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शहर भर की मस्जिदों में पढ़ी गई तरावीह

Tue, 07 May 2019 02:05 AM IST
jhansi Published by: देवेंद्र कुमार Updated Tue, 07 May 2019 02:05 AM IST
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झांसी। रमजानुल मुबारक के पाक महीने का आगाज होते ही मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में रात को चहल-पहल बढ़ गई है। सोमवार की रात को इशा की नमाज के बाद शहर भर की तीन सौ से अधिक मस्जिदों और अन्य स्थानों पर तरावीह की विशेष नमाज का एहतेमाम किया गया। तरावीह पढ़ने के बाद लोगों ने सहरी के लिए खरीदारी की। इसकी वजह से देर रात तक दुकानें भी खुली रहीं। रमजान के महीने को तीन अशरों में बांटा गया है। पहला अशरा रहमत, दूसरा बरकत और तीसरा निजात का है।
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इस्लाम में रोजे भी हर बालिग पर फर्ज किए गए हैं। रमजान में ही अल्लाह ने कुरान भी नाजिल किया था। इसलिए रमजान का चांद निकलने के बाद मस्जिदों में तरावीह का सिलसिला शुरू होता है। तरावीह में बीस रकात के दौरान हाफिज कुरान का पाठ करते हैं और उनके पीछे नमाजी नीयत बांधकर सुनते हैं। तरावीह ईद का चांद नजर आने के बाद ही खत्म होती है। इसलिए सोमवार की रात को शहर भर की मस्जिदों में लोगों ने तरावीह का नमाज अदा की। कई स्थानों पर हफ्ते और दस दिन में ही तरावीह में कुरान का पाठ मुकम्मल करने का इंतजाम किया गया है। तमाम लोगों को बाहर जाना होता है तो वह जल्द ही कुरान का पाठ सुन लेते हैं। इसके बाद वह कहीं पर भी बीस रकात तरावीह की नमाज पढ़ सकते हैं। शाम को रमजान का चांद दिखने के बाद लोगों ने दुआ भी मांगी। इस दौरान लोगों ने आतिशबाजी कर खुशी भी मनाई। मुफ्ती साबिर अंसारी ने बताया कि रमजान रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना है। इस पूरे महीने में मुसलमान भूखा - प्यासा रहकर रोजा रखता है। ऐसे में जरा सी नादानी उसके रोजे पर भारी पड़ सकती है। रमजान सब्र का महीना है। रोजे के दौरान किसी से भी न उलझें और कोई उलझे भी तो कह दें कि वह रोजे से हैं।
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रमजान के लिए उलमा ने जारी की हेल्पलाइन
व्हाट्सएप नंबर भी किया गया जारी, जोहर से इशा तक कर सकेंगे बात
पहले रोजेे से होगी शुरुआत, मसले व फतवेे संबंधी जानकारियां भी ले सकेेंगे
जावेद असलम - अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पवित्र रमजान माह में रोजेदारों की शंकाओं को घर बैठे दूर किया जाएगा। रोजे के दौरान आने वाली परेशानियों को दूर करने की के लिए हेल्पलाइन नंबर व व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया है जिसमें मुफ्ती व उलमा से हर तरह की शंका दूर कर जवाब हासिल किया जा सकेगा। इसके अलावा, मस्जिद बिसाती बाजार में दारुल इफ्ता मदरसा तालीम-उल-कुरान में भी मसले व फतवे संबंधित जानकारी दी जा रही है।
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मंगलवार को पहला रोजा है। रमजान में लोग महत्वपूर्र्ण जानकारियोें से महरूम रहते हैं। इसके अलावा, नासमझी में कई गलतियां कर बैठते हैं, जिससे रोजा टूटने का खतरा बना रहता है। ऐसे में  मस्जिद बिसाती बाजार में दारुल इफ्ता मदरसा तालीम-उल-कुरान की तरफ से लोगोें की शंकाओें को दूर किया जा रहा है जिसमें मसले व फतवे संबंधी कई जानकारियां दी जा रही हैं।
वहीं,  मदरसे की तरफ से हेल्पलाइन नंबर 9451489007 व व्हाट्सएप नंबर 9454074881 व 8299321614 जारी किया गया है। मंगलवार पहले रोजे से हेल्पलाइन नंबर शुरू कर दिया जाएगा। मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप नंबर के जरिए मुफ्ती मोहम्मद साबिर अंसारी के नेत़ृत्व में मुफ्ती अनस, मुफ्ती इजलाफ, मुफ्ती खालिद और मुफ्ती आरिफ शरीयत के हिसाब से रोजेदारों के सवालों के जवाब देंगे।

दोपहर से मिलेगी हर जानकारी
मंगलवार सुबह से शुरू होने वाले हेल्पलाइन नंबर 9451489007 व व्हाट्सएप नंबर 9454074881 पर नंबर जोहर की नमाज के बाद से इशा की नमाज से पहले जानकारी ली जा सकेगी। यदि कोई बड़ा मसला सामने आता है तो सभी मुफ्ती गहन मंत्रणा कर जवाब देंगे।

महिलाओें को भी सुविधा
इन नंबरों पर महिलाओें भी अपनी शंका को दूर कर सकेंगी, लेकिन उनको केवल व्हाट्सएन नंबर पर ही अपना सवाल करना होगा। फोन पर उलमा महिलाओं से बात नहीं करेंगे। इसके लिए महिला वेे व्हाट्सएप नंबर का ही इस्तेमाल करें।




रोजे में भी रखें सेहत का ख्याल
- चिकित्सकों के मुताबिक शरीर में न होने दें पानी की कमी
- डायबिटीज मरीज रोजे में दवा की खुराक को कर दें आधी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। भीषण गर्मी में रमजान का मुकद्दस महीना शुरू होने जा रहा है। रोजेदार अल्लाह का हुक्म मानने के लिए दिन भर भूखे - प्यासे रहकर रोजा रखेंगे। हालांकि, इन दिनों गर्मी बहुत ज्यादा पड़ रही है, इसलिए चिकित्सकों ने रोजेदारों को सेहत के लिए कई एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों ने ब्लडप्रेशर, डायबिटीज, हार्ट एवं माइग्रेन से पीड़ित मरीजों के अलावा स्वस्थ लोगों को विशेष तौर पर ध्यान रखने की सलाह दी है, ताकि रमजान में सेहत बनी रहे।
मंगलवार को रमजान का पहला रोजा है। गर्मी शबाब पर है। ऐसे में पढ़ार्ई करने वाले या दूसरे कामकाजी लोगों को रोजे में इबादत के साथ अपनी सेहत का भी ख्याल रखना बहुत जरूरी है। रमजान के मुकद्दस महीने में जो लोग रोजा रखते हैं, उन्हें फिट रहने के लिए कई चीजोें का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। पोषण आहार के साथ दिन की शुरुआत करना बेहतर होगा। शाम में रोजा खोलने के वक्त भी कुछ बातों का ख्याल रखकर खुद को कमजोरी से बचा सकते हैं। सेहत का ख्याल रखने के लिए यह जरूरी है कि संतुलित खाना खाया जाए। रमजान में इफ्तार व सहरी के समय अनाज, खजूर, केला, जूस, और हरी सब्जियां आदि का सेवन करें। इनमें फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, पोटोशियम जैसेे तत्व होते हैं जो शरीर को मजबूत बनाते हैं। इनसे भूख भी कम लगेगी और एसिडिटी की शिकायत भी नहीं होगी।  महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. जकी सिद्दीकी ने बताया कि रोजेदार इन सारी बातों का ध्यान रखेंगे तो उनको किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।

तो हो सकती समस्याएं
पारा बढ़ने के साथ ही पसीने के जरिए शरीर से काफी मात्रा में पानी निकल जाता है जिसकी पूर्ति पानी पीने से होती है। रोजे में पानी न पीने से शरीर में डीहाइड्रेशन की परेशानी हो सकती है जिससे कमजोरी, सिरदर्द, पीठ दर्द एवं हाथों एवं पांव में झुनझुनी होती है। चिकित्सकों के मुताबिक शरीर में पानी की कमी से बीमारियां होने की आशंका है। रोजेदारों को चाहिए कि वह शाम को इफ्तारी के बाद एवं अगले दिन रोजा की शुरुआत से 15 गिलास पानी पीने की सलाह दी है। ऐसा न करने पर रोजेदारों में सांस, हार्ट, ब्लडप्रेशर हाई होने की संभावना होती है।


डायबिटिक रखें ख्याल
अगर आप डायबिटिक रोजेदार हैं तो उसे विशेष ख्याल रखें। चिकित्सकों ने मुताबिक शुगर लेबल लो या हाई के मरीज को रोजा न रखने की सलाह दी है। अगर रोजा रखना ही हो तो पूरे रमजान खुद की भरपूर केयर करें। क्योंकि डायबिटिक के अचानक बढ़ने या कम होने से परेशान पैदा हो सकती है। मरीज को दवा खाने का समय बदल देना चाहिए। सुबह की दवा शाम और शाम की दवा सुबह खानी चाहिए। शाम की खुराक आधी लें, ताकि शरीर में बैलेंस बरकरार रहे।

रोजेदारों रखें ख्याल
- बिना किसी जरूरत के घर से बाहर न निकलें।
- घर से बाहर निकलना पड़े तो पूरे कपड़े पहनें।
- स्थान को ठंडा बनाए रखने की कोशिश करें।
- संभव हो तो गीले कपड़े को सिर पर रखकर काम करें।
- इफ्तार में कम से कम डायट लेने का प्रयास करें।
- मरीज दवाइयों की डोज को थोड़ा कम कर दें।
- इफ्तार से सहरी के बीच में खूब पानी पिएं।
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