{"_id":"645e8953466a35546a0d50a4","slug":"notice-to-150-families-not-giving-up-possession-jhansi-news-c-11-1-knp1023-93688-2023-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: कब्जा नहीं छोड़ रहे 150 परिवारों को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: कब्जा नहीं छोड़ रहे 150 परिवारों को नोटिस
विज्ञापन
झांसी। लखेरी बांध बने हुए करीब 11 साल हो गए हैं लेकिन अभी तक 115 परिवारों के कारण इसे पूरी क्षमता से नहीं भरा जा पा रहा है। जमीन अधिग्रहित होने के बाद भी इन परिवारों ने कब्जा नहीं छोड़ा है। सिंचाई विभाग की ओर से इन्हें नोटिस दी गई हैं और एक हफ्ते में कब्जा छोड़ने के लिए कहा गया है।
लखेरी बांध को बनाते समय बुढ़ाई, बचेरा और रेवन आंशिक गांवों के 950 लोगों से 2800 हेक्टेयर जमीन ली गई थी। इन्हें मुआवजा भी दे दिया गया लेकिन 115 परिवारों ऐसे हैं जो अभी तक अधिग्रहित जमीन पर ही बसे हुए हैं। इनके कब्जा न छोड़ने के कारण 15 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) क्षमता के बांध में सिर्फ आठ एमसीएम ही पानी स्टोर किया जा पा रहा है। इसके पीछे कारण है कि अगर पूरी क्षमता से बांध में पानी भरा गया तो इन परिवारों को नुकसान हो सकता है। इस बांध से गुरसराय, मऊरानीपुर और टहरौली क्षेत्र की सात नहरों को पानी दिया जाता है। क्षमता के अनुरूप बांध में पानी न होने के कारण इन नहरों में भी टेल तक पानी नहीं पहुंचाया जा पा रहा है।
इन 115 परिवारों को यहां से विस्थापित करने के लिए विभाग की ओर से पहले भी नोटिस जारी की जा चुकी हैं लेकिन अभी तक कब्जा न हटने पर अंतिम नोटिस दी गई है। सिंचाई विभाग निर्माण खंड पंचम के अधिशासी अभियंता सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि यदि एक हफ्ते में इन परिवारों ने कब्जा नहीं हटाया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जून से बांध को पूरी क्षमता से पानी उपलब्ध कराना है ताकि खरीफ सीजन में नहरों में भरपूर पानी उपलब्ध कराया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
लखेरी बांध को बनाते समय बुढ़ाई, बचेरा और रेवन आंशिक गांवों के 950 लोगों से 2800 हेक्टेयर जमीन ली गई थी। इन्हें मुआवजा भी दे दिया गया लेकिन 115 परिवारों ऐसे हैं जो अभी तक अधिग्रहित जमीन पर ही बसे हुए हैं। इनके कब्जा न छोड़ने के कारण 15 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) क्षमता के बांध में सिर्फ आठ एमसीएम ही पानी स्टोर किया जा पा रहा है। इसके पीछे कारण है कि अगर पूरी क्षमता से बांध में पानी भरा गया तो इन परिवारों को नुकसान हो सकता है। इस बांध से गुरसराय, मऊरानीपुर और टहरौली क्षेत्र की सात नहरों को पानी दिया जाता है। क्षमता के अनुरूप बांध में पानी न होने के कारण इन नहरों में भी टेल तक पानी नहीं पहुंचाया जा पा रहा है।
विज्ञापन
इन 115 परिवारों को यहां से विस्थापित करने के लिए विभाग की ओर से पहले भी नोटिस जारी की जा चुकी हैं लेकिन अभी तक कब्जा न हटने पर अंतिम नोटिस दी गई है। सिंचाई विभाग निर्माण खंड पंचम के अधिशासी अभियंता सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि यदि एक हफ्ते में इन परिवारों ने कब्जा नहीं हटाया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जून से बांध को पूरी क्षमता से पानी उपलब्ध कराना है ताकि खरीफ सीजन में नहरों में भरपूर पानी उपलब्ध कराया जा सके।
विज्ञापन