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पैरोल पर आए बुजुर्ग कैदी का बेरहमी से कत्ल
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पैरोल पर आए बुजुर्ग कैदी का बेरहमी से कत्ल
एरच (झांसी)। रविवार सुबह दस बजे गोकुल गांव में आठ साल पहले हुई हत्या के मामले में दोषी पाए गए पैंसठ वर्षीय नेपाल सिंह की बेरहमी से गला काटकर हत्या कर दी गई। उसके हाथ भी काट दिए। नेपाल एक जून को ही आगरा जेल से पैरोल पर छूटकर घर आया था। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
19 फरवरी 2012 को गोकुल गांव के नन्हें सिंह उर्फ सुरेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी। नन्हें के भतीजे रामप्रताप ने गांव के नेपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालत ने नेपाल को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। उसे आगरा जेल में रखा गया था। कोरोना काल में परिजनों ने नेपाल को पैरोल पर छोड़ने के लिए न्यायालय में अर्जी लगाई थी। उसे एक जून को पैरोल पर छोड़ दिया गया था। तब से वह घर पर अपने परिवार के साथ ही रह रहा था।
रविवार को सुबह नौ बजे वह घर से रामजानकी मंदिर में दर्शन करने के लिए निकला था। मंदिर में दर्शन करने के बाद वह सुबह दस बजे घर के लिए लौट रहा था। रास्ते में नाले के पास घात लगाए बैठे हत्यारों ने धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। इसके साथ ही उसके दोनों हाथ भी काट दिए। हत्या करने के बाद हत्यारे फरार हो गए। घटना के बाद मौके से गुजरे लोगों ने नेपाल सिंह का शव पड़ा देखा तो घरवालों को जानकारी दी। सूचना पर सीओ मोंठ डॉ. प्रदीप सिंह समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जांच की। देर शाम नेपाल के भतीजे ने गांव के रामप्रताप, कल्लू पाल और संजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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एरच (झांसी)। रविवार सुबह दस बजे गोकुल गांव में आठ साल पहले हुई हत्या के मामले में दोषी पाए गए पैंसठ वर्षीय नेपाल सिंह की बेरहमी से गला काटकर हत्या कर दी गई। उसके हाथ भी काट दिए। नेपाल एक जून को ही आगरा जेल से पैरोल पर छूटकर घर आया था। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
19 फरवरी 2012 को गोकुल गांव के नन्हें सिंह उर्फ सुरेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी। नन्हें के भतीजे रामप्रताप ने गांव के नेपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालत ने नेपाल को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। उसे आगरा जेल में रखा गया था। कोरोना काल में परिजनों ने नेपाल को पैरोल पर छोड़ने के लिए न्यायालय में अर्जी लगाई थी। उसे एक जून को पैरोल पर छोड़ दिया गया था। तब से वह घर पर अपने परिवार के साथ ही रह रहा था।
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रविवार को सुबह नौ बजे वह घर से रामजानकी मंदिर में दर्शन करने के लिए निकला था। मंदिर में दर्शन करने के बाद वह सुबह दस बजे घर के लिए लौट रहा था। रास्ते में नाले के पास घात लगाए बैठे हत्यारों ने धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। इसके साथ ही उसके दोनों हाथ भी काट दिए। हत्या करने के बाद हत्यारे फरार हो गए। घटना के बाद मौके से गुजरे लोगों ने नेपाल सिंह का शव पड़ा देखा तो घरवालों को जानकारी दी। सूचना पर सीओ मोंठ डॉ. प्रदीप सिंह समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जांच की। देर शाम नेपाल के भतीजे ने गांव के रामप्रताप, कल्लू पाल और संजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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