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Jhansi News: रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के दो बेटों को हत्या में आजीवन कारावास
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- न्यायालय ने सात साल पुराने मामले में सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश जयतेंद्र कुमार की अदालत ने हत्या का आरोप सिद्ध होने पर पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के दो बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जमीनी रंजिश में दोनों ने गांव के ही एक युवक को बंदूकों की बटों से हमलाकर मौत के घाट उतार दिया था। न्यायालय ने सात साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर ने बताया कि बड़ागांव के ग्राम मड़ोरा निवासी भगवान सिंह यादव ने बड़ागांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि पांच मई 2016 की रात तकरीबन 12 बजे उनका भाई अंगद सिंह घर से जानवरों के बाड़े में सोने जा रहा था। इसी बीच जमीनी रंजिश के चलते गांव में रहने वाले पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर जगदीश के बेटे कमल और जयपाल ने उस पर हमला बोल दिया था। दोनों ने बंदूकों की बटों से बेरहमी से उसके सिर पर प्रहार किए थे। घटना में भाई गंभीर रूप से घायल हो गया था। मेडिकल ले जाते समय उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त कमल और जयपाल को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर दोनों को एक-एक साल का अर्थदंड भी भुगतना होगा।
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बता दें कि इस घटना में दोनों सगे भाइयों के अलावा उनके पिता रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर जगदीश व मां कपूरी देवी को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें न्यायालय ने बरी कर दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश जयतेंद्र कुमार की अदालत ने हत्या का आरोप सिद्ध होने पर पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के दो बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जमीनी रंजिश में दोनों ने गांव के ही एक युवक को बंदूकों की बटों से हमलाकर मौत के घाट उतार दिया था। न्यायालय ने सात साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर ने बताया कि बड़ागांव के ग्राम मड़ोरा निवासी भगवान सिंह यादव ने बड़ागांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि पांच मई 2016 की रात तकरीबन 12 बजे उनका भाई अंगद सिंह घर से जानवरों के बाड़े में सोने जा रहा था। इसी बीच जमीनी रंजिश के चलते गांव में रहने वाले पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर जगदीश के बेटे कमल और जयपाल ने उस पर हमला बोल दिया था। दोनों ने बंदूकों की बटों से बेरहमी से उसके सिर पर प्रहार किए थे। घटना में भाई गंभीर रूप से घायल हो गया था। मेडिकल ले जाते समय उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
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न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त कमल और जयपाल को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर दोनों को एक-एक साल का अर्थदंड भी भुगतना होगा।
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बता दें कि इस घटना में दोनों सगे भाइयों के अलावा उनके पिता रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर जगदीश व मां कपूरी देवी को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें न्यायालय ने बरी कर दिया।