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‘माया नगरी’ में गलत हाथों में जाने से बची युवती
ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2015 12:34 AM IST
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झांसी। एक युवक के बहकावे में आकर हीरोइन व मॉडल बनने का सपना लेकर माया नगरी मुंबई जा रही युवती को आरपीएफ के सहयोग से भुसावल स्टेशन पर सुरक्षित उतार लिया गया। देर रात परिजन उसे गोवा एक्सप्रेस से लेकर झांसी लौट आए।
कोतवाली क्षेत्र के मुकरयाना निवासी एक व्यक्ति की पुत्री (22) कचहरी चौराहे के निकट स्थित महिला महाविद्यालय में बीएससी की छात्रा है। फेसबुक पर उसकी जान-पहचान मुंबई के एक युवक से हो गई। युवक ने युवती से कहा कि वह बेहद सुंदर है और हीरोइन व मॉडल बनकर जीवन की नई ऊंचाईयों तक पहुंच सकती है। वह फेसबुक पर युवती को ख्वाब दिखाता रहा। उसने युवती को मुंबई आने के लिए आमंत्रित किया। धीरे-धीरे युवक ने युवती का विश्वास जीत लिया और वह मुंबई जाने को तैयार हो गई।
बुधवार की सुबह वह कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकली। अपराह्न तक जब वह नहीं लौटी तो परिजनों ने फोन किया। मोबाइल स्विच आफ मिला। शाम करीब पांच बजे युवती ने फोन कर परिजनों को बताया कि वह मुंबई जा रही है और इस समय उसकी ट्रेन इटारसी में है। इसके बाद युवती ने फिर से मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। इससे परिजनों में खलबली मच गई।
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वह कुछ घंटे मोबाइल चालू होने का इंतजार करते रहे, मगर जब मोबाइल चालू नहीं हुआ तो युवती के माता-पिता ने स्टेशन पहुंचकर आरपीएफ से संपर्क किया। उन्होंने आरपीएफ उपनिरीक्षक नंद लाल मीणा को पूरी बात बताई। ट्रेन के इटारसी पहुंचने के समय से अनुमान लगाया गया कि युवती गाड़ी संख्या 12541 गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में सवार होकर मुंबई गई होगी। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे से जांच की गई तो युवती प्लेटफार्म पर जाती हुई दिखाई दी। ट्रेन लोकेशन से पता चला कि ट्रेन भुसावल पहुंचने वाली है। इस पर उपनिरीक्षक ने भुसावल में तैनात अपने बैचमेट अनिल वर्मा से संपर्क किया।
अनिल ने भुसावल स्टेशन पर तैनात एएसआई समाधान सिंह का मोबाइल नंबर दिया। समाधान सिंह से संपर्क कर उनको पूरी स्थिति से अवगत कराया गया व उनके मोबाइल पर युवती की फोटो सेंड कर दी गई। यह भी कहा गया कि युवती अकेली है निश्चय ही महिला कोच में बैठकर गई होगी। ट्रेन के भुसावल स्टेशन पहुंचते ही एएसआई ने महिला कोच में पहुंचकर युवती की तलाश शुरू कर दी। इत्तिफाक से वह महिला कोच के दरवाजे के पास बर्थ पर ही बैठी मिल गई। बाद में उसे भुसावल स्टेशन पर उतार लिया गया।
इधर, परिजनों को युवती के मिलने सूचना दी गई, जिसके बाद पिता एक अन्य व्यक्ति को साथ लेकर भुसावल के लिए रवाना हो गए। आधी रात वह युवती को लेकर झांसी आ गए। इधर, आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्र व अधीनस्थ अधिकारियों ने उपनिरीक्षक नंदलाल मीणा के प्रयास की प्रशंसा की।
ट्रेन से बालिका लापता
झांसी। ट्रेन से एक बालिका लापता हो गई। बृहस्पतिवार को परिजन उसकी तलाश में झांसी आए।
महोबा स्टेशन के डेरा पर रहने वाले अजब सिंह की पत्नी ट्रेन में हींग आदि बेचती है। बृहस्पतिवार को उसकी बेटी वंदना (6) अपनी मां के पीछे- पीछे महोबा स्टेशन से किसी ट्रेन पर चढ़ गई। इसके बाद से बालिका का कोई पता नहीं है।
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कोतवाली क्षेत्र के मुकरयाना निवासी एक व्यक्ति की पुत्री (22) कचहरी चौराहे के निकट स्थित महिला महाविद्यालय में बीएससी की छात्रा है। फेसबुक पर उसकी जान-पहचान मुंबई के एक युवक से हो गई। युवक ने युवती से कहा कि वह बेहद सुंदर है और हीरोइन व मॉडल बनकर जीवन की नई ऊंचाईयों तक पहुंच सकती है। वह फेसबुक पर युवती को ख्वाब दिखाता रहा। उसने युवती को मुंबई आने के लिए आमंत्रित किया। धीरे-धीरे युवक ने युवती का विश्वास जीत लिया और वह मुंबई जाने को तैयार हो गई।
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बुधवार की सुबह वह कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकली। अपराह्न तक जब वह नहीं लौटी तो परिजनों ने फोन किया। मोबाइल स्विच आफ मिला। शाम करीब पांच बजे युवती ने फोन कर परिजनों को बताया कि वह मुंबई जा रही है और इस समय उसकी ट्रेन इटारसी में है। इसके बाद युवती ने फिर से मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। इससे परिजनों में खलबली मच गई।
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वह कुछ घंटे मोबाइल चालू होने का इंतजार करते रहे, मगर जब मोबाइल चालू नहीं हुआ तो युवती के माता-पिता ने स्टेशन पहुंचकर आरपीएफ से संपर्क किया। उन्होंने आरपीएफ उपनिरीक्षक नंद लाल मीणा को पूरी बात बताई। ट्रेन के इटारसी पहुंचने के समय से अनुमान लगाया गया कि युवती गाड़ी संख्या 12541 गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में सवार होकर मुंबई गई होगी। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे से जांच की गई तो युवती प्लेटफार्म पर जाती हुई दिखाई दी। ट्रेन लोकेशन से पता चला कि ट्रेन भुसावल पहुंचने वाली है। इस पर उपनिरीक्षक ने भुसावल में तैनात अपने बैचमेट अनिल वर्मा से संपर्क किया।
अनिल ने भुसावल स्टेशन पर तैनात एएसआई समाधान सिंह का मोबाइल नंबर दिया। समाधान सिंह से संपर्क कर उनको पूरी स्थिति से अवगत कराया गया व उनके मोबाइल पर युवती की फोटो सेंड कर दी गई। यह भी कहा गया कि युवती अकेली है निश्चय ही महिला कोच में बैठकर गई होगी। ट्रेन के भुसावल स्टेशन पहुंचते ही एएसआई ने महिला कोच में पहुंचकर युवती की तलाश शुरू कर दी। इत्तिफाक से वह महिला कोच के दरवाजे के पास बर्थ पर ही बैठी मिल गई। बाद में उसे भुसावल स्टेशन पर उतार लिया गया।
इधर, परिजनों को युवती के मिलने सूचना दी गई, जिसके बाद पिता एक अन्य व्यक्ति को साथ लेकर भुसावल के लिए रवाना हो गए। आधी रात वह युवती को लेकर झांसी आ गए। इधर, आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्र व अधीनस्थ अधिकारियों ने उपनिरीक्षक नंदलाल मीणा के प्रयास की प्रशंसा की।
ट्रेन से बालिका लापता
झांसी। ट्रेन से एक बालिका लापता हो गई। बृहस्पतिवार को परिजन उसकी तलाश में झांसी आए।
महोबा स्टेशन के डेरा पर रहने वाले अजब सिंह की पत्नी ट्रेन में हींग आदि बेचती है। बृहस्पतिवार को उसकी बेटी वंदना (6) अपनी मां के पीछे- पीछे महोबा स्टेशन से किसी ट्रेन पर चढ़ गई। इसके बाद से बालिका का कोई पता नहीं है।