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बाजार और बस्ती में अतिक्रमण की समस्या गंभीर
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चिरगांव (झांसी)। चिरगांव नगर में अतिक्रमण की बहुत गंभीर समस्या है, मेन बाजार हो या बस्ती के अंदर की गलिया अतिक्रमण से पटी पड़ी हैं, शासन-प्रशासन द्वारा बार-बार दिये गए निर्देशों के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, हालात ऐसे है कि अगर किसी बीमार व्यक्ति को एंबुलेंस की जरूरत हो या आग लगने पर फायर ब्रिगेड की आवश्यकता हो तो ये गाड़ियां नगर के अंदर गलियों में नहीं पहुंच सकती हैं।
नगर पालिका परिषद चिरगांव में अतिक्रमण की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है, मेन बाजार हो या नगर के अंदर जाने वाली गलियां सभी अतिक्रमण की चपेट में हैं। मुख्य सड़क जो कि सात मीटर चौड़ी है, उस पर चलने के लिए दिन में तीन मीटर भी जगह नहीं बचती है। जिससे बार-बार जाम लगता है ।
यही हाल बस्ती के अंदर की गलियों का है, वहां पर भी किसी ने छज्जा बढ़ा लिया है तो किसी ने नाली पर चबूतरे का निर्माण कर लिया है। दस फुट जगह की अब पांच छह फुट जगह ही निकलने का बचती है, ऐसे में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती है ।
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जलभराव की समस्या है बड़ी, चौपहिया वाहन खड़े होने से लोग परेशान
नगर के मुहल्ला होलीपुरा में कपड़े का मार्केट है, वहां पर बड़े बड़े शोरूम तो बना लिये गये हैं लेकिन रास्ता इतना संकरा है कि चार पहिया वाहन निकलने में बड़ी परेशानी होती है। सौ मीटर लंबी इस गली में बारिश के दिनों में स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है क्योंकि पानी का निकास सही न होने के कारण सड़क पूूरी तरह जलमग्न हो जाती है। वहीं, रात के समय गलियों में कई लोग अपने अपने दरवाजे पर चार पहिया वाहन खड़े कर देते हैं जिससे राहगीरों को बड़ी परेशानी होती है। इस अतिक्रमण की समस्या को नगर पालिका बोर्ड की बैठक में कई बार पार्षदों ने उठाया लेकिन हमेशा अधिशासी अधिकारी द्वारा अतिक्रमण हटाने का आश्वासन तो दिया जाता है लेकिन हुआ अबतक कुछ नहीं है ।
स्थायी ईओ न होने से समस्या बढ़ीं
नगर पालिका चिरगांव में कई वर्षों से स्थायी ईओ की तैनाती नहीं की गई है, जिसका परिणाम यह निकलता है कि आम जनता की तो समस्या हल होती नहीं है, पार्षद भी अपनी समस्याएंहल न होने से परेशान रहते हैं । बे कई बार इस बात को बोर्ड की बैठक में रख चुके हैं कि ऐसी बैठक बुलाने से क्या फायदा है जहां पर कोई समस्या हल नहीं होती है ।
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नगर पालिका परिषद चिरगांव में अतिक्रमण की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है, मेन बाजार हो या नगर के अंदर जाने वाली गलियां सभी अतिक्रमण की चपेट में हैं। मुख्य सड़क जो कि सात मीटर चौड़ी है, उस पर चलने के लिए दिन में तीन मीटर भी जगह नहीं बचती है। जिससे बार-बार जाम लगता है ।
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यही हाल बस्ती के अंदर की गलियों का है, वहां पर भी किसी ने छज्जा बढ़ा लिया है तो किसी ने नाली पर चबूतरे का निर्माण कर लिया है। दस फुट जगह की अब पांच छह फुट जगह ही निकलने का बचती है, ऐसे में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती है ।
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जलभराव की समस्या है बड़ी, चौपहिया वाहन खड़े होने से लोग परेशान
नगर के मुहल्ला होलीपुरा में कपड़े का मार्केट है, वहां पर बड़े बड़े शोरूम तो बना लिये गये हैं लेकिन रास्ता इतना संकरा है कि चार पहिया वाहन निकलने में बड़ी परेशानी होती है। सौ मीटर लंबी इस गली में बारिश के दिनों में स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है क्योंकि पानी का निकास सही न होने के कारण सड़क पूूरी तरह जलमग्न हो जाती है। वहीं, रात के समय गलियों में कई लोग अपने अपने दरवाजे पर चार पहिया वाहन खड़े कर देते हैं जिससे राहगीरों को बड़ी परेशानी होती है। इस अतिक्रमण की समस्या को नगर पालिका बोर्ड की बैठक में कई बार पार्षदों ने उठाया लेकिन हमेशा अधिशासी अधिकारी द्वारा अतिक्रमण हटाने का आश्वासन तो दिया जाता है लेकिन हुआ अबतक कुछ नहीं है ।
स्थायी ईओ न होने से समस्या बढ़ीं
नगर पालिका चिरगांव में कई वर्षों से स्थायी ईओ की तैनाती नहीं की गई है, जिसका परिणाम यह निकलता है कि आम जनता की तो समस्या हल होती नहीं है, पार्षद भी अपनी समस्याएंहल न होने से परेशान रहते हैं । बे कई बार इस बात को बोर्ड की बैठक में रख चुके हैं कि ऐसी बैठक बुलाने से क्या फायदा है जहां पर कोई समस्या हल नहीं होती है ।