फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   sebai he khas

सेवईं हैं खास, घोेलेंगी भाईचारे की मिठास

Thu, 14 Jun 2018 01:00 AM IST
amarujala
amarujala Updated Thu, 14 Jun 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
sebai he khas
seibay, jhansi news - फोटो : amar ujala, jhansi news
ईद पर लखनवी व बनारसी सेवईं सभी धर्मों के लोगों के बीच भाईचारे की मिठास घोलेगी। मुस्लिम भाइयों के घरों में जहां सेवईं की अलग-अलग वैरायटी को बनाने की तैयारी जोरों पर है वहीं, हिंदू व अन्य धर्म के लोगों को मिलन के इस पर्व का बेसब्री से इंतजार है। हो भी क्यों न, लजीज सेवईं हर साल रिश्ते की इस डोर को और मजबूत जो करती है।
विज्ञापन


ईद पर घरों में कई तरह की सेवईं बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लखनवी अंदाज में बनने वाली लखनवी व बनारसी सेवईं अलग जायका देगी। रूई के फाहे जैसे दिखनी वाली बारीक सेवईं, शीर सेवईं, किमामी सेवईं, खीर सेवईं बनाने के लिए खूब देख-पसंद करके खरीदी जा रही है। इसकी कीमत 100 से 150 रुपये तक बाजार में है।
विज्ञापन


हल्के या गाढ़े रंग की पसंद के अनुरूप भूनने के लिए कच्ची सेवईं खरीद रहे हैं। वहीं, कुछ लोग भुनी सेवईं खरीद रहे हैं। बारीक और मोटी अलग-अलग किस्म की सेवईं बाजार में कई दरों पर उपलब्ध है। डबल जीरो, जीरो, एक, दो और तीन नंबर की सेवईं की मांग है। सेवईं कारोबारी इरफान के मुताबिक लजीज शीर सेवईं बनाने के लिए लोग बारीक बनारसी सेवईं की खरीदारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


देशी घी की सूतफेनी भी
ईद पर सेवईं के साथ सूतफेनी भी परोसी जाएगी। इसके लिए सफेद और लाल सूतफेनी बिक रही है। पसंद के रंग के अनुरूप लोग सूतफेनी खरीद रहे हैं। सामान्य सफेद सूतफेनी 100 रुपये और लाल सूतफेनी 120 रुपये किलो कीमत पर बिक रही है। जबकि, देशी घी की सूतफेनी 400 से 450 रुपये प्रति किलो कीमत तक बिक रही है।

पिस्ता, काजू, बादाम, केसर पड़ेगा
मेवा व खोआ से ही सेवईं में जायका बनता है। बेहतरीन जायका मेवे के बिना मुमकिन नहीं। सेवईं की लज्जत बढ़ाने के लिए तरह-तरह के मेवे डाले जाते हैं। काजू, किशमिश, नारियल का बुरादा, छुहारा, चिरौंजी, बादाम, पिस्ता, केसर की इस समय बाजार में ज्यादा मांग है।

असली खोआ की तलाश
सेवईं का स्वाद असली खोआ के बिना अच्छा नहीं हो सकता। सेवईं का रंग ठीक रखने में भी खोआ अहम है। सारा मेवा बेकार हो जाएगा अगर खोआ असली नहीं मिला। बाजार के खोआ पर भरोसा नहीं करने की वजह से   दूध मंगाकर खोआ खुद घर में तैयार किया जा रहा है।


लेमन और मसाला सेवईं भी
मीठे के साथ कुछ नमकीन व तीखा भी जरूरी रहता है। ईद पर कई तरह के नमकीन व्यंजन बनाने की तैयारी भी की जा रही है। घर पर आने वाले मेहमानों को नमकीन सेवईं भी परोसी जाएगी। इसमें लेमन सेवईं, मसाला सेवईं, पिपर सेवईं भी शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed