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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज में जल्द शुरू होगा किडनी ट्रांसप्लांट
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट शुरू हो जाएगा। क्योंकि, कॉलेज में एक और नेफ्रोलॉजिस्ट की तैनाती हो गई है। अब इसी महीने कॉलेज प्रशासन शासन को प्रस्ताव भेजेगा। किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए जरूरी सभी मानक पूरे हैं।
मेडिकल कॉलेज में 2019 से सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में छह यूनिट बनी हुई हैं। इसमें नेफ्रोलॉजी यूनिट भी है। अब तक यहां किडनी मरीजों को ओपीडी, आईपीडी से लेकर डायलिसिस कराने की सुविधा उपलब्ध है। मगर किडनी ट्रांसप्लांट शुरू न हो पाने से हर महीने पांच-छह मरीजों को रेफर करना पड़ता है। अब तक नेफ्रोलॉजी विभाग में एक ही चिकित्सक तैनात थे। हाल ही में एक और नेफ्रोलॉजिस्ट की बॉन्ड के तहत कॉलेज में तैनाती हो गई है। यूरोलॉजिस्ट और डायलिसिस मशीनें पहले से ही हैं। मॉड्यूलर ओटी, ब्लड बैंक की भी सुविधा है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि इसी महीने चिकित्सा शिक्षा निदेशालय को किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। मानकों को जांचने के लिए वहां से टीम भेजी जाएगी। टीम की मंजूरी मिलते ही किडनी ट्रांसप्लांट शुरू हो जाएगा। सभी मानक पूरे हैं।
ढाई से तीन लाख आएगा खर्च, आयुष्मान रोगियों की होगी नि:शुल्क
मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट कराने पर ढाई से तीन लाख रुपये खर्च आएगा। ये पैसा दवाएं और जांचों पर खर्च किया जाएगा। प्राचार्य ने बताया कि एसजीपीजीआई लखनऊ में भी इतना ही खर्च आता है। जबकि, निजी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट कराने पर पांच से आठ लाख रुपये खर्च आता है। वहीं, आयुष्मान रोगियों का किडनी ट्रांसप्लांट नि:शुल्क किया जाएगा।
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट शुरू हो जाएगा। क्योंकि, कॉलेज में एक और नेफ्रोलॉजिस्ट की तैनाती हो गई है। अब इसी महीने कॉलेज प्रशासन शासन को प्रस्ताव भेजेगा। किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए जरूरी सभी मानक पूरे हैं।
मेडिकल कॉलेज में 2019 से सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में छह यूनिट बनी हुई हैं। इसमें नेफ्रोलॉजी यूनिट भी है। अब तक यहां किडनी मरीजों को ओपीडी, आईपीडी से लेकर डायलिसिस कराने की सुविधा उपलब्ध है। मगर किडनी ट्रांसप्लांट शुरू न हो पाने से हर महीने पांच-छह मरीजों को रेफर करना पड़ता है। अब तक नेफ्रोलॉजी विभाग में एक ही चिकित्सक तैनात थे। हाल ही में एक और नेफ्रोलॉजिस्ट की बॉन्ड के तहत कॉलेज में तैनाती हो गई है। यूरोलॉजिस्ट और डायलिसिस मशीनें पहले से ही हैं। मॉड्यूलर ओटी, ब्लड बैंक की भी सुविधा है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि इसी महीने चिकित्सा शिक्षा निदेशालय को किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। मानकों को जांचने के लिए वहां से टीम भेजी जाएगी। टीम की मंजूरी मिलते ही किडनी ट्रांसप्लांट शुरू हो जाएगा। सभी मानक पूरे हैं।
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ढाई से तीन लाख आएगा खर्च, आयुष्मान रोगियों की होगी नि:शुल्क
मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट कराने पर ढाई से तीन लाख रुपये खर्च आएगा। ये पैसा दवाएं और जांचों पर खर्च किया जाएगा। प्राचार्य ने बताया कि एसजीपीजीआई लखनऊ में भी इतना ही खर्च आता है। जबकि, निजी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट कराने पर पांच से आठ लाख रुपये खर्च आता है। वहीं, आयुष्मान रोगियों का किडनी ट्रांसप्लांट नि:शुल्क किया जाएगा।
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