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बीकेडी चौराहे के इर्द-गिर्द नौ घंटे तक अघोषित कर्फ्यू
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Mar 2017 12:30 AM IST
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बीकेडी चौराहे के इर्द-गिर्द नौ घंटे तक अघोषित कर्फ्यू
- फोटो : demo
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बुंदेलखंड महाविद्यालय परिसर में मतगणना के दौरान बीकेडी चौराहे के आसपास सभी प्रमुख चारों मार्गों पर बेरीकेडिंग लगाकर ट्रैफिक रोक दिया गया और इस कारण लोग भटकते रहे। बीकेडी चौराहे के आसपास मार्गों पर दो सौ मीटर तक कर्फ्यू जैसे हालत बने रहे। रूट डाईवर्जन तो किया गया था पर उनमें ज्यादातर मार्ग संकरे होने की वजह से लोगों को बहुत दिक्कत हुई।
शनिवार को बीकेडी में मतगणना के चलते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मतगणना स्थल की तरफ कोई भी अनाधिकृत रूप से आगे नहीं बढ़ सके, इसके लिए बीकेडी चौराहे से चित्रा मार्ग पर कमिश्नर ऑफिस के पास, जीवनशाह तिराहे की तरफ कुंज बिहारी मंदिर के पास, खंडेराव गेट की तरफ लोहा मंडी के पास और ग्वालियर रोड पर मुन्नालाल पावर हाउस के पास बेरीकेडिंग लगाए गए थे। बीकेडी चौराहे के आसपास के की दुकानें भी बंद थी। इस सुरक्षा के कारण मतगणना खत्म होने के तीन बजे तक बीकेडी पर कर्फ्यू जैसे हालात बने रहे। बेरिकेडिंग पर भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी के कारण भीड़ नहीं जुट सकी। लाउड स्पीकर से घोषित किए जा रहे रुझान भी दूर तक सुनाई नहीं दे रहे थे, इससे भी बेरिकेडिंग के पास सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, अंतिम चक्रों के परिणाम आने पर जरूर बेरीकेडिंग पर विजयी प्रत्याशी के समर्थक जुटना शुरू हो गए, लेकिन वे भी विजयी प्रत्याशी के बाहर जाते ही साथ ही चले गए। इससे माहौल नहीं बिगड़ सका।
वहीं, साथ ही भारी चार पहिया और छोटे वाहनों को ग्वालियर रोड, जीवनशाह तिराहा, चित्रा चौराहा और खंडेराव गेट पर ही रोककर बदले मार्ग से गुजारा जा रहा था। इस बदले यातायात के कारण ग्वालियर रोड से आने वाले वाहनों को आईटीआई, सीपरी बाजार से होकर इलाइट की तरफ आना पड़ रहा था। इसी तरह मेडिकल कॉलेज की तरफ जाने वाले वाहनों को हाइवे का सहारा लेना पड़ा। शहर में आने के लिए लोगों को चार से पांच किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ा। इससे लोग परेशान रहे।
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लंबा रास्ता तय करना पड़ा
ग्वालियर रोड से मुझे इलाइट चौराहा काम से आना था, लेकिन बीकेडी पर रास्ता बंद होने के कारण दतिया गेट, पंचकुइयां से होकर इलाइट तक पहुंचना पड़ा। इसमें मेरा आधा घंटा बेकार हो गया।
- सचिन साहू
शार्टकट के चक्कर में फंसा जाम में
मुझे मिशन कंपाउंड से होकर शहर जाना था। मैंने गोंदू कंपाउंड का शार्टकट रास्ता चुना, लेकिन रास्ते में जाम में फंस गया। पौन घंटे बाद बाहर निकल सका।
- संजीव यादव
मतगणना खत्म होने का इंतजार करना पड़ा
मुझे बीकेडी के पास एक दुकान पर सामान देना था, लेकिन लोडिंग गाड़ी को जीवनशाह से बीकेडी की तरफ जाने नहीं दिया जा रहा था। इस कारण मैं गाड़ी लेकर तीन घंटे तक जीवनशाह चौराहे पर मतगणना खत्म होने का इंतजार करता रहा।
- आरिफ खान।
हर बार होती है परेशानी
बीकेडी में जब भी मतगणना होती है, इसी तरह लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता हैै। मैं भी आज इस बदली यातायात में फंस गया और समय पर मंजिल पर नहीं पहुंच सका। बेहतर हो कि इसका समाधान तलाशा जाए।
- राहुल अग्रवाल।
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शनिवार को बीकेडी में मतगणना के चलते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मतगणना स्थल की तरफ कोई भी अनाधिकृत रूप से आगे नहीं बढ़ सके, इसके लिए बीकेडी चौराहे से चित्रा मार्ग पर कमिश्नर ऑफिस के पास, जीवनशाह तिराहे की तरफ कुंज बिहारी मंदिर के पास, खंडेराव गेट की तरफ लोहा मंडी के पास और ग्वालियर रोड पर मुन्नालाल पावर हाउस के पास बेरीकेडिंग लगाए गए थे। बीकेडी चौराहे के आसपास के की दुकानें भी बंद थी। इस सुरक्षा के कारण मतगणना खत्म होने के तीन बजे तक बीकेडी पर कर्फ्यू जैसे हालात बने रहे। बेरिकेडिंग पर भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी के कारण भीड़ नहीं जुट सकी। लाउड स्पीकर से घोषित किए जा रहे रुझान भी दूर तक सुनाई नहीं दे रहे थे, इससे भी बेरिकेडिंग के पास सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, अंतिम चक्रों के परिणाम आने पर जरूर बेरीकेडिंग पर विजयी प्रत्याशी के समर्थक जुटना शुरू हो गए, लेकिन वे भी विजयी प्रत्याशी के बाहर जाते ही साथ ही चले गए। इससे माहौल नहीं बिगड़ सका।
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वहीं, साथ ही भारी चार पहिया और छोटे वाहनों को ग्वालियर रोड, जीवनशाह तिराहा, चित्रा चौराहा और खंडेराव गेट पर ही रोककर बदले मार्ग से गुजारा जा रहा था। इस बदले यातायात के कारण ग्वालियर रोड से आने वाले वाहनों को आईटीआई, सीपरी बाजार से होकर इलाइट की तरफ आना पड़ रहा था। इसी तरह मेडिकल कॉलेज की तरफ जाने वाले वाहनों को हाइवे का सहारा लेना पड़ा। शहर में आने के लिए लोगों को चार से पांच किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ा। इससे लोग परेशान रहे।
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लंबा रास्ता तय करना पड़ा
ग्वालियर रोड से मुझे इलाइट चौराहा काम से आना था, लेकिन बीकेडी पर रास्ता बंद होने के कारण दतिया गेट, पंचकुइयां से होकर इलाइट तक पहुंचना पड़ा। इसमें मेरा आधा घंटा बेकार हो गया।
- सचिन साहू
शार्टकट के चक्कर में फंसा जाम में
मुझे मिशन कंपाउंड से होकर शहर जाना था। मैंने गोंदू कंपाउंड का शार्टकट रास्ता चुना, लेकिन रास्ते में जाम में फंस गया। पौन घंटे बाद बाहर निकल सका।
- संजीव यादव
मतगणना खत्म होने का इंतजार करना पड़ा
मुझे बीकेडी के पास एक दुकान पर सामान देना था, लेकिन लोडिंग गाड़ी को जीवनशाह से बीकेडी की तरफ जाने नहीं दिया जा रहा था। इस कारण मैं गाड़ी लेकर तीन घंटे तक जीवनशाह चौराहे पर मतगणना खत्म होने का इंतजार करता रहा।
- आरिफ खान।
हर बार होती है परेशानी
बीकेडी में जब भी मतगणना होती है, इसी तरह लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता हैै। मैं भी आज इस बदली यातायात में फंस गया और समय पर मंजिल पर नहीं पहुंच सका। बेहतर हो कि इसका समाधान तलाशा जाए।
- राहुल अग्रवाल।