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पानी के लिए तकलीफ उठाते लोगों की सुबह देखनी है तो इन मुहल्लों में आइए...कसम से आंसू निकल आएंगे

Wed, 06 Apr 2022 11:39 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Apr 2022 11:39 PM IST
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If you want to see the morning of people who are suffering for water, then come to these localities... I swear tears will come out.
झांसी। गर्मी में पानी की घर-घर जरूरत है। लोग सुबह नहा-धोकर पूजा करते हैं, नाश्ता-पानी कर चैन से नौकरी पर जाते हैं, बच्चे सुकून से टिफिन लेकर स्कूल जाते हैं और महिलाएं शांति से घर का कामकाज निपटाती हैं, लेकिन इसी शहर में बाहर सैंयर गेट, कपूर टेकरी, कुरैश नगर, सुंगधपुरी का बाग और कालीमाई समेत कई मोहल्ले ऐसे भी हैं जहां पानी के लिए महिलाओं, बच्चों और पुरुषों की जिंदगी रेलगाड़ी बन चुकी है। इनकी सुबह रोज पानी भरने की चिकचिक से शुरू होती है। पानी के इंतजार में ये लोग हर रोज सुबह रेल के डिब्बों की तरह धड़ाधड़ घर से निकलते हैं। सुबह छह-सात बजे से लेकर नौ बजे तक नल के सामने अपने-अपने खाली डिब्बे-बाल्टियां लेकर बैठे रहते हैं। इस बीच पानी कितने बजे आएगा, इन्हें ये भी नहीं पता होता।
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बाहर सैंयर गेट की शालू बताती हैं कि कई बार पानी आता ही नहीं तो हैंडपंप से लाना पड़ता है। बाईं तरफ सैकड़ों जगह पानी बह रहा लेकिन दाईं तरफ लोग एक बाल्टी के लिए तरस रहे। एक किलोमीटर दूर कपूर टेकरी से साइकिल पर डिब्बे लादकर पानी लेने बाहर सैंयर गेट आए मजीद कुरैशी ने कहा कि पानी मोहल्ले की सबसे बड़ी समस्या है। हाथ से छह-सात डिब्बे लेकर पानी भरने जा रहे कुरैश नगर के सद्दाम और फैजान ने कहा कि वर्षों से रोज सुबह ऐसे ही भागना पड़ता है। वहीं सड़क के दूसरी तरफ बह रहा पानी भरकर घर ले जातीं कपूर टेकरी की मुन्नी ने कहा पाइपलाइन पड़ी होने के बाद भी पानी नहीं आता। जाकिर, प्रभा और भूरी ने कहा कि कदम-कदम पर पानी कहीं कुछ देर को आता है, कहीं आता ही नहीं। बाहर ओरछा कुरैशी तालपुरा रोड पर तमाम डिब्बे लेकर पानी का इंतजार कर रहे मुन्ना कुरैशी, सैय्यद कुरैशी, असलम, सैजान, अयान, माहेनूर आदि ने कहा पानी कब आएगा कब नहीं, किसी को कोई जानकारी नहीं मिलती। एक किलोमीटर दूर से ठेले पर पानी लेकर जा रहे सुगंधपुरी के मोमिन ने कहा पानी के चक्कर में सारे काम रुक जाते हैं।
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मोहल्ले वालों ने कई प्रयास किए पर पानी की समस्या खतम नहीं हो रही। जहां पानी आ रहा वहां इतना कम आता है कि अधिकांश लोगों को मिल ही नहीं पाता।
-मुकीम-क्षेत्रवासी
पिछले कई वर्षों से पानी के लिए परेशान हैं। घर में नल नहीं आता, लेकिन 24 हजार का बिल भरना पड़ा। रो-रोकर कर्मचारियों के हाथ-पैर जोड़े पर कोई नहीं सुन रहा।
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आशा वर्मा-क्षेत्रवासी
नराईपुरा, तलैया और ढिमरयाना वालों जागते रहो...नलों में रात ढाई बजे पानी आएगा
झांसी। पानी की समस्या से जूझ रहे प्रेमनगर के नराईपुरा, तलैया और ढिमरयाना के हजारों लोग हर रोज पहरेदार की तरह नलों के आने का इंतजार करते हैं। यहां तकरीबन 25 वर्षों से रोज रात को दो-ढाई या तीन बजे ही नल से पानी आता है और चार बजे बंद हो जाता है। स्थिति यह है कि नल आते ही हर तीन-चार घरों के बीच कोई न कोई जागतो रहो...नल में पानी आने वाला है, आवाज लगाता मिलता है। लोगों ने बताया कि वो लोग तो रात में सोना ही भूल गए हैं। जरा सी आग लग जाए तो पानी नहीं मिलता है।
रात में दो-ढाई बजे ही पानी आता है, वर्षों से यही हो रहा है। पूरा मोहल्ला परेशान है।-ऊषा आनंद
तलैया में पाइपलाइन नहीं है, हैंडपंप खराब हो तो पानी के लिए भटकना पड़ता है। रात में पानी भरते हैं।-नीता
25 वर्षों से यही देख रहा हूं, लोग पूरी रात पानी के लिए परेशान रहते हैं। लोग सोना ही भूल गए हैं।-संदीप
लोग शिकायतें करते थक चुके हैं लेकिन रात में पानी की समस्या खतम नहीं हो रही है।-परशुराम वाल्मीकि
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