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हॉटस्पाॅट इलाकों में नहीं खुली दवा और राशन की दुकानें, लोग रहे परेशान
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हॉट स्पॉट इलाके को किया जा रहा सैनिटाइज।
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झांसी। शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या चार होने के कारण सील इलाकों के लोगों की समस्याएं कम नहीं हो रहीं हैं। शुक्रवार को इन इलाकों के लोगों को दूध व सब्जी तो मिल गई, लेकिन राशन व दवा की दुकानें न खुलने के कारण लोग परेशान रहे।
शहर के ओरछा गेट में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद से ओरछा गेट और आसपास के छनियापुरा, खुशीपुरा, तालपुरा, ओरछा गेट अंदर और बाहर, कसाई मंडी, तलैया, कुष्टयाना, सुभाषगंज, पंडयाना, धुबियाना, रानीमहल, बकरामंडी, सागर गेट इलाके सील चल रहे हैं। हर गली व चौराहे पर बैरिकेडिंग लगी हैं। पिछले चार दिन से इन इलाकों के लोग न तो घर से निकल पा रहे हैं और दुकानें न खुलने से आवश्यक वस्तुएं भी उनको नहीं मिल पा रहीं हैं। हालांकि, शुक्रवार को ओरछा गेट को छोड़कर बाकी इलाकों में दूध और सब्जी ठेले वाले तो पहुंचने लगे, लेकिन राशन और दवा की व्यवस्था नहीं हो सकी।
घर में आटा और दाल तक खत्म होने की स्थिति में है। बाजार जा नहीं पा रहे हैं। आसपास की दुकानें भी नहीं खुल रहीं हैं। परेशानी बढ़ती जा रही है।
फैमिदा, ओरछा गेट।
पुलिस प्रशासन सख्ती तो पूरी बरत रहा है, लेकिन लोगों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दूध और सब्जी वालों को आने की छूट मिलना चाहिए।
अरविंद अग्रवाल, छनियापुरा।
आज भी दूधवाला नहीं आया। चार दिन से बच्चे दूध के बिना परेशान हो रहे हैं। पुलिस उनके मुहल्ले में दूधवालों को आने नहीं दे रही है।
दयाशंकर, ओरछा गेट।
घर में साबुन, तेल तक खत्म हो गया है। सिर्फ सब्जी से काम नहीं चलता है। एक- दो घंटे के लिए किराने की दुकानें खुलना चाहिए।
अरविंद सोनी, छनियापुरा।
चार दिन से सुन रहे हैं कि जिला प्रशासन आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था कर रहा है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। हर वर्ग का ध्यान रखना चाहिए।
शंकुतला देवी, छनियापुरा।
पुलिस प्रशासन सख्ती तो पूरी बरत रहा है, लेकिन लोगों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किराना का सामान खरीदने की छूट मिलना चाहिए।
रामनाथ साहू, छनियापुरा।
सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं कर रहे पालन
शहर क्षेत्र के जिन इलाकों को सील किया गया है। उन इलाकों की गलियों के लोग शाम होते ही घरों से निकल आते हैं। गली में घूमने लगते हैं। जगह- जगह समूह बनाकर खड़े हो जाते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं हो रहा है।
शहर के ओरछा गेट में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद से ओरछा गेट और आसपास के छनियापुरा, खुशीपुरा, तालपुरा, ओरछा गेट अंदर और बाहर, कसाई मंडी, तलैया, कुष्टयाना, सुभाषगंज, पंडयाना, धुबियाना, रानीमहल, बकरामंडी, सागर गेट इलाके सील चल रहे हैं। हर गली व चौराहे पर बैरिकेडिंग लगी हैं। पिछले चार दिन से इन इलाकों के लोग न तो घर से निकल पा रहे हैं और दुकानें न खुलने से आवश्यक वस्तुएं भी उनको नहीं मिल पा रहीं हैं। हालांकि, शुक्रवार को ओरछा गेट को छोड़कर बाकी इलाकों में दूध और सब्जी ठेले वाले तो पहुंचने लगे, लेकिन राशन और दवा की व्यवस्था नहीं हो सकी।
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घर में आटा और दाल तक खत्म होने की स्थिति में है। बाजार जा नहीं पा रहे हैं। आसपास की दुकानें भी नहीं खुल रहीं हैं। परेशानी बढ़ती जा रही है।
फैमिदा, ओरछा गेट।
पुलिस प्रशासन सख्ती तो पूरी बरत रहा है, लेकिन लोगों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दूध और सब्जी वालों को आने की छूट मिलना चाहिए।
अरविंद अग्रवाल, छनियापुरा।
आज भी दूधवाला नहीं आया। चार दिन से बच्चे दूध के बिना परेशान हो रहे हैं। पुलिस उनके मुहल्ले में दूधवालों को आने नहीं दे रही है।
दयाशंकर, ओरछा गेट।
घर में साबुन, तेल तक खत्म हो गया है। सिर्फ सब्जी से काम नहीं चलता है। एक- दो घंटे के लिए किराने की दुकानें खुलना चाहिए।
अरविंद सोनी, छनियापुरा।
चार दिन से सुन रहे हैं कि जिला प्रशासन आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था कर रहा है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। हर वर्ग का ध्यान रखना चाहिए।
शंकुतला देवी, छनियापुरा।
पुलिस प्रशासन सख्ती तो पूरी बरत रहा है, लेकिन लोगों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किराना का सामान खरीदने की छूट मिलना चाहिए।
रामनाथ साहू, छनियापुरा।
सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं कर रहे पालन
शहर क्षेत्र के जिन इलाकों को सील किया गया है। उन इलाकों की गलियों के लोग शाम होते ही घरों से निकल आते हैं। गली में घूमने लगते हैं। जगह- जगह समूह बनाकर खड़े हो जाते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं हो रहा है।
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