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नोटबंदी का बड़ा असर, रजिस्ट्री ठप

Mon, 14 Nov 2016 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 14 Nov 2016 12:11 AM IST
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Notbandi major impact, registry stalled
stamp news jhansi - फोटो : demo
पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद क्या हुए, रजिस्ट्री कार्यालय का तो माहौल ही बदल गया है। स्थिति यह है कि बुधवार से लेकर अब तक कोई रजिस्ट्री ही नहीं हुई है। विभागीय कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। कुछ लोग वसीयत कराने जरूर आए लेकिन कोई रजिस्ट्री कराने नहीं आ रहा है। इससे विभाग को अब तक स्टांप ड्यूटी के साठ लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। जो हालात हैं, उससे विभाग के हाल सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं।
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जिले के रजिस्ट्री कार्यालयों में एक दिन में 120 से 130 रजिस्ट्रयां होती हैं, इससे करीब बीस लाख रुपये स्टांप ड्यूटी के तौर पर राजस्व प्राप्त होता है। नवरात्र और दीपावली पर्व पर रजिस्ट्रयां ज्यादा होती हैं, क्योंकि लोगों का मानना है कि नवरात्र के दिनों में सभी दिन शुभ होते हैं। इसलिए, जमीनों की खरीद फरोख्त के सौदे भले ही पहले हो जाते हों, लेकिन जमीनों की रजिस्ट्री नवरात्र में होती है। इसी तरह दीपावली के आसपास रजिस्ट्रियां बढ़ जाती हैं। दीपावली के दौरान निबंधन कार्यालय में आम दिनों की अपेक्षा 15 से 40 प्रतिशत रजिस्ट्रयां ज्यादा हुईं।
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लेकिन, आठ नवंबर को प्रधानमंत्री द्वारा पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट बंद करने की घोषणा के बाद बृहस्पतिवार को निबंधन कार्यालय पर इसका असर दिखाई दिया। जमीनों की रजिस्ट्री का काम पूरी तरह से ठप हो गया। स्थिति यह बनी कि नोट बंद होने की घोषणा के तीन दिन बाद भी कोई व्यक्ति रजिस्ट्री कराने नहीं पहुंचा। निबंधन कार्यालय में सिर्फ वसीयत हो रही है। इसकी वजह वसीयत के लिए लगने वाले कागजात पर सिर्फ 120 रुपये खर्च हो रहे हैं, जिससे लोग आसानी से करा ले रहे हैं। इसके अलावा जमीनों के बैनामे भी वही हो रहे हैं, जिन्होंने पहले से स्टांप खरीद लिए हैं।
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नए नोट आएंगे, तभी लौटेगी रौनक
रजिस्ट्री कार्यालय में औसतन 25 से 30 लाख रुपये की प्रतिदिन रजिस्ट्रयां होती हैं। लेकिन, पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने से यह काम पूरी तरह से ठप पड़ा है। जब लोगों के पास नए नोट आएंगे, तभी निबंधन कार्यालयों में रौनक लौटेगी।
- एके पासवान
सहायक निबंधक
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