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बरसाती कीड़े कर रहे परेशान, बच्चों की त्वचा पर हो रहे पानी वाले दाने
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झांसी। बरसात के सीजन में बरसाती कीड़ों के हमले से खासकर बच्चों को पानी वाले दाने और खुजली हो रही है। हाल ये है कि खुजलाते-खुजलाते बच्चों की त्वचा से खून तक निकल आता है। वह रात को सो नहीं पाते हैं और दर्द, जलन से परेशान रहते हैं।
स्किन स्पेशिलिस्ट के पास त्वचा रोगियों में बरसाती कीड़े से दाने, खुजली की समस्या लेकर 80 फीसदी बच्चे पहुंच रहे हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक शिवहरे ने बताया कि बच्चों की त्वचा नाजुक होती है। इसलिए कीड़े काटते हैं तो लार या डंक टूटकर त्वचा पर रह जाता है। इससे शरीर पर दाने आने लगते हैं। फिर पूरे शरीर में एलर्जी हो जाती है। पानी भरे हुए छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं। बरसाती कीड़े बगीचे, पौधों के आसपास रहते हैं। ऐसे में बारिश में इनके आसपास रहने वाले लोगों पर ज्यादा कीड़ों का हमला होता है।
दाने के आसपास बहुत अधिक खुजली होती है। खुजलाते-खुजलाते खून तक निकल आता है। इलाज नहीं कराने पर छोटा सा दाना आगे चलकर फोड़ा बन जाता है। नायलॉन और सिंथेटिक वाले कपड़े पहनने से ये समस्या और बढ़ जाती है। वहीं, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि वीटल नामक का कीड़ा शरीर पर रगड़ खाने के बाद केनफ्राइडिन नामक केमिकल छोड़ता है।
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इससे त्वचा पर लाल दाने, छाले होने लगते हैं। कइयों को दाने में तेज दर्द और जलन शुरू हो जाती है। रात में लाइट जलाकर सोने या फिर खुली खिड़की के पास बिस्तर होने पर कीड़ों के हमले की आशंका अधिक रहती है।
ये ध्यान दें
- मच्छरदानी में सोएं
- पैरों में मोजे पहने रहें
- पेड़-पौधों, बगीचे के पास सफाई रखें
- समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाएं
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स्किन स्पेशिलिस्ट के पास त्वचा रोगियों में बरसाती कीड़े से दाने, खुजली की समस्या लेकर 80 फीसदी बच्चे पहुंच रहे हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक शिवहरे ने बताया कि बच्चों की त्वचा नाजुक होती है। इसलिए कीड़े काटते हैं तो लार या डंक टूटकर त्वचा पर रह जाता है। इससे शरीर पर दाने आने लगते हैं। फिर पूरे शरीर में एलर्जी हो जाती है। पानी भरे हुए छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं। बरसाती कीड़े बगीचे, पौधों के आसपास रहते हैं। ऐसे में बारिश में इनके आसपास रहने वाले लोगों पर ज्यादा कीड़ों का हमला होता है।
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दाने के आसपास बहुत अधिक खुजली होती है। खुजलाते-खुजलाते खून तक निकल आता है। इलाज नहीं कराने पर छोटा सा दाना आगे चलकर फोड़ा बन जाता है। नायलॉन और सिंथेटिक वाले कपड़े पहनने से ये समस्या और बढ़ जाती है। वहीं, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि वीटल नामक का कीड़ा शरीर पर रगड़ खाने के बाद केनफ्राइडिन नामक केमिकल छोड़ता है।
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इससे त्वचा पर लाल दाने, छाले होने लगते हैं। कइयों को दाने में तेज दर्द और जलन शुरू हो जाती है। रात में लाइट जलाकर सोने या फिर खुली खिड़की के पास बिस्तर होने पर कीड़ों के हमले की आशंका अधिक रहती है।
ये ध्यान दें
- मच्छरदानी में सोएं
- पैरों में मोजे पहने रहें
- पेड़-पौधों, बगीचे के पास सफाई रखें
- समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाएं