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Lalitpur: अर्जुन खिरिया गांव को बंदरों के आतंक से मिली राहत, वन विभाग ने पकड़कर जंगल में छोड़ा
Mon, 22 Jun 2026 02:12 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Mon, 22 Jun 2026 02:12 PM IST
सार
गांव के लोग काफी समय से बंदरों के आतंक से परेशान थे। टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर बंदरों को जंगल में छोड़ दिया है।
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पिंजरे में कैद बंदर।
- फोटो : संवाद
विस्तार
वन विभाग की टीम ने ग्राम पंचायत अर्जुन खिरिया से बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ दिया है। गांव के लोग काफी समय से बंदरों के आतंक से परेशान थे।
ग्रामीणों के मुताबिक उत्पाती बंदरों के झुंड गांव में आए दिन घरों की खपरैल तोड़ने, घरों में लगी सब्जियों, पेड़-पौधों तथा खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे। बंदरों के डर से ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया था। जानकारी के बाद पहुंची वन विभाग के टीम ने बंदरों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित पांडव वन के जंगलों में छोड़ दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों के कारण खेती-किसानी के साथ-साथ घरेलू नुकसान भी लगातार हो रहा था। कई बार महिलाएं और बच्चे भी बंदरों के हमलावर व्यवहार से भयभीत रहते थे। बंदरों के पकड़े जाने से राहत की सांस ली है।
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ग्रामीणों के मुताबिक उत्पाती बंदरों के झुंड गांव में आए दिन घरों की खपरैल तोड़ने, घरों में लगी सब्जियों, पेड़-पौधों तथा खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे। बंदरों के डर से ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया था। जानकारी के बाद पहुंची वन विभाग के टीम ने बंदरों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित पांडव वन के जंगलों में छोड़ दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों के कारण खेती-किसानी के साथ-साथ घरेलू नुकसान भी लगातार हो रहा था। कई बार महिलाएं और बच्चे भी बंदरों के हमलावर व्यवहार से भयभीत रहते थे। बंदरों के पकड़े जाने से राहत की सांस ली है।
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