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मेडिकल बाईपास तिराहे पर बनेगा फ्लाईओवर
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झांसी। मेडिकल बाईपास तिराहे पर फ्लाईओवर बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। नेशनल हाईवे अथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इसका खाका तैयार कर लिया है। इसके निर्माण पर तीस करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।
मेडिकल बाईपास तिराहे पर एक ओर से कानपुर की ओर से आने वाले वाहन पहुंचते हैं, तो सामने से ग्वालियर से आने वाली गाड़ियां पहुंचती हैं। जबकि, मेडिकल कॉलेज के सामने से होते हुए महानगर के वाहन भी यहीं पहुंचते थे। इससे यहां अक्सर यातायात बाधित हो जाता है। इतना ही नहीं, हर समय दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। जबकि, इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन हर समय बना रहता है। पुलिस को यहां यातायात नियंत्रित करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए एनएचएआई ने यहां फ्लाईओवर के निर्माण की योजना बनाई है। इसका निर्माण होने से कानपुर की ओर से आने वाले वाहन फ्लाईओवर के नीचे से गुजरेंगे, जबकि सामने से आ रहीं गाड़ियां इसके ऊपर से जाएंगी। इससे दुर्घटना का खतरा नहीं रहेगा।
फ्लाईओवर का खाका तैयार कर लिया गया है। प्रस्ताव जल्द ही मुख्यालय भेजा जा रहा है। मेडिकल बाईपास तिराहे पर फ्लाईओवर बन जाने से आवागमन और भी सुगम हो जाएगा।
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- राजीव पाठक, परियोजना प्रबंधक - एनएचएआई
फ्लाईओवर नहीं, अब तिराहा बनेगा
झांसी। ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर फोरलेन सड़क परियोजना के तहत शिवपुरी- कानपुर हाईवे को जोड़ने के लिए ग्वालियर रोड पर नहर के पास से फ्लाईओवर का निर्माण किया जाना था। इसका निर्माण 2004 में शुरू किया गया था। लेकिन, सेना की आपत्ति की वजह से 13 अक्तूबर 2006 को निर्माण बंद कर दिया गया था। दुबारा काम शुरू करने के लिए तमाम कवायदें की गईं, परंतु निर्माण शुरू नहीं हो पाया। एनएचएआई की ओर से फ्लाईओवर की जगह जंक्शन बनाने का प्रस्ताव दिया गया, जिसे नामंजूर कर लिया गया और अब ये तय हो गया है कि यहां फ्लाईओवर की जगह तिराहा बनाया जाएगा। हवाई पट्टी के लिए एनएचएआई की जमीन लिए जाने की तैयारी के चलते प्रशासन ने ये फैसला लिया है।
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मेडिकल बाईपास तिराहे पर एक ओर से कानपुर की ओर से आने वाले वाहन पहुंचते हैं, तो सामने से ग्वालियर से आने वाली गाड़ियां पहुंचती हैं। जबकि, मेडिकल कॉलेज के सामने से होते हुए महानगर के वाहन भी यहीं पहुंचते थे। इससे यहां अक्सर यातायात बाधित हो जाता है। इतना ही नहीं, हर समय दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। जबकि, इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन हर समय बना रहता है। पुलिस को यहां यातायात नियंत्रित करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए एनएचएआई ने यहां फ्लाईओवर के निर्माण की योजना बनाई है। इसका निर्माण होने से कानपुर की ओर से आने वाले वाहन फ्लाईओवर के नीचे से गुजरेंगे, जबकि सामने से आ रहीं गाड़ियां इसके ऊपर से जाएंगी। इससे दुर्घटना का खतरा नहीं रहेगा।
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फ्लाईओवर का खाका तैयार कर लिया गया है। प्रस्ताव जल्द ही मुख्यालय भेजा जा रहा है। मेडिकल बाईपास तिराहे पर फ्लाईओवर बन जाने से आवागमन और भी सुगम हो जाएगा।
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- राजीव पाठक, परियोजना प्रबंधक - एनएचएआई
फ्लाईओवर नहीं, अब तिराहा बनेगा
झांसी। ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर फोरलेन सड़क परियोजना के तहत शिवपुरी- कानपुर हाईवे को जोड़ने के लिए ग्वालियर रोड पर नहर के पास से फ्लाईओवर का निर्माण किया जाना था। इसका निर्माण 2004 में शुरू किया गया था। लेकिन, सेना की आपत्ति की वजह से 13 अक्तूबर 2006 को निर्माण बंद कर दिया गया था। दुबारा काम शुरू करने के लिए तमाम कवायदें की गईं, परंतु निर्माण शुरू नहीं हो पाया। एनएचएआई की ओर से फ्लाईओवर की जगह जंक्शन बनाने का प्रस्ताव दिया गया, जिसे नामंजूर कर लिया गया और अब ये तय हो गया है कि यहां फ्लाईओवर की जगह तिराहा बनाया जाएगा। हवाई पट्टी के लिए एनएचएआई की जमीन लिए जाने की तैयारी के चलते प्रशासन ने ये फैसला लिया है।