फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Playing with health: Antibiotic turned out to be fake... less vitamins found in the tablet

सेहत से खिलवाड़: नकली निकली एंटीबायोटिक... टैबलेट में कम मिला विटामिन

Sun, 26 May 2024 03:56 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2024 03:56 AM IST
विज्ञापन
Playing with health: Antibiotic turned out to be fake... less vitamins found in the tablet
- औषधि प्रशासन विभाग ने दवा निर्माता कंपनियों को भेजे नोटिस
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अगर आप हड्डियाें को मजबूत करने के लिए विटामिन डी-3 की टैबलेट ले रहे हैं या बीमारी से जल्द निजात पाने के लिए एंटीबायोटिक खाते हैं, तो सावधान हो जाइए। क्योंकि बीमारी दूर करने वाली दवा ही आपको बीमार बना सकती है। हाल ही में हुई जांच में पंद्रह फीसदी दवाओं के नमूने फेल हुए हैं। इसमें एक एंटीबायोटिक दवा नकली पाई गई है। जबकि, हड्डी मजबूत करने वाली टैबलेट में विटामिन डी-3 की मात्रा आधी से भी कम मिली। साथ ही स्टेरॉयड में भी तत्व कम मिले। अब औषधि प्रशासन विभाग ने दवा निर्माता कंपनियों को नोटिस भेजकर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
औषधि प्रशासन विभाग ने जनवरी 2024 से मई तक अलग-अलग मेडिकल स्टोर से 30 दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजे थे। यहां जांच के दौरान 15 फीसदी दवाओं के नमूने फेल हो गए हैं। प्रभारी सहायक आयुक्त औषधि मुकेश पालीवाल ने बताया कि हड्डियों की मजबूती के लिए दी जाने वाली टैबलेट पर विटामिन डी-3 की मात्रा 100 मिलीग्राम लिखी थी, लेकिन जांच में यह 43.80 मिलीग्राम ही मिली।
विज्ञापन

इसी तरह, एक एंटीबायोटिक में एनहाइड्रस सेफिक्सिम की मात्रा 200 मिलीग्राम लिखी हुई थी, मगर यह 169.39 मिलीग्राम ही पाई गई। एक और एंटीबायोटिक दवा का नमूना जांच में फेल हुआ है। इसमें क्लैवुलैनिक एसिड की मात्रा 100 से 125 मिलीग्राम की जगह महज 8.41 मिलीग्राम ही मिली है। इन तीनाें दवाओं की निर्माण इकाई हिमाचल प्रदेश के सोलन में है। वहीं, उज्जैन में बनने वाली स्टेराॅयड टैबलेट में बीटामेथासोन सोडियम फॉस्फेट की मात्रा 57.50 मिलीग्राम मिली है। जबकि, यह 90 से 100 मिलीग्राम होनी चाहिए। ये टैबलेट मरीज की बीमारी ठीक करने के लिए दी जा रहीं दवाओं का असर जल्द शुरू करने के लिए दी जाती है। वहीं, रंग चितकबरा मिलने पर दर्द निवारक जेनरिक दवा एसिक्लोफेनिक 100 मिलीग्राम भी फेल हुई है। हालांकि, इसमें एसिक्लोफेनिक की मात्रा ठीक पाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
ये है घटिया और नकली दवा का मानक
प्रभारी सहायक आयुक्त औषधि मुकेश पालीवाल ने बताया कि जब किसी दवा में तत्वों की मात्रा 80 से 50 फीसदी के बीच मिलती है तो उसे अधोमानक यानी घटिया माना जाता है। वहीं, किसी दवा में तत्वों की मात्रा शून्य से 20 फीसदी मिलती है तो उसे नकली माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed