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पीएम आवास योजना के लिए तीसरी किस्त का इंतजार
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झांसी। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के दूसरे चरण के तहत जनपद से सात हजार लाभार्थी चुने गए हैं। आवास के लिए लाभार्थियों को दो किस्त जारी की जा चुकी हैं, लेकिन तीसरी किस्त के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। तीसरी किस्त न मिलने से कई लाभार्थियों का काम पूरा नहीं हो पा रहा है।
निराश्रित लोगों को आवास मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने 2016 मेें पीएम आवास योजना आरंभ की थी। इसके जरिए सामाजिक, आर्थिक जनगणना-2011 के आधार पर पर लाभार्थियों का चयन हुआ। पहला चरण पूरा होने के बाद भी बड़ी संख्या में बेघर आबादी के बारे में मालूम चला था। इसके बाद सरकार ने वर्ष 2020में दूसरा चरण आरंभ करने का निर्णय लिया। इसके जरिए आवास की लागत कुल 1.20 लाख तय हुई। लाभार्थी को यह रकम तीन किस्तों में दी जानी थी। इसके अलावा लाभार्थी को मनरेगा से 90 दिन की मजदूरी, शौचालय निर्माण के लिए 12000 रुपये एवं उज्जवला योजना के तहत गैस सिलिंडर एवं मुफ्त में विद्युत कनेक्शन भी दिए जाने हैं।
दूसरे चरण में जनपद में कुल 7392 आवास स्वीकृत हुए। इनमें से अधिकांश लाभार्थियोें को दूसरी किस्त दो माह पहले आवंटित हो चुकी लेकिन, अंतिम किस्त न मिलने से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। पचास फीसदी से अधिक लाभार्थी तीसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं। पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत बबीना ब्लॉक में 511, बडा़गांव में 395, बामौर में 973, बंगरा में 618, चिरगांव में 1136, गुरसराय में 1726, मऊरानीपुर में 995 एवं मोंठ में 1038 आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, सीडीओ शैलेष कुमार का कहना है कि बजट की कमी नहीं है। बजट स्वीकृत हो गया है। फिनीशिंग स्टेज पर आने वाले भवनों के लिए ही तीसरी किस्त दी जा रही है। जिन लाभार्थियों के आवास इस स्तर पर पहुंच गए हैं, उनको तीसरी किस्त जारी की जाएगी।
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निराश्रित लोगों को आवास मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने 2016 मेें पीएम आवास योजना आरंभ की थी। इसके जरिए सामाजिक, आर्थिक जनगणना-2011 के आधार पर पर लाभार्थियों का चयन हुआ। पहला चरण पूरा होने के बाद भी बड़ी संख्या में बेघर आबादी के बारे में मालूम चला था। इसके बाद सरकार ने वर्ष 2020में दूसरा चरण आरंभ करने का निर्णय लिया। इसके जरिए आवास की लागत कुल 1.20 लाख तय हुई। लाभार्थी को यह रकम तीन किस्तों में दी जानी थी। इसके अलावा लाभार्थी को मनरेगा से 90 दिन की मजदूरी, शौचालय निर्माण के लिए 12000 रुपये एवं उज्जवला योजना के तहत गैस सिलिंडर एवं मुफ्त में विद्युत कनेक्शन भी दिए जाने हैं।
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दूसरे चरण में जनपद में कुल 7392 आवास स्वीकृत हुए। इनमें से अधिकांश लाभार्थियोें को दूसरी किस्त दो माह पहले आवंटित हो चुकी लेकिन, अंतिम किस्त न मिलने से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। पचास फीसदी से अधिक लाभार्थी तीसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं। पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत बबीना ब्लॉक में 511, बडा़गांव में 395, बामौर में 973, बंगरा में 618, चिरगांव में 1136, गुरसराय में 1726, मऊरानीपुर में 995 एवं मोंठ में 1038 आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, सीडीओ शैलेष कुमार का कहना है कि बजट की कमी नहीं है। बजट स्वीकृत हो गया है। फिनीशिंग स्टेज पर आने वाले भवनों के लिए ही तीसरी किस्त दी जा रही है। जिन लाभार्थियों के आवास इस स्तर पर पहुंच गए हैं, उनको तीसरी किस्त जारी की जाएगी।
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