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शब-ए-बरात में मिलती हैं गुनाहों की माफी

Sat, 20 Mar 2021 01:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 20 Mar 2021 01:52 AM IST
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Sab e barat gunah
झांसी। शब-ए-बरात इस्लाम मजहब का पर्व है। मुस्लिम समाज की मान्यता के अनुसार शब-ए-बरात की रात गुनाहों से मगफिरत (माफी) की रात होती है। इस रात में इबादत करने वाले लोगों के सारे गुनाह माफ हो जाते हैं। यह पर्व 28 मार्च की शाम से शुरू होगा और अगले दिन यानी 29 मार्च की सुबह तक चलेगा।
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शब-ए-बरात का मतलब होता है कि छुटकारे की रात यानी गुनाहों से निजात की रात। मजहबे इस्लाम में इस रात की काफी अहमियत बयान की गई है। उलेमाओं ने बताया कि इस रात में साल भर के होने वाले कई कार्य बांटे जाते हैं। जैसे कौन पैदा होगा, कौन मरेगा, किसे कितनी रोजी मिलेगी। मान्यता के अनुसार शब-ए-बरात को एक प्रकार से रमजान में रखे जाने वाले रोजे के लिए खुद को तैयार करना माना जाता है। यह भी मान्यता है कि इस रात लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा करते हैं। यहां शब से आशय रात है और बरात का अर्थ बरी होना है। हिजरी कैलेंडर के अनुसार, यह रात साल में एक बार शाबान महीने की 14 तारीख को सूर्यास्त के बाद शुरू होती है।
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ऐसे मनाया जाता है पर्व
मुस्लिम समुदाय के लोग इस पर्व को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। घरों में कई प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं। इबादत के बाद इसे गरीबों में बांटा जाता है। शब-ए-बरात में मस्जिदों और कब्रिस्तानों में खास तरह की सजावट की जाती है। वहीं, बुजुर्गों व अपने करीबियों की कब्रों पर चिराग जलाकर मगफिरत की दुआएं मांगी जाती हैं।
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इस रोज आतिशबाजी करने, बाइक से शहर की सड़कों पर हुड़दंग करने, झूठ, गीबत करने से बचें। पूरी रात इबादत करें। इस रात अल्लाह अपने बंदों से की गई हर दुआ कबूल फरमाता है। मुफ्ती साबिर कासमी
इस रात को इबादत करने के साथ ही नफिल नमाज अदा करें। रात से दो दिन पहले और अगले दिन रोजा रखना सुन्नत है। कब्रिस्तान जाकर मरहूम के लिए दुआ करें। अपने गुनाहों की माफी मांगें। मुफ्ती इमरान नदवी
शब-ए-बरात बहुत अफजल वाली रात है। पूरी रात जागकर इबादत करें। इस रात गुनाहों की माफी मांगकर आगे की जिंदगी अच्छी गुजारने का मौका दिया जाता है। इस रात इबादत पर जोर दें। मुफ्ती अफ्फान नदवी

इस रात में संजीदगी से इबादत करें। कुरआन की अधिक से अधिक तिलावत करें। बुराईयों के रास्तों को छोड़कर सभी अच्छे कार्य करें। अल्लाह की पनाह में जाने से सभी गुनाहों से माफी मिलेगी। मौलाना लतीफ नदवी
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