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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   More than 15 thousand children are not destined to eat well, figures come out - malnourished-overnourished

15 हजार से ज्यादा बच्चों को नसीब नहीं अच्छा खाना, आंकड़ों में निकले-कुपोषित-अतिकुपोषित

Sat, 26 Feb 2022 01:47 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 01:47 AM IST
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More than 15 thousand children are not destined to eat well, figures come out - malnourished-overnourished
झांसी। जिले में 15 हजार से अधिक बच्चों को अच्छा खाना-पानी नसीब नहीं हो रहा है। इन बच्चों का स्वास्थ्य परखा गया तो ये बच्चे कुपोषित और अतिकुपोषित पाए गए। ये बच्चे नवजात से लेकर पांच साल तक की उम्र के हैं। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग आंगनबाड़ियों और एनआरसी के माध्यम से इन्हें पोषण और दवाएं उपलब्ध करा रहा है।
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जिले में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों का आंकड़ा बेहद चिंताजनक है। नवजात से लेकर पांच साल तक के 15016 बच्चे इस समय कुपोषण की जद में हैं। असल में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से हर महीने आंगनबाड़ी केंद्रों में
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नवजात से लेकर पांच साल तक के बच्चों का वजन नापने के साथ लंबाई और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। जनवरी 2022 में जिले के 1379 आंगनबाड़ी केंद्रों में 1,06,941 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसमें 15016 बच्चे कुपोषित और अतिकुपोषित पाए गए। उधर, दिसंबर 2021 के बाद जनवरी 2022 में जिन बच्चों का परीक्षण किया उनमें 486 बच्चों की स्थिति में सुधार पाया गया।
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कुपोषित बच्चों को पीले और अतिकुपोषित को लाल श्रेणी में रखा जाता है
प्रदेश सरकार के निर्देश पर जनवरी माह में जिले के बबीना, बड़ागांव, बामौर, बंगरा, मोंठ, चिरगांव, मऊरानीपुर, गुरसराय ब्लॉक में 1,06,941 बच्चों का वजन लिया गया है। अभियान में बच्चों को तीन श्रेणियों में बांटकर वजन लिया जाता है। सामान्य वजन वाले बच्चों को हरे रंग की श्रेणी में रखा जाता है। वहीं कुपोषित बच्चों को पीले और अतिकुपोषित को लाल श्रेणी में रखा जाता है। जनवरी माह में लिए गए बच्चों के वजन में 15016 बच्चों को कुपोषित और अतिकुपोषित श्रेणी में रखा गया है, जो बेहद चिंताजनक है।

बोलते हैं आंकड़े
दिसंबर 2021 में ये था आंकड़ा
कुपोषित 11349
अतिकुपोषित 4153
कुल बच्चे 15502
--
जनवरी 2022 में ये है आंकड़ा
कुपोषित 11153
अतिकुपोषित 3863
कुल बच्चे 15016
--------
सामान्य बच्चों का आंकड़ा
दिसंबर 2021 93809
जनवरी 2022 91925
---
कुपोषण से ऐसे बचाएं
- बच्चों को छह माह तक मां का दूध ही पिलाएं
- जच्चा और बच्चा का टीकाकरण करवाएं
- गर्भवती महिला के खानपान का ध्यान रखें
- तबीयत खराब होने पर बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराएं
सामान्य बच्चों का इतना होना चाहिए वजन किलो में
उम्र लड़का लड़की
नवजात 2.5 2.4
एक वर्ष 7.7 7.0
दो वर्ष 9.7 9.0
तीन वर्ष 11.3 10.8
चार वर्ष 12.7 12.3
पांच वर्ष 14.1 13.7
कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को स्वस्थ करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पौष्टिक आहार सामग्री वितरित की जा रही है। - नरेंद्र सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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