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समय से पहले आने के बाद बुंदेलखंड में कमजोर पड़ा मानसून
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समय से पहले आने के बाद बुंदेलखंड में कमजोर पड़ा मानसून
झांसी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में जहां बारिश से बाढ़ की स्थिति बन गई है, वहीं, बुंदेलखंड में लगभग एक दशक बाद समय से पहले दस्तक देने के बाद मानसून कमजोर पड़ गया है। शनिवार को भी आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद दिनभर में कुछ देर हल्की बारिश हुई। हालांकि, बदली और हल्की सर्द हवाओं ने गर्मी का ग्राफ जरूर गिरा दिया।
झांसी में हर बार 20 से 22 जून के बीच मानसूनी बारिश होती है। जून से 15 सितंबर तक चलने वाले मानसूनी सीजन में औसत बारिश 850 मिलीमीटर होती है। इस बार समय से पहले 15 जून को मानसून ने दस्तक दे दी। पहले दिन 15 मिलीमीटर बारिश भी हुई मगर इसके बाद थम गई। शनिवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। कुछ देर के लिए हल्की बारिश हुई। हालांकि, बदली छाई रहने और सर्द हवाएं चलने की वजह से तापमान में गिरावट आ गई। अधिकतम पारा 34 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा। ये हाल तब है जब पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। लगातार दिनभर कई जिलों में पानी गिर रहा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया बुंदेलखंड में मानसून कमजोर पड़ गया है। अच्छी बारिश के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
पिछले सालों में इतना पानी गिरा (आंकड़े मिमी मेें)
वर्ष बारिश
2020 850
2019 700
2018 774
2017 402
2016 540
2015 384
2014 402
2013 1028
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झांसी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में जहां बारिश से बाढ़ की स्थिति बन गई है, वहीं, बुंदेलखंड में लगभग एक दशक बाद समय से पहले दस्तक देने के बाद मानसून कमजोर पड़ गया है। शनिवार को भी आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद दिनभर में कुछ देर हल्की बारिश हुई। हालांकि, बदली और हल्की सर्द हवाओं ने गर्मी का ग्राफ जरूर गिरा दिया।
झांसी में हर बार 20 से 22 जून के बीच मानसूनी बारिश होती है। जून से 15 सितंबर तक चलने वाले मानसूनी सीजन में औसत बारिश 850 मिलीमीटर होती है। इस बार समय से पहले 15 जून को मानसून ने दस्तक दे दी। पहले दिन 15 मिलीमीटर बारिश भी हुई मगर इसके बाद थम गई। शनिवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। कुछ देर के लिए हल्की बारिश हुई। हालांकि, बदली छाई रहने और सर्द हवाएं चलने की वजह से तापमान में गिरावट आ गई। अधिकतम पारा 34 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा। ये हाल तब है जब पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। लगातार दिनभर कई जिलों में पानी गिर रहा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया बुंदेलखंड में मानसून कमजोर पड़ गया है। अच्छी बारिश के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
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पिछले सालों में इतना पानी गिरा (आंकड़े मिमी मेें)
वर्ष बारिश
2020 850
2019 700
2018 774
2017 402
2016 540
2015 384
2014 402
2013 1028