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'अपराजिता': छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर, 'डरें नहीं, डटकर मुकाबला करें'
Fri, 07 Dec 2018 01:28 AM IST
kapil sharma
jhansi
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Published by: kapil sharma
Updated Fri, 07 Dec 2018 01:28 AM IST
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aprajita 100 miliun smiles
- फोटो : amarujala
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अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत बृहस्पतिवार को ‘आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर’ में सूरज प्रसाद राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं को कराटे एक्सपर्ट और उनकी टीम ने आत्मरक्षा के तरीके सिखाए। छात्राओं को बताया गया कि डरें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें।
कराटे एक्सपर्ट मेवालाल राजपूत, उनकी टीम की ब्लैक बेल्टधारी पिंकी रायकवार व पूनम ने आत्मरक्षा के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि यदि कोई छेड़छाड़ करता है तो छात्राएं अपने पास मौजूद चाबी, दुपट्टा, पेन, क्लिप, कापी और किताब को हथियार बना सकती हैं। उन्होंने कराटे कला का प्रदर्शन किया और कहा कि यदि कोई ओछी हरकत करता है तो किस तरह से सबक सिखाया जा सकता है। डरने की कोई जरूरत नहीं, बल्कि यदि हिम्मत से काम लेते हैं तो सामने वाला कोई हरकत करने से पहले सौ बार सोचेगा। छात्राओं को बताया गया कि नियमित व्यायाम करने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि शरीर में स्फूर्ति भी रहती है।
छात्राओं को जानकारी दी गई कि यदि अकेले ऑटो में बैठकर कहीं जाना है तो बैठने से पहले ऑटो के नंबर का फोटो ले लें या उसे याद कर लें। परिवारवालों को ऑटो का नंबर भेज दें, ताकि कोई घटना होने पर परिजनों को पूरी जानकारी मिल सके।
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इस मौके पर प्रधानाचार्य संध्या चतुर्वेदी, वरिष्ठ प्रवक्ता आलोक मालवीय, अस्मा खान, प्रीति, अलक्षा पांडे, रेनू शुक्ला, रचना नामदेव, बीना श्रीवास्तव, मंजूषा सचान, लीला शर्मा, अरुणा अग्रवाल मौजूद रहीं।
बहुत कुछ सीख लिया
अमर उजाला की अपराजिता मुहिम नारी गरिमा को बढ़ाने वाली है। आत्मरक्षा के प्रशिक्षण शिविर में बहुत कुछ सीखा है। इससे पहले अपनी सुरक्षा का बोध नहीं था। इस मुहिम से नारी की गरिमा बढ़ेगी।
- आसना, छात्रा
रास्ते में डर नहीं लगेगा
अभी तक राह चलते डर सा लगा रहता था, लेकिन आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेने के बाद अब डर समाप्त हो गया है। स्वयं को कमजोर महसूस नहीं करूंगी। बल्कि यदि कोई छेड़छाड़ की हिम्मत करता है तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।
- मुस्कान, छात्रा
काम आएंगे आत्मरक्षा के तरीके
अभी तक मैं झेंप कर चलती थी, लेकिन अब में सिर उठाकर चलूंगी। मन में जो डर लगा रहता था, अब वह समाप्त हो गया है। आत्मरक्षा के तरीके सीख लिए हैं। यह मेरे जीवन में काम आएंगे। अमर उजाला की यह मुहिम निश्चित ही सराहनीय है।
- प्रियंका, छात्रा
प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास
अब में डरूंगी नहीं, बल्कि कोई उल्टी- सीधी हरकत करेगा तो उसका विरोध डटकर करूंगी। प्रशिक्षण से काफी हिम्मत आ गई है। पहल काफी अच्छी रही। प्रशिक्षण से आत्मविश्वास बढ़ा है। इससे जो ज्ञान मिला है, वह आने वाले समय में काम आएगा।
- कशिश, छात्रा
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कराटे एक्सपर्ट मेवालाल राजपूत, उनकी टीम की ब्लैक बेल्टधारी पिंकी रायकवार व पूनम ने आत्मरक्षा के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि यदि कोई छेड़छाड़ करता है तो छात्राएं अपने पास मौजूद चाबी, दुपट्टा, पेन, क्लिप, कापी और किताब को हथियार बना सकती हैं। उन्होंने कराटे कला का प्रदर्शन किया और कहा कि यदि कोई ओछी हरकत करता है तो किस तरह से सबक सिखाया जा सकता है। डरने की कोई जरूरत नहीं, बल्कि यदि हिम्मत से काम लेते हैं तो सामने वाला कोई हरकत करने से पहले सौ बार सोचेगा। छात्राओं को बताया गया कि नियमित व्यायाम करने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि शरीर में स्फूर्ति भी रहती है।
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छात्राओं को जानकारी दी गई कि यदि अकेले ऑटो में बैठकर कहीं जाना है तो बैठने से पहले ऑटो के नंबर का फोटो ले लें या उसे याद कर लें। परिवारवालों को ऑटो का नंबर भेज दें, ताकि कोई घटना होने पर परिजनों को पूरी जानकारी मिल सके।
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इस मौके पर प्रधानाचार्य संध्या चतुर्वेदी, वरिष्ठ प्रवक्ता आलोक मालवीय, अस्मा खान, प्रीति, अलक्षा पांडे, रेनू शुक्ला, रचना नामदेव, बीना श्रीवास्तव, मंजूषा सचान, लीला शर्मा, अरुणा अग्रवाल मौजूद रहीं।
बहुत कुछ सीख लिया
अमर उजाला की अपराजिता मुहिम नारी गरिमा को बढ़ाने वाली है। आत्मरक्षा के प्रशिक्षण शिविर में बहुत कुछ सीखा है। इससे पहले अपनी सुरक्षा का बोध नहीं था। इस मुहिम से नारी की गरिमा बढ़ेगी।
- आसना, छात्रा
रास्ते में डर नहीं लगेगा
अभी तक राह चलते डर सा लगा रहता था, लेकिन आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेने के बाद अब डर समाप्त हो गया है। स्वयं को कमजोर महसूस नहीं करूंगी। बल्कि यदि कोई छेड़छाड़ की हिम्मत करता है तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।
- मुस्कान, छात्रा
काम आएंगे आत्मरक्षा के तरीके
अभी तक मैं झेंप कर चलती थी, लेकिन अब में सिर उठाकर चलूंगी। मन में जो डर लगा रहता था, अब वह समाप्त हो गया है। आत्मरक्षा के तरीके सीख लिए हैं। यह मेरे जीवन में काम आएंगे। अमर उजाला की यह मुहिम निश्चित ही सराहनीय है।
- प्रियंका, छात्रा
प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास
अब में डरूंगी नहीं, बल्कि कोई उल्टी- सीधी हरकत करेगा तो उसका विरोध डटकर करूंगी। प्रशिक्षण से काफी हिम्मत आ गई है। पहल काफी अच्छी रही। प्रशिक्षण से आत्मविश्वास बढ़ा है। इससे जो ज्ञान मिला है, वह आने वाले समय में काम आएगा।
- कशिश, छात्रा