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Jhansi News: सारस पक्षी से झांसी सूना, ललितपुर में कुनबा हो गया दूना

Wed, 28 Jun 2023 12:05 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jun 2023 12:05 AM IST
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Jhansi deserted due to stork bird, family in Lalitpur became double
सारस को रास नहीं आ रही झांसी की आबोहवा, वन विभाग की 26-27 जून को हुई गणना में संख्या शून्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कभी झांसी में अपना कुनबा बसाने वाले राजकीय पक्षी सारस को यहां की हवा रास नहीं आ रही है। जिले में दो दिन चली सारस की गणना में अबकी साल भी यहां कोई सारस नहीं मिला। जबकि शहर से मात्र 100 किलोमीटर दूर ललितपुर में सारस का कुनबा खूब फल-फूल रहा है। ललितपुर में पिछले साल के मुकाबले संख्या दोगुनी हो गई है। जिले में 13 सारस बढ़ गए हैं।
पिछले 10-12 सालों में झांसी ने काफी तरक्की की है। सौंदर्यीकरण के नाम पर शहर का काफी विस्तार हो रहा है। ऊंची इमारतों और कई फैक्टरियों के चलते शहर उस दिशा की तरफ बढ़ रहा है, जहां का प्राकृतिक सौंदर्य और अनुकूल वातावरण सारस पक्षी को बहुत भाता था। जानकार बताते हैं कि तकरीबन 12-15 साल पहले झांसी में पहूंज नदी और मोंठ और चिरगांव क्षेत्र में काफी सारस पाए जाते थे। लेकिन जैसे-जैसे शहर बढ़ता गया, सारस की संख्या भी कम होती गई।
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स्थिति यह है कि तकरीबन 10 साल से झांसी में कोई सारस नहीं मिला। वन विभाग द्वारा 26 और 27 जून को कराई गई गिनती में इस साल भी कोई सारस नहीं मिला है। वहीं, ललितपुर में सारस की संख्या 13 से बढ़कर 26 पहुंच गई है। गणना के अनुसार ललितपुर जिले में गोविंद सागर बांध के आसपास 18 और तालबेहट क्षेत्र में 08 सारस मिले हैं। जबकि तालबेहट और झांसी की दूरी महज 50 किलोमीटर के आसपास है।
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सारस खोजने के लिए लगाई गईं थी 45 टीमें
झांसी। जिले में सारस खोजने के लिए वन विभाग द्वारा 45 टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने 26 जून से सुबह से ही नदी, नाले, तालाब, पोखर के साथ ही संभावित स्थानों पर डेरा जमा लिया था। लेकिन, एक भी सरस नजर नहीं आया है।

सारस की गणना के लिए 45 टीमें गठित की गई थीं। टीमें लगातार दो दिन तक संभावित स्थानों पर डेरा जमाए रहीं। लेकिन, सारस नहीं मिले। गणना सात रेजों झांसी, चिरगांव, मोंठ, मऊरानीपुर, गुरसराय, गरौठा, बबीना में कराई गई थी।
-एमपी गौतम, प्रभागीय वन अधिकारी
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