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17 महीने बाद खुले स्कूल, पहुंचे बच्चे, पहले दिन कम रही उपस्थिति

Thu, 02 Sep 2021 01:38 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 01:38 AM IST
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Schools open after 17 months, children arrived, attendance was low on the first day
झांसी। कोरोना वायरस के दस्तक देने के साथ ही बच्चों को महामारी से बचाने के लिए विद्यालय बंद कर दिए गए है, लेकिन अब संक्रमण का खतरा कम होने पर 17 महीने बाद बुधवार को स्कूलों को खोला गया। हालांकि, पहले दिन बीस फीसदी बच्चों ने ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। स्कूल में अपने दोस्तों से मिलकर बच्चे बेहद खुश नजर आए। शिक्षकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बच्चों की संख्या बढ़ जाएगी।
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कोरोना की पहली लहर की शुरुआत के साथ ही 19 मार्च 2020 को विद्यालय बंद कर दिए गए थे और ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था। हालांकि, पहली लहर का प्रभाव कम होने पर बीच में कुछ समय के लिए विद्यालयों में 9 से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन किया गया था। लेकिन, दूसरी लहर शुरू होते ही ये बंद कर दी गईं थीं। लंबे अरसे बाद बुधवार से विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ। हालांकि, पहले दिन कम ही बच्चे पहुंचे। कक्षाओं में इक्का-दुक्का बच्चों ने ही उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन वे बेहद खुश नजर आए। बच्चे मास्क लगाकर पहुंचे और स्कूलों में उनके हाथों में सैनिटाइजर लगाया गया। कक्षाओं में उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाया गया। ज्यादातर बच्चों को अभिभावक खुद छोड़ने व लेने स्कूल पहुंचे।
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बेसिक स्कूलों में बांटी गईं किताबें
झांसी। बेसिक स्कूलों में कक्षाओं की शुरुआत होने के साथ ही बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। इस क्रम में बुधवार को पहले दिन कंपोजिट परिषदीय आदर्श जूनियर हाई स्कूल में समारोह पूर्वक किताबों का वितरण किया गया। बीएसए वेद राम और नगर निगम के उपसभापति सुनील नैनवानी ने पुस्तकें बांटीं। नगर खंड शिक्षाधिकारी दीप्ति रिछारिया ने बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में एसआरजी धर्मेंद्र चौधरी, एआरपी पीयूष अग्रवाल, प्रधानाध्यापिका हेमलता त्रिपाठी, शिक्षक अमिता सत्यवादी, बबीता यादव आदि उपस्थित रहीं।
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बोले अभिभावक...
स्कूल खोलने का निर्णय अच्छा है। घर पर ऑनलाइन पढ़ाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही थी। स्कूल आने से बच्चों में अनुशासन भी बढ़ेगा।
- पूजा गांगिल, ग्वालियर रोड
घर पर रहकर बच्चे पढ़ाई में कमजोर हो गए हैं। ऑनलाइन में कुछ पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। स्कूल आने से बच्चों का ध्यान पढ़ाई में लगेगा।
- अफरोज, नई बस्ती
कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा अब कम हो गया है। बावजूद, स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा का ख्याल रखा जाए। स्कूल आने से बच्चों का मन पढ़ाई में लगेगा।
- दीपक महाजन, शहर
स्कूल आने पर बच्चे अनुशासन के साथ पढ़ते हैं। लेकिन, घर में वे मनमर्जी के मालिक हो जाते हैं। आने वाले दिनों में स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ जाएगी।
- फरीदा, दतिया गेट बाहर
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