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Jhansi: टमाटर हुआ लाल, मिर्ची भी हुई तीखी, सब्जी विक्रेता बोले- मंडी में आवक कम होने से बढ़े दाम
Sat, 22 Nov 2025 02:40 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 22 Nov 2025 02:40 PM IST
सार
टमाटर की कीमत जहां दोगुनी हो गई है वहीं मिर्ची के दामों में भी उछाल आया है। इसका कारण मंडी में बाहरी से कम आवक होना और आसपास के क्षेत्रों से सब्जियों की उपलब्धता न होना है।
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सब्जी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सहालग शुरू होने के साथ सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। टमाटर की कीमत जहां दोगुनी हो गई है वहीं मिर्ची के दामों में भी उछाल आया है। इसका कारण मंडी में बाहरी से कम आवक होना और आसपास के क्षेत्रों से सब्जियों की उपलब्धता न होना है।
इस मौसम में जहां हरी मटर की आवक सर्वाधिक होती थी और दाम कम होता था वहीं अब मटर कुछ ही दुकानदार बेच रहे हैं। कारण हरी मटर की कम आवक के कारण ऊंचे दाम हैं। सर्दियों में जो टमाटर सस्ता और अच्छा मिलता था वह भी बाजार में दोगुने दाम पर मिल रहा है। भिंडी, परवल, अरबी के दाम भी बढ़े हैं। केवल आलू के दामों में गिरावट आई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बार बरसात के कारण फसल को नुकसान हुआ था। इसलिए दोबारा सब्जियों की बोआई की इसलिए मंडियों तक कम पहुंच रही है।
सब्जी विक्रेता राजू का कहना है कि सहालग महंगाई का कारण नहीं है बल्कि बाहरी मंडियों का माल न आने के कारण दाम बढ़ गए हैं। सब्जी विक्रेता सुनील का कहना है कि इस समय तक आसपास के क्षेत्र से सब्जियां आनी शुरू हो जाती थीं पर इस बार उनकी भी आवक नहीं हो रही है। इसलिए हरी सब्जी सस्ती नहीं मिल रही है।
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सब्जी के दाम
टमाटर 30 से 60 हो गया है। मिर्ची 50 से 80, अदरक 60 से 80, कद्दू 60 से 40, मटर 120, धनिया 70 से 100, भिंडी 40 से 80 पहुंच गई है।
किसानों का यह है कहना
सर्दियों में पालक, धनिया, मेंथी की फसल बोई थी, लेकिन बेमौसम बरसात के कारण फसल नष्ट हो गई। इसलिए दोबारा फसलों की बोआई की है। बढ़वार के बाद कटाई कर मंडियों में भेजी जाएगी। - मुकेश राजपूत, दुर्गापुर
मटर की फसल की बोआई के साथ राई बोई थी लेकिन बरसात ने सब पर पानी फेर दिया। दोबारा फसल बोई है। यही कारण है कि अभी तक मटर बाजार में दिखाई नहीं दे रही और महंगी है।
मुरारी विश्वकर्मा, डोमागोर
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इस मौसम में जहां हरी मटर की आवक सर्वाधिक होती थी और दाम कम होता था वहीं अब मटर कुछ ही दुकानदार बेच रहे हैं। कारण हरी मटर की कम आवक के कारण ऊंचे दाम हैं। सर्दियों में जो टमाटर सस्ता और अच्छा मिलता था वह भी बाजार में दोगुने दाम पर मिल रहा है। भिंडी, परवल, अरबी के दाम भी बढ़े हैं। केवल आलू के दामों में गिरावट आई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बार बरसात के कारण फसल को नुकसान हुआ था। इसलिए दोबारा सब्जियों की बोआई की इसलिए मंडियों तक कम पहुंच रही है।
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सब्जी विक्रेता राजू का कहना है कि सहालग महंगाई का कारण नहीं है बल्कि बाहरी मंडियों का माल न आने के कारण दाम बढ़ गए हैं। सब्जी विक्रेता सुनील का कहना है कि इस समय तक आसपास के क्षेत्र से सब्जियां आनी शुरू हो जाती थीं पर इस बार उनकी भी आवक नहीं हो रही है। इसलिए हरी सब्जी सस्ती नहीं मिल रही है।
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सब्जी के दाम
टमाटर 30 से 60 हो गया है। मिर्ची 50 से 80, अदरक 60 से 80, कद्दू 60 से 40, मटर 120, धनिया 70 से 100, भिंडी 40 से 80 पहुंच गई है।
किसानों का यह है कहना
सर्दियों में पालक, धनिया, मेंथी की फसल बोई थी, लेकिन बेमौसम बरसात के कारण फसल नष्ट हो गई। इसलिए दोबारा फसलों की बोआई की है। बढ़वार के बाद कटाई कर मंडियों में भेजी जाएगी। - मुकेश राजपूत, दुर्गापुर
मटर की फसल की बोआई के साथ राई बोई थी लेकिन बरसात ने सब पर पानी फेर दिया। दोबारा फसल बोई है। यही कारण है कि अभी तक मटर बाजार में दिखाई नहीं दे रही और महंगी है।
मुरारी विश्वकर्मा, डोमागोर