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मार्च की गर्मी से झुलसने लगी त्वचा, शरीर में हो रही खुजली

Tue, 22 Mar 2022 09:39 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2022 09:39 PM IST
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Scorching skin due to the heat of March, itching in the body
झांसी। मार्च में ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच जाने से त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा 25 फीसदी चर्म रोगी सनबर्न यानी धूप में त्वचा के झुलसने की समस्या लेकर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं।
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सामान्यता अप्रैल के अंतिम सप्ताह में मरीजों को सनबर्न की दिक्कत शुरू होती थी लेकिन इस बार गर्मी ने कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए और अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया तो त्वचा रोगी भी बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक अल्ट्रावायलेट किरणों से त्वचा पर सनबर्न हो जाता है। जब पारा 40 या इससे अधिक हो जाता है तो सनबर्न की आशंका ज्यादा रहती है। जिन लोगों की त्वचा पतली होती है, उन्हें ये समस्या ज्यादा होती है।
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इसके अलावा दिनभर धूप में किसान फसल काटते रहते हैं, चूंकि, खेतों के आसपास गाजर खास भी होती है। इसके संपर्क में आने पर धूप से एलर्जी कई गुना बढ़ जाती है। बड़ी तादाद में किसानों में भी त्वचा झुलसने की समस्या सामने आ रही है। डॉक्टरों ने बताया कि सामान्यता सनबर्न शरीर के खुले हिस्से जैसे हाथ, गर्दन, चेहरे पर ही होता है मगर इस बार शरीर के ढके हिस्से में जैसे पेट, पीठ पैर भी खुजली और पानी आने की समस्या हो रही है।
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धूप से बच्चों में हो रहे सफेद स्पॉट
जिला अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपशिखा सिंह ने बताया कि बड़े ही नहीं बच्चे भी धूप से होने वाले समस्या से परेशान हैं। इन दिनों सफेद स्पॉट (लद्दुर) की समस्या लेकर भी कई बच्चे पहुंच रहे हैं। परिजन सफेद स्पॉट देखकर काफी घबरा जाते हैं। वो सोचने लगते हैं कि कहीं बच्चे को त्वचा दाग की बीमारी तो नहीं हो गई। मगर कुछ दिन तक लद्दुर का इलाज कराने से बच्चा ठीक हो जाता है।

सर्न बर्न में ये होता
- खाल मोटी हो जाती
- त्वचा से पानी रिसने लगता
- त्वचा का छिल जाना
ये ध्यान दें
- खूब पानी पीएं
- पूरे बाजू के कपड़े पहनें
- किसान सुबह जल्दी कटाई करें
- बीमारी का तुरंत इलाज कराएं
इन दिनों ओपीडी में 25 फीसदी केस तो सन बर्न के ही सामने आ रहे हैं। शुरूआत में लोग इलाज नहीं कराकर मेडिकल स्टोर से दवा लगाते रहते हैं फिर ये बीमारी और बढ़ जाती है। कइयों का तो छह-छह महीने तक इलाज चलाना पड़ता है। ऐसे में धूप से बचाव बहुत जरूरी है। - डॉ. प्रतीक शिवहरे, त्वचा रोग विशेषज्ञ।
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