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मदद की आस में कैंसर से जंग हार गया सफाई कर्मचारी अनिल

Mon, 10 Aug 2020 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2020 12:54 AM IST
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nagar nigam cancer patient died
मृतक सफाई कर्मचारी की पत्नी ममता अपने तीन मासूम बच्चों के साथ। - फोटो : REPORTERS
झांसी। नगर निगम के संविदा सफाई कर्मचारी अनिल (35) ने सालों से हर महीने अपने वेतन से जरूरत पड़ने पर इलाज के लिए पैसा जमा किया, लेकिन फिर भी अपनी सांसें न बचा सका। कैंसर से जूझ रहे कर्मचारी को अपने ही जमा पैसे को पाने के लिए नगर निगम में अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटने पडे़। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही की वजह से उसकी फरियाद फाइलों में कैद होकर रह गई। इससे इलाज के अभाव में शनिवार को सफाई कर्मचारी ने घर में दम तोड़ दिया।
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महानगर के नैनागढ़ निवासी अनिल कुमार नगर निगम में बीते 10 साल से संविदा पर सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात था। तीन-चार महीने पहले पता चला कि उसे कैंसर है। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज, ग्वालियर के अस्पतालों में इलाज कराया। इस बीच अनिल कुमार ने नगर निगम के अधिकारियों से गुहार लगाई कि उसके वेतन से हर माह जो कटौती की जाती है, उसका कुछ अंश उसे दिया जाए, ताकि वह अपना इलाज करा सके। मगर सरकारी मशीनरी की अनदेखी के चलते उसकी फरियाद फाइलों में कैद होकर रह गई और शनिवार को वह कैंसर से जंग हार गया। अब जरा सोचिए कि नगर निगम के अधिकारी भी अपने कर्मचारियों की पीड़ा को दरकिनार कर देते हैं, तो आम जनता का क्या होता होगा?
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तीन बच्चे हो गए अनाथ
सफाई कर्मचारी अनिल की पत्नी ममता का कहना है कि हमने कई बार अधिकारियों से कहा, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। अनिल का सात साल का बेटा अरमान, चार साल का कृष्णा और 10 महीने की बेटी राधिका है। इनके सिर से पिता का साया उठ गया।
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इनकी भी सुनवाई नहीं
नगर निगम के एक और संविदा महिला सफाई कर्मचारी निर्मला कई सालों से कैंसर से पीड़ित हैं। वे बताती हैं कि उन्होंने कई बार नगर निगम के अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने सुनी नहीं।
निगम के अधिकारी उदासीन
हमने 24 जुलाई को अपने संगठन की ओर से सफाई कर्मचारी की आर्थिक मदद के लिए अफसरों को पत्र लिखकर और मुलाकात की थी, लेकिन अधिकारियों ने एक नहीं सुनी। सफाई कर्मचारी की मौत को लेकर सभी में आक्रोश है। अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारनी होगी। सरकार हमें कोरोना सेनानी कह रही है, लेकिन अधिकारी कोई मदद नहीं करते। - अशोक प्याल, जिलाध्यक्ष सफाई मजदूर संघ

सफाई कर्मचारी की मौत का मामला संज्ञान में आया था। परिवार की मदद कराई है। साथ ही अन्य जो कटौतियों के लाभ हैं, जल्द मिल जाएंगे। वहीं अगर सफाई कर्मचारी ने कई महीने पहले प्रार्थना पत्र दिया है, तो इसे दिखवाता हूं। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। सफाई कर्मचारी नगर निगम के अभिन्न अंग हैं। अवनीश राय, नगर आयुक्त
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