फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Ayurveda College OPD locked. patients stopped at the gate.

आयुर्वेद कॉलेज: ओपीडी में जड़ा ताला, गेट पर मरीजों को रोका

Fri, 25 Sep 2026 02:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:54 AM IST
विज्ञापन
Ayurveda College OPD locked. patients stopped at the gate.
बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र छात्राओं ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग करते हुए धरना
झांसी। आयुर्वेद कॉलेज के बीए.एमएस विद्यार्थियों एवं इंटर्न ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को नारेबाजी कर ओपीडी में ताले जड़ दिए। मुख्य गेट बंद करके रोगियों को प्रवेश करने से रोक दिया। एकेडमिक ब्लॉक गेट के बंद कर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। उन्होंने एलान किया कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक ओपीडी नहीं चलने देंगे। इस पर प्राचार्य ने डीएम और एसएसपी को पत्र भेज शुक्रवार की ओपीडी सुचारु चलाने की व्यवस्था के लिए कहा है।
विज्ञापन

प्रदेश भर के बीए-एमएस विद्यार्थी एवं इंटर्न स्टाइपेंड 7,500 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार करने की मांग कर रहे हैं। इसके समर्थन में बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के छात्र-छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और परिसर में एकत्रित हो गए। इस दौरान पहुंचे इंटर्न ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद आंदोलित विद्यार्थी एवं इंटर्न नारेबाजी करते हुए ओपीडी पहुंचे और ओपीडी बंद कराकर ताले लगा दिए। उन्होंने रोगियों को रोकने के लिए मुख्य गेट को बंद कर दिया।
विज्ञापन

आंदोलित छात्रों ने एकेडमिक ब्लॉक के मुख्य गेट को बंद करके धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। आंदोलित विद्यार्थियों व इंटर्न ने एलान कर दिया जब तक उनकी इस्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक ओपीडी को चलने नहीं दिया जाएगा। आंदोलितों ने कॉलेज प्रशासन को पत्र देते हुए ओपीडी नहीं चलने देने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-लौटाए रोगी, दो का ही हुआ उपचार
आंदोलित छात्रों ने ओपीडी में पहुंचकर उपचार के लिए आए रोगियों को ओपीडी बंद होने की बात कहकर लौट दिया। जिसके चलते सिर्फ दो ही रोगियों का डॉक्टर उपचार कर सके। कॉलेज के अनुसार अस्पताल में 200 से ज्यादा की ओपीडी नियमित होती है।

- सहानुभूति की पैथी के बयान से है आक्रोश
भले ही स्टाइपेंड की मांग को लेकर विद्यार्थी आंदोलन की राह पर हैं मगर इससे ज्यादा उनमें गुस्सा ‘सहानुभूति की पैथी’ के बयान पर है। बृहस्पतिवार को आंदोलित छात्रों का कहना था कि स्टाइपेंड की मांग को लेकर मंत्री ने एक सप्ताह का भरोसा दिया था, मगर अब तक कुछ नहीं हुआ। इसके साथ ही कहा एक अधिकारी ने उनकी पैथी को सहानुभूति की पैथी बताया है, जो गलत है। यदि ऐसा है, तो सरकार को इसे बंद कर देना चाहिए। प्रवेश की काउंसलिंग शुरू होने वाली है, उसे बंद कर दें। आंदोलित विकास मोहन ने बताया स्टाइपेंड की मांग पर आश्वासन मिला, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। ऊपर से एक अधिकारी कह रहे हैं कि यह सहानुभूति की पैथी है, जो स्वीकार नहीं है। राखी ने कहा पांच हजार वर्ष से चल रही पैथी को एक अफसर सहानुभूति की पैथी कह रहे हैं, जो निंदनीय है। अनु चौधरी ने कहा कि यह कतई गवारा नहीं कि कोई आयुर्वेद को सहानुभूति की पैथी कहे। यशवीर ने कहा एक अधिकारी की आयुर्वेद का सहानुभूति की पैथी कहा है, जो घोर निंदनीय है। इसलिए स्टाइपेंड की बढ़ोत्तरी और संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।



वर्जन
आयुर्वेद कॉलेज में शुक्रवार की सुबह ओपीडी सुचारु रूप से संचालित कराने के लिए डीएम और एसएसपी को पत्र भेज दिया है। रोगियों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया है।
-प्रो. माखन लाल, प्राचार्य आयुर्वेद कॉलेज, झांसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed