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Jhansi: अंगरक्षक हत्याकांड में आठ दोषियों को उम्रकैद, सजा सुनते ही महिलाओं के फूट पड़े आंसू
Sun, 31 May 2026 12:46 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sun, 31 May 2026 12:46 PM IST
सार
बाहर निकलने पर दोषियों से गले लगकर महिलाओं ने उनको विदाई दी जबकि कुछ ने उनके पांव छूए। पुलिसकर्मियों ने दोषियों को सुरक्षा के बीच लॉक अप तक पहुंचाया।
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उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों से मिलने पहुंचे परिजन।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जमीन कारोबारी संजय वर्मा पर दिन दहाड़े हुई फायरिंग और उनके अंगरक्षक की हत्या के चर्चित मामले में शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुभव द्विवेदी (आवश्यक वस्तु अधिनियम) की कोर्ट ने सभी आठ सिद्ध दोष अपराधियों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन सभी पर 1.70 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अन्य धाराओं में भी सभी दोषी ठहराए गए।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुभव द्विवेदी (आवश्यक वस्तु अधिनियम) की कोर्ट ने शनिवार दोपहर जैसे ही आठों सिद्धदोष को सजा सुनाई, कोर्ट रूम के बाहर मौजूद उनके परिजनों के आंसू फूट पड़े। गेड़ा बंधुओं के परिवार के तमाम सदस्य सुबह से ही कोर्ट रूम के बाहर डटे हुए थे। उनकी पत्नी समेत बहन एवं मां भी कोर्ट रूम के बाहर थीं। सभी शुक्रवार को ही दोष सिद्ध करार दिए जा चुके थे फिर भी परिवार के लोग कम सजा की उम्मीद बांधे हुए थे। कोर्ट ने जैसे ही सभी के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई उनके आंसू निकलने लगे। कटघरे के भीतर मौजूद सभी आठों आरोपियों के चेहरे भी उतर गए। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को तगड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच कोर्ट रूम से बाहर ले जाया गया। कोर्ट रूम के बाहर सीढि़यों के पास भी उनके परिवार के लोग मौजूद थे। बाहर निकलने पर दोषियों से गले लगकर महिलाओं ने उनको विदाई दी जबकि कुछ ने उनके पांव छूए। पुलिसकर्मियों ने दोषियों को सुरक्षा के बीच लॉक अप तक पहुंचाया।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुभव द्विवेदी (आवश्यक वस्तु अधिनियम) की कोर्ट ने शनिवार दोपहर जैसे ही आठों सिद्धदोष को सजा सुनाई, कोर्ट रूम के बाहर मौजूद उनके परिजनों के आंसू फूट पड़े। गेड़ा बंधुओं के परिवार के तमाम सदस्य सुबह से ही कोर्ट रूम के बाहर डटे हुए थे। उनकी पत्नी समेत बहन एवं मां भी कोर्ट रूम के बाहर थीं। सभी शुक्रवार को ही दोष सिद्ध करार दिए जा चुके थे फिर भी परिवार के लोग कम सजा की उम्मीद बांधे हुए थे। कोर्ट ने जैसे ही सभी के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई उनके आंसू निकलने लगे। कटघरे के भीतर मौजूद सभी आठों आरोपियों के चेहरे भी उतर गए। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को तगड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच कोर्ट रूम से बाहर ले जाया गया। कोर्ट रूम के बाहर सीढि़यों के पास भी उनके परिवार के लोग मौजूद थे। बाहर निकलने पर दोषियों से गले लगकर महिलाओं ने उनको विदाई दी जबकि कुछ ने उनके पांव छूए। पुलिसकर्मियों ने दोषियों को सुरक्षा के बीच लॉक अप तक पहुंचाया।
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