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Jhansi News: जूनियर डॉक्टर ऐसे कर रहे तैयारी, कागजों में ही कर गए ड्यूटी सारी
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झांसी। मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों को विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। लेकिन, इनमें से कुछ चिकित्सकों ने काम से बचने के लिए नया तरीका निकाल लिया है। वह रजिस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर कर अस्पताल से गायब चल रहे हैं। उनकी पोल तब खुली जब सीएमएस ने उपस्थिति रजिस्टर के बाद अस्पताल का भ्रमण किया। इस दौरान 3 डॉक्टर अस्पताल में ही नहीं मिले जबकि, रजिस्टर पर उनके हस्ताक्षर थे। फोन करने पर भी उनका जवाब नहीं मिला।
दरअसल मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों को जिला अस्पताल में प्रैक्टिस के लिए भेजा गया है। ऐसे 14 चिकित्सक हैं, जिन्हें प्रतिदिन तीन हजार रुपये भत्ता भी दिया जाता है। इन्हीं में से तीन जूनियर डॉक्टर ऐसे हैं, जो पिछले चार दिन से उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर रहे थे लेकिन, वह अस्पताल में कहीं ड्यूटी नहीं करते मिले। एक बार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को लगा कि वह अस्पताल में कहीं आसपास ही होंगे। जिसके बाद उन्होंने डॉक्टरों को फोन मिलाया लेकिन, वह फोन भी नहीं उठा रहे थे। जिसके बाद सीएमएस को शक हुआ तो उन्होंने रजिस्टर में उनके हस्ताक्षरों का मिलान करना शुरू किया। जिसमें पता चला कि किसी और ने ही उनके हस्ताक्षर किए हैं। इसके बाद उन सभी की अनुपस्थित दर्ज कराई गई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सचिन माहौर का कहना है कि अभी प्रकरण संज्ञान में नहीं है। जिला अस्पताल प्रशासन से बात करके नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
तीन जूनियर डॉक्टरों के हस्ताक्षर उपस्थिति रजिस्टर पर नहीं मिले बल्कि, उनकी जगह दूसरी ही हैंडराइटिंग में हस्ताक्षर थे। जिसके बाद उन्हें अनुपस्थित कर दिया गया है। साथ ही चेतावनी भी दी गई है।
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डॉ. प्रमोद कुमार कटियार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल।
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दरअसल मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों को जिला अस्पताल में प्रैक्टिस के लिए भेजा गया है। ऐसे 14 चिकित्सक हैं, जिन्हें प्रतिदिन तीन हजार रुपये भत्ता भी दिया जाता है। इन्हीं में से तीन जूनियर डॉक्टर ऐसे हैं, जो पिछले चार दिन से उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर रहे थे लेकिन, वह अस्पताल में कहीं ड्यूटी नहीं करते मिले। एक बार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को लगा कि वह अस्पताल में कहीं आसपास ही होंगे। जिसके बाद उन्होंने डॉक्टरों को फोन मिलाया लेकिन, वह फोन भी नहीं उठा रहे थे। जिसके बाद सीएमएस को शक हुआ तो उन्होंने रजिस्टर में उनके हस्ताक्षरों का मिलान करना शुरू किया। जिसमें पता चला कि किसी और ने ही उनके हस्ताक्षर किए हैं। इसके बाद उन सभी की अनुपस्थित दर्ज कराई गई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सचिन माहौर का कहना है कि अभी प्रकरण संज्ञान में नहीं है। जिला अस्पताल प्रशासन से बात करके नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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तीन जूनियर डॉक्टरों के हस्ताक्षर उपस्थिति रजिस्टर पर नहीं मिले बल्कि, उनकी जगह दूसरी ही हैंडराइटिंग में हस्ताक्षर थे। जिसके बाद उन्हें अनुपस्थित कर दिया गया है। साथ ही चेतावनी भी दी गई है।
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डॉ. प्रमोद कुमार कटियार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल।