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राहुल के दौरे से बुंदेलखंड में कांग्रेस को मिली संजीवनी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Sep 2016 12:43 AM IST
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rahul gandhi, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। बुंदेलखंड में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दौरे से कांग्रेस को संजीवनी मिल गई है। उत्साह से भरे कार्यकर्ताओं ने विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। अब कार्यकर्ताओं ने चार अक्तूबर को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर और प्रमोद तिवारी के झांसी और ललितपुर दौरे को भी सफल बनाने के लिए कमर कस ली है।
उत्तर प्रदेश में विश्वनाथ प्रताप सिंह की आंधी से 1989 में जनता दल के सामने कांग्रेस ऐसी धराशायी हुई, जो 27 वर्षों मेें सत्ता के नजदीक तक नहीं पहुंच पाई है। अबकी बार जमीनी तौर पर काफी कमजोर हालत में कांग्रेस को जैसे पीके की रणनीति ने पंख लगा दिए हैं। पहले भी बुंदेलखंड का दौरा कर चुके राहुल से कांग्रेस को कोई विशेष सफलता नहीं मिली, लेकिन इस बार बुंदेलखंड में राहुल गांधी का दौरा कांग्रेस के लिए संजीवनी मिलने जैसा लगने लगा है। काफी आत्मविश्वास से भरे कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंक देने की बात कर रहे हैं।
पीके की रणनीति का ही कमाल है कि स्थानीय कार्यकर्ता मुख्य रूप से ब्राह्मण, दलित और आम ग्रामीण मतदाताओं पर फोकस कर रहे हैं। उनका मानना है कि हिंदू समाज को लीड करने वाले ब्राह्मण के कांग्रेस से विमुख होने से अन्य वर्ग भी कांग्रेस से दूर होते चले गए और वे कांग्रेस की तरफ नहीं पलट रहे हैं। ब्राह्मण के लौटते ही कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मजबूत हो जाएगी। माना जा रहा है कि भाजपा में वैश्य समाज का बढ़ता वर्चस्व ब्राह्मणों में अपने अस्तित्व की चिंता का विषय बन रहा है, इसलिए कांग्रेस ही उनकी दुबारा पसंद बन सकती है। इसमें कांग्रेस को कितनी सफलता मिलती है, यह तो वक्त बताएगा। इस समय तो राहुल गांधी के दौरे के बाद आत्मविश्वास से भरे कांग्रेसी जनसंपर्क में जुट गए हैं।
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कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के झांसी में रोडशो के दौरान जुटी भीड़ की तरह ही अब 04 अक्तूबर को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं फिल्म अभिनेता राजबब्बर के झांसी, बबीना, ललितपुर और महरौनी के दौरे के दौरान भी अच्छी भीड़ जुटाने की तैयारी में लग गए हैं। राजबब्बर के साथ कांग्रेस के बड़े ब्राह्मण चेहरा सांसद प्रमोद तिवारी के भी आने की संभावना है। राजब्बर के बाद प्रियंका गांधी के आने का कार्यक्रम भी माना जा रहा है। चुनाव अभियान समितियां गठित की जा रही हैं। ये समिति ही प्रत्येक वार्ड में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का काम करेंगी। वरिष्ठ नेताओं को आगे लाकर सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की भी रणनीति अपनाई जा रही है।
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हाल-ए-कांग्रेस
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विधानसभा में आखिरी बार पहुंचे कांग्रेसी
झांसी- प्रदीप जैन आदित्य (2004 उपचुनाव)
बबीना- बेनीबाई (1985)
गरौठा- रणजीत सिंह जूदेव (1991)
मऊरानीपुर- बिहारीलाल आर्य (1993)
- कांग्रेस विधानसभा चुनाव की तैयारियां पूरी मुस्तैदी से कर रही है। इस बार पार्टी विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
- प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री ।
- राहुल गांधी के रोड शो से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जुमलों को जनता नकार चुकी है। लोग अब कांग्रेस को पसंद कर रहे हैं।-इम्तियाज हुसैन, अध्यक्ष, शहर कांग्रेस कमेटी।
-राहुल गांधी के रोडशो में उमड़ी भीड़ से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब वह फिर से कांग्रेस को आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। इसका परिणाम विधानसभा चुनाव में नजर आएगा।
-चंद्रशेखर तिवारी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी।
- राहुल गांधी के दौरे से 27 साल की निराशा खत्म हो गई है। देश में बहुसंख्यक किसानों की आबादी को ध्यान में रखते हुए ही राहुल गांधी किसान यात्रा निकाल रहे हैं। कांग्रेस को इसका फायदा होगा।
- अनिल झा,वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता।
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उत्तर प्रदेश में विश्वनाथ प्रताप सिंह की आंधी से 1989 में जनता दल के सामने कांग्रेस ऐसी धराशायी हुई, जो 27 वर्षों मेें सत्ता के नजदीक तक नहीं पहुंच पाई है। अबकी बार जमीनी तौर पर काफी कमजोर हालत में कांग्रेस को जैसे पीके की रणनीति ने पंख लगा दिए हैं। पहले भी बुंदेलखंड का दौरा कर चुके राहुल से कांग्रेस को कोई विशेष सफलता नहीं मिली, लेकिन इस बार बुंदेलखंड में राहुल गांधी का दौरा कांग्रेस के लिए संजीवनी मिलने जैसा लगने लगा है। काफी आत्मविश्वास से भरे कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंक देने की बात कर रहे हैं।
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पीके की रणनीति का ही कमाल है कि स्थानीय कार्यकर्ता मुख्य रूप से ब्राह्मण, दलित और आम ग्रामीण मतदाताओं पर फोकस कर रहे हैं। उनका मानना है कि हिंदू समाज को लीड करने वाले ब्राह्मण के कांग्रेस से विमुख होने से अन्य वर्ग भी कांग्रेस से दूर होते चले गए और वे कांग्रेस की तरफ नहीं पलट रहे हैं। ब्राह्मण के लौटते ही कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मजबूत हो जाएगी। माना जा रहा है कि भाजपा में वैश्य समाज का बढ़ता वर्चस्व ब्राह्मणों में अपने अस्तित्व की चिंता का विषय बन रहा है, इसलिए कांग्रेस ही उनकी दुबारा पसंद बन सकती है। इसमें कांग्रेस को कितनी सफलता मिलती है, यह तो वक्त बताएगा। इस समय तो राहुल गांधी के दौरे के बाद आत्मविश्वास से भरे कांग्रेसी जनसंपर्क में जुट गए हैं।
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कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के झांसी में रोडशो के दौरान जुटी भीड़ की तरह ही अब 04 अक्तूबर को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं फिल्म अभिनेता राजबब्बर के झांसी, बबीना, ललितपुर और महरौनी के दौरे के दौरान भी अच्छी भीड़ जुटाने की तैयारी में लग गए हैं। राजबब्बर के साथ कांग्रेस के बड़े ब्राह्मण चेहरा सांसद प्रमोद तिवारी के भी आने की संभावना है। राजब्बर के बाद प्रियंका गांधी के आने का कार्यक्रम भी माना जा रहा है। चुनाव अभियान समितियां गठित की जा रही हैं। ये समिति ही प्रत्येक वार्ड में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का काम करेंगी। वरिष्ठ नेताओं को आगे लाकर सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की भी रणनीति अपनाई जा रही है।
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हाल-ए-कांग्रेस
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विधानसभा में आखिरी बार पहुंचे कांग्रेसी
झांसी- प्रदीप जैन आदित्य (2004 उपचुनाव)
बबीना- बेनीबाई (1985)
गरौठा- रणजीत सिंह जूदेव (1991)
मऊरानीपुर- बिहारीलाल आर्य (1993)
- कांग्रेस विधानसभा चुनाव की तैयारियां पूरी मुस्तैदी से कर रही है। इस बार पार्टी विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
- प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री ।
- राहुल गांधी के रोड शो से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जुमलों को जनता नकार चुकी है। लोग अब कांग्रेस को पसंद कर रहे हैं।-इम्तियाज हुसैन, अध्यक्ष, शहर कांग्रेस कमेटी।
-राहुल गांधी के रोडशो में उमड़ी भीड़ से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब वह फिर से कांग्रेस को आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। इसका परिणाम विधानसभा चुनाव में नजर आएगा।
-चंद्रशेखर तिवारी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी।
- राहुल गांधी के दौरे से 27 साल की निराशा खत्म हो गई है। देश में बहुसंख्यक किसानों की आबादी को ध्यान में रखते हुए ही राहुल गांधी किसान यात्रा निकाल रहे हैं। कांग्रेस को इसका फायदा होगा।
- अनिल झा,वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता।