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Jhansi News: दुष्कर्म पीड़िताओं ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए अपने बयान
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झांसी। रेल कोच में दुष्कर्म का शिकार हुईं दोनों पीड़िताओं के बुधवार को जीआरपी थाने में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज किए गए। इस दौरान महिलाओं ने बारी-बारी से अपनी आपबीती बताते हुए घटना से जुड़ीं जानकारियां दीं।
रविवार को सेना के कोच में दो महिलाओं के साथ दुष्कर्म की वारदात हुई थी। महिलाओं ने घटना का आरोप तीन सैन्य कर्मियों पर लगाया था। तीनों आरोपी बिहार के सिवान जिले के रहने वाले संदीप तिवारी, देहरादून के ऋषिकेश के गुमानी निवासी सुरेश रावत और पंजाब के होशियारपुर जिले के रविंदर कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बुधवार को पीड़ित महिलाओं ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान पीड़िताओं ने मजिस्ट्रेट को स्टेशन के बाहर से सेना के कोच तक पहुंचने और उसके बाद के घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी। महिलाओं ने बताया कि उन्हें धोखे से कोच में ले जाया गया था। महिलाओं ने यह भी बताया कि वह अनुसूचित जाति से आती हैं। इसका प्रमाण प्रस्तुत करेंगी।
पत्नी बोली पति 19 साल से हैं फौज में, कभी अनुशासनहीनता नहीं की
झांसी। घटना के आरोपी रविंदर कुमार की पत्नी राधा बुधवार को अपने एक रिश्तेदार के साथ पंजाब के होशियारपुर से झांसी पहुंची। यहां अमर उजाला से हुई बातचीत में राधा ने बताया कि उसके पति पिछले 19 साल से फौज में नौकरी कर रहे हैं। कभी भी उन्होंने अनुशासनहीनता नहीं की। उनकी गिनती सेना के अनुशासित कर्मचारियों में होती है। दुष्कर्म के इस मामले में उन्हें गलत फंसाया गया है। वह अपने पति को बहुत अच्छे से जानती हैं। उनसे कभी ऐसी गलती नहीं हो सकती। राधा ने बताया कि उसके पति की तीन-चार साल झांसी की बबीना छावनी में भी पोस्टिंग रह चुकी है। वह भी उनके साथ यहां रह चुकी है। उनके 13 और 11 साल के दो बेटे हैं। सोमवार को उन्हें घटना के बारे में एक दोस्त के जरिये जानकारी मिली। इसके बाद से ही परिवार का बुरा हाल बना हुआ है। पत्नी बोली पूरा परिवार सदमे में है। किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि अब उन्हें करना क्या है।
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पिता बोले अगले साल होना था बेटे को रिटायर, पता नहीं अब क्या होगा
झांसी। घटना के एक अन्य आरोपी सैन्य कर्मी सुरेश रावत के पिता रामसिंह रावत भी बुधवार को अपने एक रिश्तेदार के साथ झांसी पहुंच गए। अमर उजाला से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका बेटा 2001 में फौज में शामिल हुआ था। अगले साल उसे रिटायर होना था, लेकिन पता नहीं अब क्या होगा। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले आरोपी सैन्य कर्मी के पिता ने बताया कि बेटे को शुरुआत से ही फौज में जाने का जुनून था। फौज में शामिल होने के बाद बेटे ने देश की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। 12वीं पास करने के बाद वह फौज में शामिल हो गया था। इसके बाद नौकरी करते हुए उसने स्नातक तक की पढ़ाई की। बचपन से लेकर अब तक उसकी कभी भी कोई शिकायत नहीं आई। यह मामला भी सच्चा नहीं है। इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
मामले की रिपोर्ट लेने लेह से झांसी पहुंचे अफसर
झांसी। दुष्कर्म के आरोपी सुरेश रावत की तैनाती लेह लद्दाख में थी। उसे सेना की कोच की सुरक्षा के लिए झांसी भेजा गया था। सोमवार को घटना की जानकारी लेह लद्दाख में उसकी यूनिट को मिली। इसके तत्काल बाद वहां से एक अफसर झांसी के लिए चल दिए, जो बुधवार को यहां पहुंचे। उन्होंने यहां जीआरपी से घटना से जुड़ीं सारी जानकारियां जुटाईं।
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रविवार को सेना के कोच में दो महिलाओं के साथ दुष्कर्म की वारदात हुई थी। महिलाओं ने घटना का आरोप तीन सैन्य कर्मियों पर लगाया था। तीनों आरोपी बिहार के सिवान जिले के रहने वाले संदीप तिवारी, देहरादून के ऋषिकेश के गुमानी निवासी सुरेश रावत और पंजाब के होशियारपुर जिले के रविंदर कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बुधवार को पीड़ित महिलाओं ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान पीड़िताओं ने मजिस्ट्रेट को स्टेशन के बाहर से सेना के कोच तक पहुंचने और उसके बाद के घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी। महिलाओं ने बताया कि उन्हें धोखे से कोच में ले जाया गया था। महिलाओं ने यह भी बताया कि वह अनुसूचित जाति से आती हैं। इसका प्रमाण प्रस्तुत करेंगी।
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पत्नी बोली पति 19 साल से हैं फौज में, कभी अनुशासनहीनता नहीं की
झांसी। घटना के आरोपी रविंदर कुमार की पत्नी राधा बुधवार को अपने एक रिश्तेदार के साथ पंजाब के होशियारपुर से झांसी पहुंची। यहां अमर उजाला से हुई बातचीत में राधा ने बताया कि उसके पति पिछले 19 साल से फौज में नौकरी कर रहे हैं। कभी भी उन्होंने अनुशासनहीनता नहीं की। उनकी गिनती सेना के अनुशासित कर्मचारियों में होती है। दुष्कर्म के इस मामले में उन्हें गलत फंसाया गया है। वह अपने पति को बहुत अच्छे से जानती हैं। उनसे कभी ऐसी गलती नहीं हो सकती। राधा ने बताया कि उसके पति की तीन-चार साल झांसी की बबीना छावनी में भी पोस्टिंग रह चुकी है। वह भी उनके साथ यहां रह चुकी है। उनके 13 और 11 साल के दो बेटे हैं। सोमवार को उन्हें घटना के बारे में एक दोस्त के जरिये जानकारी मिली। इसके बाद से ही परिवार का बुरा हाल बना हुआ है। पत्नी बोली पूरा परिवार सदमे में है। किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि अब उन्हें करना क्या है।
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पिता बोले अगले साल होना था बेटे को रिटायर, पता नहीं अब क्या होगा
झांसी। घटना के एक अन्य आरोपी सैन्य कर्मी सुरेश रावत के पिता रामसिंह रावत भी बुधवार को अपने एक रिश्तेदार के साथ झांसी पहुंच गए। अमर उजाला से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका बेटा 2001 में फौज में शामिल हुआ था। अगले साल उसे रिटायर होना था, लेकिन पता नहीं अब क्या होगा। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले आरोपी सैन्य कर्मी के पिता ने बताया कि बेटे को शुरुआत से ही फौज में जाने का जुनून था। फौज में शामिल होने के बाद बेटे ने देश की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। 12वीं पास करने के बाद वह फौज में शामिल हो गया था। इसके बाद नौकरी करते हुए उसने स्नातक तक की पढ़ाई की। बचपन से लेकर अब तक उसकी कभी भी कोई शिकायत नहीं आई। यह मामला भी सच्चा नहीं है। इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
मामले की रिपोर्ट लेने लेह से झांसी पहुंचे अफसर
झांसी। दुष्कर्म के आरोपी सुरेश रावत की तैनाती लेह लद्दाख में थी। उसे सेना की कोच की सुरक्षा के लिए झांसी भेजा गया था। सोमवार को घटना की जानकारी लेह लद्दाख में उसकी यूनिट को मिली। इसके तत्काल बाद वहां से एक अफसर झांसी के लिए चल दिए, जो बुधवार को यहां पहुंचे। उन्होंने यहां जीआरपी से घटना से जुड़ीं सारी जानकारियां जुटाईं।