आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। खबर मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने दमकल विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर आगे बुझाने के प्रयास शुरू किए। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन जब तक किचन में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी भीषण थी कि तीन दमकल गाड़ियों को बुलाना पड़ा। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पचकुइयां चौराहा और जिला अस्पताल के पास लोगों का आवागमन रोक दिया था।
जान पर खेले अग्निशमन टीम के कर्मचारी
सुबह 11.37 बजे आग लगने की सूचना पाकर मुख्य अग्निशमन अधिकारी केके ओझा, मोहम्मद हाशमी और ममनून हाशमी, ओमप्रकाश, गजेंद्र सिंह, अनीस अहमद, रामशंकर, मनोज पहुंच गए थे। अपनी टीम के साथ पहुंच गए थे। पीछे के रास्ते से कर्मचारी अंदर पहुंचे। उस समय अन्य सिलिंडरों में भी आग पहुंच चुकी थी। सभी कर्मी एक-एक सिलिंडरों को बाहर निकालने में जुट गए। सिलेंडरों से तेजी के साथ गैस रिसाव हो रहा था। यह देखकर लोग मौके से भाग निकले लेकिन दमकल कर्मियों ने अपनी परवाह किए बिना सिलिंडरों को बालू व पानी के सहारे ठंडा कर खुले मैदान में पहुंचाया।
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रखे थे नौ सिलेंडर, खराब था यंत्र
बताया गया है कि रेस्टोरेंट में नौ सिलिंडर रखे थे, जिनमें चार भरे और पांच खाली थे। इसमें कुछ सिलिंडर घरेलू उपयोग वाले भी रखे थे। घटना के समय अग्निशमन यंत्र शोपीस बनकर रखा था। यदि यंत्र काम कर रहा तो आग बड़ा रूप धारण नहीं करती। रेस्टोरेंट का किचिन भी कच्चा था, जिसके चलते तेजी से आग भड़की। आग लगने के बाद आसपास रहने वाले लोग भी घरों से बाहर निकल आए थे।
आगजनी की घटना की जांच दमकल विभाग करेगा। मौके पर टीम को कई खामियां मिलीं। आग लगने का कारण देर रात तक स्पष्ट नहीं हो सका। इस मामले में रेस्टोरेंट कर्मचारी भी कुछ नहीं बता सके। - केके ओझा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
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पंचवटी कॉलोनी निवासी हरीश सिंह का कोतवाली के सामने रेस्टोरेंट बना हुआ है। शुक्रवार की सुबह रेस्टोरेंट खुलने के बाद काम चल रहा था, तभी अचानक किचन में आग लग गई, जिसे देखकर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। अभी सभी किसी तरह आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे थे, तभी मौके पर रखे तीन सिलेंडरों में एक-एक कर आग लगने लगाना शुरू हो गई। अभी पुलिस राहत कार्य में जुटी थी, तभी एक-एक तीन सिलिंडरों में तीन धमाकों के साथ आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। खबर मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने दमकल विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर आगे बुझाने के प्रयास शुरू किए। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन जब तक किचन में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी भीषण थी कि तीन दमकल गाड़ियों को बुलाना पड़ा। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पचकुइयां चौराहा और जिला अस्पताल के पास लोगों का आवागमन रोक दिया था।
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जान पर खेले अग्निशमन टीम के कर्मचारी
सुबह 11.37 बजे आग लगने की सूचना पाकर मुख्य अग्निशमन अधिकारी केके ओझा, मोहम्मद हाशमी और ममनून हाशमी, ओमप्रकाश, गजेंद्र सिंह, अनीस अहमद, रामशंकर, मनोज पहुंच गए थे। अपनी टीम के साथ पहुंच गए थे। पीछे के रास्ते से कर्मचारी अंदर पहुंचे। उस समय अन्य सिलिंडरों में भी आग पहुंच चुकी थी। सभी कर्मी एक-एक सिलिंडरों को बाहर निकालने में जुट गए। सिलेंडरों से तेजी के साथ गैस रिसाव हो रहा था। यह देखकर लोग मौके से भाग निकले लेकिन दमकल कर्मियों ने अपनी परवाह किए बिना सिलिंडरों को बालू व पानी के सहारे ठंडा कर खुले मैदान में पहुंचाया।
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रखे थे नौ सिलेंडर, खराब था यंत्र
बताया गया है कि रेस्टोरेंट में नौ सिलिंडर रखे थे, जिनमें चार भरे और पांच खाली थे। इसमें कुछ सिलिंडर घरेलू उपयोग वाले भी रखे थे। घटना के समय अग्निशमन यंत्र शोपीस बनकर रखा था। यदि यंत्र काम कर रहा तो आग बड़ा रूप धारण नहीं करती। रेस्टोरेंट का किचिन भी कच्चा था, जिसके चलते तेजी से आग भड़की। आग लगने के बाद आसपास रहने वाले लोग भी घरों से बाहर निकल आए थे।
आगजनी की घटना की जांच दमकल विभाग करेगा। मौके पर टीम को कई खामियां मिलीं। आग लगने का कारण देर रात तक स्पष्ट नहीं हो सका। इस मामले में रेस्टोरेंट कर्मचारी भी कुछ नहीं बता सके। - केके ओझा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।