फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   This situation of the Corona era: six lakh masks made for women, no payment is being made now

कोरोना काल का ये हाल: महिलाओं से बनवा लिए छह लाख के मास्क, अब नहीं हो रहा भुगतान

Fri, 31 Jul 2020 03:17 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Fri, 31 Jul 2020 03:17 AM IST
विज्ञापन
This situation of the Corona era: six lakh masks made for women, no payment is being made now
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कर्ज में फंस गई हैं। इन ग्रामीण महिलाओं से महामारी के दौरान मास्क बनवाए गए। इसके जरिए उनको रोजगार दिलाने का भरोसा दिलाया गया। महिलाओं ने कर्ज लेकर घरों में मास्क बनाए।
विज्ञापन


करीब छह लाख रुपये के मास्क सभी ब्लॉक की पंचायतों को भेजे गए। लेकिन, दो महीने बाद भी पंचायती राज विभाग भुगतान नहीं कर सका है। भुगतान न मिलने से यह महिलाएं बेहद मायूस हैं।
विज्ञापन


कोविड महामारी के दौरान बड़ी संख्या में मास्क की जरूरतों को देखते हुए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं से मास्क बनवाए गए। ग्रामीण स्वत रोजगार महकमे ने इसके लिए 129 समूहों से 233 महिलाओं को चुना। मास्क बनाने के लिए महिलाओं को कपड़े दिए गए लेकिन, धागे एवं सिलाई मशीन का इंतजाम उन्होंने अपनी तरफ से किया। कई महिलाओं के पास मशीन नहीं थी लेकिन, आगे भी काम मिलने के भरोसे में उन्होंने मशीन एवं धागा उधार में ले लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई दिनों की मेहनत के बाद इन महिलाओं ने 34 हजार मास्क तैयार किए। मई माह में यह मास्क सभी आठों विकास खंड में 2500-5000 तक की संख्या में भेजे गए। इसी तरह नगर निगम, बैंक एवं स्कूलों को भी मास्क दिए गए। अन्य संस्थानों ने तो भुगतान कर दिया लेकिन, पंचायती राज महकमा इन महिलाओं को भुगतान करने को राजी नहीं है।

पिछले दो माह से अपने पैसों के लिए समूह की महिलाएं ब्लॉक एवं पंचायती राज विभाग के चक्कर काट कर परेशान हो चुकी हैं लेकिन उनको भुगतान नहीं किया जा रहा। अब समूह के पास पैसा न होने की वजह से यह महिलाएं दूसरा काम भी नहीं कर पा रही हैं।


इस संबंध में डीपीआरओ जगदीश राम से बात नहीं हो सकी जबकि उपायुक्त स्वत रोजगार डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र का कहना है इस बारे में कई बार पत्र पंचायती राज विभाग को भेजा जा चुका। जल्द ही समूह की महिलाओं को भुगतान कराने की कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed