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पानी की कहानी पुरानी, अब कचरा बड़ी परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 May 2017 01:19 AM IST
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water, jhansi news
- फोटो : demo
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वार्ड 41 के बाशिंदे वर्षों से पानी की समस्या से जूझते हुए इसके लिए अभ्यस्त हो गए हैं। अब यहां जगह-जगह लगे कचरे के ढेर लोगों की मुसीबत बने हुए हैं। नगर निगम ने यहां के लिए 25 सफाई कर्मचारियों को लगाया है। उनके काम की गवाही जगह-जगह चोक नालियां और गंदगी दे रही है। पानी की समस्या तो यहां के लोग दूसरे मोहल्लों में जाकर सुलझा लेते हैं, लेकिन गंदगी से निपटने के लिए वह क्या करें, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
नगर परकोटा के बाहर वार्ड 41 में मास्टर कॉलोनी, गोपाल की बगिया, विनायक विहार कॉलोनी, वर्मा कॉलोनी, राय कॉलोनी, अमान का बगीचा, बिलैया का बाग, सत्यम कॉलोनी, मद्रासी कॉलोनी, ढिमरयाना, नारायण बाग, श्मशान के पीछे तलैया, बाबा का अटा, सूजे खां खिड़की बाहर, नाना भाऊ का बाग, महाकालेश्वर मंदिर, अन्नपूर्णा कालोनी, मिसुर का ढांग, टौरिया पुरा आते है। यहां अधिकतर आबादी पिछड़ी जाति के कुशवाहा और साहू समाज की है।
पानी और गंदगी के अलावा यहां कई समस्याएं हैं। जगह-जगह आवारा जानवरों का जमघट लगा रहता है। बड़ागांव गेट से मुक्तिधाम तक सड़क क्षतिग्रस्त है। गोपाल की बगिया, ढिमरयाना में बिजली के खंभे नहीं लगे हैं, इस वजह से लोगों को बिजली का कनेक्शन लेने में परेशानी आ रही है। मुख्य मार्ग पर कई जगह गड्ढे हैं।
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वार्ड की स्थिति
वार्ड की दक्षिण दिशा में नगर परकोटा का बड़ागांव गेट है। पूर्व में लक्ष्मी तालाब और महाकालेश्वर मंदिर तथा नारायण बाग है। पश्चिम में मुस्तरा और उत्तर में सूजे खां खिड़की का इलाका है।
प्रमुख समस्या
पानी की समस्या सबसे ज्यादा विकराल है। वार्ड की कई कालोनियों में पाइप लाइन तक नहीं है। स्थिति यह है कि अन्य मोहल्लों में लगे हैंडपंप और सरकारी नलों से पानी भरने जाना यहां के लोगों की दिनचर्या का प्रमुख हिस्सा है।
सुविधा
वार्ड में राजीव आवास योजना के तहत 200 आवास बने, जिन में लाभार्थी रह रहे हैं। इसके अलावा आठ हाईमास्क, भूतनाथ मंदिर में रैलिंग, महाकालेश्वर मंदिर में रोड निर्माण, पठला के हनुमान मंदिर, वाल्मीकि समाज के मंदिर में कार्य कराया।
वार्ड की पहचान
प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर, बड़ागांव गेट का मुक्तिधाम, लक्ष्मी तालाब, परुआ का हनुमान मंदिर, दूर का बाबा मंदिर है, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं आते है।
पानी ने ही जिताया
वार्ड 41 की सामान्य सीट पर कांग्रेस के टिकट पर जीती किरन कुशवाहा अब बसपा की सदस्य हैं। हाईस्कूल पास किरन अपनी जीत का श्रेय पति महेश कुशवाहा की सक्रियता को देती हैं। महेश पहले चुनाव लडे़, लेकिन हार गए थे। इसके बाद उन्होंने पानी की समस्या दूर करने के लिए प्रशासन के सहयोग से बूस्टर लगवाया। हैंडपंप सही कराने, लोगों के राशन कार्ड, वोटर कार्ड बनवाने में सहयोग दिया। इससे पूरे वार्ड में लगभग प्रत्येक परिवार से जान-पहचान हो गई। चुनाव में उनके सामने आठ प्रत्याशी थे, जिनमें से छह प्रत्याशी तो सजातीय थे, फिर भी वह जीतीं। किरन खुद ग्रहणी हैं। उनके पति की सराफा बाजार में सराफा की दुकान है। चुनाव जीतने के बाद लोगों के बैठने के लिए उन्होंने कमरा बनवाया, लेकिन खुद पुराने मकान में ही रह रही हैं।
आवास बने और ट्यूबवेल लगे
वार्ड के विकास में राजीव गांधी आवास योजना के तहत आवास बने, जिससे गरीबों को लाभ हुआ। इसके अलावा जल संकट दूर करने के लिए छह ट्यूबवेल भी लगवाए। सूजे खां खिड़की बाहर पार्क का निर्माण और रोड का निर्माण कार्य विभागीय अधर में है।
किरन कुशवाहा, पार्षद
टंकी बने तो सुधरे हालत
वार्ड की सबसे बड़ी समस्या पानी है। हैंडपंप सूखे है। टंकी बनने से सुधार आ जाता, लेकिन वह अब तक नहीं बनी। जमीन चिह्नित हो चुकी है और जल निगम ने फेसिंग भी क ी थी।
बिहारी लाल
गिट्टी उखड़ी, गड्ढे हो गए
पिछले एक वर्ष से रोड पर गड्ढे हैं, गिट्टी भी उखड़ चुकी है। इससे जलभराव हो जाता है। गड्ढों के चलते कई बार जाम भी लगा रहता है। नालियों की सफाई भी नियमित नहीं होती है।
सोनू साहू
क ई दिन नहीं आते सफाई कर्मचारी
सफाई कर्मचारी कई दिनों नहीं आता है। नालियां गंदगी से भरी पड़ी है। इससे मच्छर पनप रहे है और बच्चों के बीमार होने की आशंका भी बढ़ रही है। महाकालेश्वर मंदिर के पास बस्ती में स्ट्रीट लाइट नहीं है।
लक्ष्मी
मनमानी करते है आपरेटर
ट्यूबवेल पर प्राइवेट ऑपरेटर लगे हैं, जो पानी चालू करने के बदले लोगों से रुपये मांगते हैं। 24 घंटे में एक बार भी नल से पानी नहीं आता है। ऐसे में पेयजल के लिए भटकना पड़ता है।
भगवती झा
रिपोर्ट कार्ड
पार्षद के कामकाज को लेकर क्षेत्रीय लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया रही। पानी की समस्या के समाधान के लिए पार्षद के प्रयासों से लोग संतुष्ट नजर आए। लेकिन, साफ-सफाई के मोर्चे पर उनकी कार्यशैली पर असंतोष जताया। वार्ड के लोगों का कहना है कि काम तो हुआ है, लेकिन अभी और काम की जरूरत है।
समस्याएं हमें बताएं
अगर आपके वार्ड में और भी समस्याएं हैं तो उसे अमर उजाला से साझा करें। इसके लिए आप अपने समस्या लिखकर jhs-cityreporter@jhs.amarujala.com पर मेल करें या 8840574375 पर कॉल करें। हम उसे भी प्रकाशित करेंगे।
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वार्ड 41 के बाशिंदे वर्षों से पानी की समस्या से जूझते हुए इसके लिए अभ्यस्त हो गए हैं। अब यहां जगह-जगह लगे कचरे के ढेर लोगों की मुसीबत बने हुए हैं। नगर निगम ने यहां के लिए 25 सफाई कर्मचारियों को लगाया है। उनके काम की गवाही जगह-जगह चोक नालियां और गंदगी दे रही है। पानी की समस्या तो यहां के लोग दूसरे मोहल्लों में जाकर सुलझा लेते हैं, लेकिन गंदगी से निपटने के लिए वह क्या करें, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
नगर परकोटा के बाहर वार्ड 41 में मास्टर कॉलोनी, गोपाल की बगिया, विनायक विहार कॉलोनी, वर्मा कॉलोनी, राय कॉलोनी, अमान का बगीचा, बिलैया का बाग, सत्यम कॉलोनी, मद्रासी कॉलोनी, ढिमरयाना, नारायण बाग, श्मशान के पीछे तलैया, बाबा का अटा, सूजे खां खिड़की बाहर, नाना भाऊ का बाग, महाकालेश्वर मंदिर, अन्नपूर्णा कालोनी, मिसुर का ढांग, टौरिया पुरा आते है। यहां अधिकतर आबादी पिछड़ी जाति के कुशवाहा और साहू समाज की है।
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पानी और गंदगी के अलावा यहां कई समस्याएं हैं। जगह-जगह आवारा जानवरों का जमघट लगा रहता है। बड़ागांव गेट से मुक्तिधाम तक सड़क क्षतिग्रस्त है। गोपाल की बगिया, ढिमरयाना में बिजली के खंभे नहीं लगे हैं, इस वजह से लोगों को बिजली का कनेक्शन लेने में परेशानी आ रही है। मुख्य मार्ग पर कई जगह गड्ढे हैं।
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वार्ड की स्थिति
वार्ड की दक्षिण दिशा में नगर परकोटा का बड़ागांव गेट है। पूर्व में लक्ष्मी तालाब और महाकालेश्वर मंदिर तथा नारायण बाग है। पश्चिम में मुस्तरा और उत्तर में सूजे खां खिड़की का इलाका है।
प्रमुख समस्या
पानी की समस्या सबसे ज्यादा विकराल है। वार्ड की कई कालोनियों में पाइप लाइन तक नहीं है। स्थिति यह है कि अन्य मोहल्लों में लगे हैंडपंप और सरकारी नलों से पानी भरने जाना यहां के लोगों की दिनचर्या का प्रमुख हिस्सा है।
सुविधा
वार्ड में राजीव आवास योजना के तहत 200 आवास बने, जिन में लाभार्थी रह रहे हैं। इसके अलावा आठ हाईमास्क, भूतनाथ मंदिर में रैलिंग, महाकालेश्वर मंदिर में रोड निर्माण, पठला के हनुमान मंदिर, वाल्मीकि समाज के मंदिर में कार्य कराया।
वार्ड की पहचान
प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर, बड़ागांव गेट का मुक्तिधाम, लक्ष्मी तालाब, परुआ का हनुमान मंदिर, दूर का बाबा मंदिर है, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं आते है।
पानी ने ही जिताया
वार्ड 41 की सामान्य सीट पर कांग्रेस के टिकट पर जीती किरन कुशवाहा अब बसपा की सदस्य हैं। हाईस्कूल पास किरन अपनी जीत का श्रेय पति महेश कुशवाहा की सक्रियता को देती हैं। महेश पहले चुनाव लडे़, लेकिन हार गए थे। इसके बाद उन्होंने पानी की समस्या दूर करने के लिए प्रशासन के सहयोग से बूस्टर लगवाया। हैंडपंप सही कराने, लोगों के राशन कार्ड, वोटर कार्ड बनवाने में सहयोग दिया। इससे पूरे वार्ड में लगभग प्रत्येक परिवार से जान-पहचान हो गई। चुनाव में उनके सामने आठ प्रत्याशी थे, जिनमें से छह प्रत्याशी तो सजातीय थे, फिर भी वह जीतीं। किरन खुद ग्रहणी हैं। उनके पति की सराफा बाजार में सराफा की दुकान है। चुनाव जीतने के बाद लोगों के बैठने के लिए उन्होंने कमरा बनवाया, लेकिन खुद पुराने मकान में ही रह रही हैं।
आवास बने और ट्यूबवेल लगे
वार्ड के विकास में राजीव गांधी आवास योजना के तहत आवास बने, जिससे गरीबों को लाभ हुआ। इसके अलावा जल संकट दूर करने के लिए छह ट्यूबवेल भी लगवाए। सूजे खां खिड़की बाहर पार्क का निर्माण और रोड का निर्माण कार्य विभागीय अधर में है।
किरन कुशवाहा, पार्षद
टंकी बने तो सुधरे हालत
वार्ड की सबसे बड़ी समस्या पानी है। हैंडपंप सूखे है। टंकी बनने से सुधार आ जाता, लेकिन वह अब तक नहीं बनी। जमीन चिह्नित हो चुकी है और जल निगम ने फेसिंग भी क ी थी।
बिहारी लाल
गिट्टी उखड़ी, गड्ढे हो गए
पिछले एक वर्ष से रोड पर गड्ढे हैं, गिट्टी भी उखड़ चुकी है। इससे जलभराव हो जाता है। गड्ढों के चलते कई बार जाम भी लगा रहता है। नालियों की सफाई भी नियमित नहीं होती है।
सोनू साहू
क ई दिन नहीं आते सफाई कर्मचारी
सफाई कर्मचारी कई दिनों नहीं आता है। नालियां गंदगी से भरी पड़ी है। इससे मच्छर पनप रहे है और बच्चों के बीमार होने की आशंका भी बढ़ रही है। महाकालेश्वर मंदिर के पास बस्ती में स्ट्रीट लाइट नहीं है।
लक्ष्मी
मनमानी करते है आपरेटर
ट्यूबवेल पर प्राइवेट ऑपरेटर लगे हैं, जो पानी चालू करने के बदले लोगों से रुपये मांगते हैं। 24 घंटे में एक बार भी नल से पानी नहीं आता है। ऐसे में पेयजल के लिए भटकना पड़ता है।
भगवती झा
रिपोर्ट कार्ड
पार्षद के कामकाज को लेकर क्षेत्रीय लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया रही। पानी की समस्या के समाधान के लिए पार्षद के प्रयासों से लोग संतुष्ट नजर आए। लेकिन, साफ-सफाई के मोर्चे पर उनकी कार्यशैली पर असंतोष जताया। वार्ड के लोगों का कहना है कि काम तो हुआ है, लेकिन अभी और काम की जरूरत है।
समस्याएं हमें बताएं
अगर आपके वार्ड में और भी समस्याएं हैं तो उसे अमर उजाला से साझा करें। इसके लिए आप अपने समस्या लिखकर jhs-cityreporter@jhs.amarujala.com पर मेल करें या 8840574375 पर कॉल करें। हम उसे भी प्रकाशित करेंगे।