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Jhansi News: ओपीडी में गायनी विभाग का ‘रिपोर्ट कार्ड’ खराब, दंत, मानसिक रोग विभाग से भी पीछे
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दंत और मानसिक रोग विभाग से भी कम मरीज स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में दिखाने के लिए आ रहे हैं। जबकि, कई निजी अस्पतालों में गायनिकोलॉजिस्ट को दिखाने के लिए मरीजों की लाइन लगी रहती है। प्राचार्य ने मांगी रिपोर्ट तो हकीकत सामने आई है।
मेडिकल कॉलेज में 14 विभाग हैं। इन सभी विभागों की दिसंबर और जनवरी की रिपोर्ट प्राचार्य ने मांगी थी। इसमें ओपीडी, आईपीडी में आने वाले मरीजों से लेकर माइनर और मेजर सर्जरी तक का रिकॉर्ड विभागों ने भेजा। इन दो महीनों के आंकड़ों को देखें तो ओपीडी के मामले में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का रिपोर्ट कार्ड अच्छा नहीं रहा। दिसंबर और जनवरी में सिर्फ 1124 मरीज ओपीडी में दिखाने के लिए आए। हालांकि, सर्जरी के मामले में गायनी विभाग की स्थिति कई विभागों से बेहतर रही और 583 सर्जरी हुईं। जबकि, सीमित संसाधन होने के बावजूद इन दो महीनों में दंत रोग विभाग में 1182 और मानसिक रोग विभाग में 2003 मरीज ओपीडी में दिखाने आए। सबसे ज्यादा मेडिसिन में 14108 और फिर स्किन विभाग में 9884 मरीजों ने दिखाया। नेत्र रोग विभाग में भी 6019 मरीज ओपीडी में आए।
वर्जन..
सभी विभागों से लगातार ओपीडी, आईपीडी से लेकर सर्जरी तक की जानकारी मांगी जाती है। जिस भी विभाग में मरीजों की संख्या में कमी मिलती है, तो संबंधित विभागाध्यक्ष से जवाब मांगा जाता है। लगातार स्थिति सुधर रही है। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दंत और मानसिक रोग विभाग से भी कम मरीज स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में दिखाने के लिए आ रहे हैं। जबकि, कई निजी अस्पतालों में गायनिकोलॉजिस्ट को दिखाने के लिए मरीजों की लाइन लगी रहती है। प्राचार्य ने मांगी रिपोर्ट तो हकीकत सामने आई है।
मेडिकल कॉलेज में 14 विभाग हैं। इन सभी विभागों की दिसंबर और जनवरी की रिपोर्ट प्राचार्य ने मांगी थी। इसमें ओपीडी, आईपीडी में आने वाले मरीजों से लेकर माइनर और मेजर सर्जरी तक का रिकॉर्ड विभागों ने भेजा। इन दो महीनों के आंकड़ों को देखें तो ओपीडी के मामले में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का रिपोर्ट कार्ड अच्छा नहीं रहा। दिसंबर और जनवरी में सिर्फ 1124 मरीज ओपीडी में दिखाने के लिए आए। हालांकि, सर्जरी के मामले में गायनी विभाग की स्थिति कई विभागों से बेहतर रही और 583 सर्जरी हुईं। जबकि, सीमित संसाधन होने के बावजूद इन दो महीनों में दंत रोग विभाग में 1182 और मानसिक रोग विभाग में 2003 मरीज ओपीडी में दिखाने आए। सबसे ज्यादा मेडिसिन में 14108 और फिर स्किन विभाग में 9884 मरीजों ने दिखाया। नेत्र रोग विभाग में भी 6019 मरीज ओपीडी में आए।
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सभी विभागों से लगातार ओपीडी, आईपीडी से लेकर सर्जरी तक की जानकारी मांगी जाती है। जिस भी विभाग में मरीजों की संख्या में कमी मिलती है, तो संबंधित विभागाध्यक्ष से जवाब मांगा जाता है। लगातार स्थिति सुधर रही है। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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