{"_id":"69d9b460993946b884083992","slug":"jhansi-60-crore-rupees-worth-of-bets-are-being-placed-daily-using-nepali-mobile-numbers-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: नेपाल के मोबाइल नंबरों के सहारे रोज लग रहा सट्टे पर 60 करोड़ का दांव, झांसी में एक लाख से अधिक आईडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: नेपाल के मोबाइल नंबरों के सहारे रोज लग रहा सट्टे पर 60 करोड़ का दांव, झांसी में एक लाख से अधिक आईडी
Sat, 11 Apr 2026 08:09 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 11 Apr 2026 08:09 AM IST
सार
झांसी के 10 बड़े सटोरिये दुबई में बने एप के सहारे यह खेल रहे हैं। अधिकांश पैसा हवाला के जरिये इधर से उधर जाता है। पुलिस से बचने के लिए सटोरिये आपस में बातचीत करने के लिए फेस टाइम और सिग्नल एप का इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन
आईपीएल मैच पर सट्टा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इन दिनों चल रहा आईपीएल सिर्फ क्रिकेट के शौकीनों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सट्टेबाजों के लिए भी यह मनपसंद इवेंट में तब्दील हो चुका है। सटोरिये पुलिस को चकमा देने के लिए नेपाल के मोबाइल नंबर का सहारा ले रहे हैं। झांसी के 10 बड़े सटोरिये दुबई में बने एप के सहारे यह खेल रहे हैं। इसकी आईडी झांसी से छतरपुर तक बंटी है।
हवाला के जरिए पैसा होता है इधर से उधर
सूत्र बताते हैं कि सिर्फ झांसी में एक लाख से अधिक आईडी है। इसके जरिये छोटे-बड़े कारोबारी, नौकरीपेशा से लेकर छात्र तक दांव लगा रहे हैं। पुलिस भी इन बड़ी मछलियों तक नहीं पहुंच पा रही है। जानकारों का कहना है कि आईडी के आधार पर झांसी में रोजाना 60 करोड़ रुपये से भी अधिक रुपया दांव में लगता है। अधिकांश पैसा हवाला के जरिये इधर से उधर जाता है। इस क्षेत्र में ग्वालियर, आगरा के बाद सिर्फ झांसी से ही हवाला का पैसा भेजा जाता है। हवाला की अधिकांश रकम झांसी के सराफा बाजार से भेजी जाती है। पुलिस के पास भी इसके पुख्ता प्रमाण हैं।
पुलिस ने बचने के लिए यह अपनाया तरीका
पुलिस से बचने के लिए न सटोरिये न सिर्फ आईफोन का इस्तेमाल करते हैं बल्कि आपस में बातचीत करने के लिए फेस टाइम और सिग्नल एप का इस्तेमाल करते हैं। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि सट्टेबाजों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
इस तरह तय होता है सट्टे का भाव
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आईपीएल में 20 ओवर (लंबी पारी), 10 ओवर (सेशन) और 6 ओवर (छोटी पारी) होती है। इन पांच ओवरों में टीम कितने रन बनाएगी, कितने खिलाड़ी आउट होंगे और कौन सा खिलाड़ी कितने रन बनाएगा, सभी पर सट्टा लगता है। मैच की पहली गेंद से लेकर जीत तक भाव चढ़ते-उतरते रहते हैं। यहां तक कि टॉस पर भी मोटा सट्टा लगाया जाता है। कमजोर टीम पर भाव अधिक रहता है, जबकि मजबूत टीम पर भाव कम रहता है।
विज्ञापन
हवाला के जरिए पैसा होता है इधर से उधर
सूत्र बताते हैं कि सिर्फ झांसी में एक लाख से अधिक आईडी है। इसके जरिये छोटे-बड़े कारोबारी, नौकरीपेशा से लेकर छात्र तक दांव लगा रहे हैं। पुलिस भी इन बड़ी मछलियों तक नहीं पहुंच पा रही है। जानकारों का कहना है कि आईडी के आधार पर झांसी में रोजाना 60 करोड़ रुपये से भी अधिक रुपया दांव में लगता है। अधिकांश पैसा हवाला के जरिये इधर से उधर जाता है। इस क्षेत्र में ग्वालियर, आगरा के बाद सिर्फ झांसी से ही हवाला का पैसा भेजा जाता है। हवाला की अधिकांश रकम झांसी के सराफा बाजार से भेजी जाती है। पुलिस के पास भी इसके पुख्ता प्रमाण हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने बचने के लिए यह अपनाया तरीका
पुलिस से बचने के लिए न सटोरिये न सिर्फ आईफोन का इस्तेमाल करते हैं बल्कि आपस में बातचीत करने के लिए फेस टाइम और सिग्नल एप का इस्तेमाल करते हैं। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि सट्टेबाजों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
इस तरह तय होता है सट्टे का भाव
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आईपीएल में 20 ओवर (लंबी पारी), 10 ओवर (सेशन) और 6 ओवर (छोटी पारी) होती है। इन पांच ओवरों में टीम कितने रन बनाएगी, कितने खिलाड़ी आउट होंगे और कौन सा खिलाड़ी कितने रन बनाएगा, सभी पर सट्टा लगता है। मैच की पहली गेंद से लेकर जीत तक भाव चढ़ते-उतरते रहते हैं। यहां तक कि टॉस पर भी मोटा सट्टा लगाया जाता है। कमजोर टीम पर भाव अधिक रहता है, जबकि मजबूत टीम पर भाव कम रहता है।