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गेहूं खरीद में अनियमिता को लेकर तीन एजेंसियों पर लटकी तलवार
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fpo ko black list kerne ki demand
झांसी। गेहूं खरीद के दौरान भुगतान में लापरवाही बरतने के आरोप में एक एफपीओ को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति की गई जबकि दो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अब इन एजेंसियों को अगली खरीद में मौका नहीं दिया जाएगा। संभागीय खाद्य नियंत्रक नरेंद्र कुमार ने श्रेयश प्रोड्यूसर कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त से की है।
इस एफपीओ को ललितपुर में गेंहू खरीद एजेंसी दी गई थी। यहां कुल 490.55 मैट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई। किसानों को कुल 94.43 लाख रुपये का भुगतान किया जाना था लेकिन, एजेंसी के मार्फत महज 77.27 लाख का ही भुगतान हुआ जबकि सरकार ने 72 घंटे के भीतर किसानों को पैसा दिलाने का वायदा किया था। इसके पहले भी यह एफपीओ गेहूं की अधिक फीडिंग की वजह से सवालों के घेरे में आ चुका।
खाद्य नियंत्रक के मुताबिक 19 मई को क्रय केंद्र बंद करने के बाद भी 89.15 मैट्रिक टन गेहूं की अधिक फीडिंग की गई थी। एफपीओ की ओर से सही जवाब भी नहीं दिया गया। इस मामले में अभी पड़ताल चल रही है। इसी तरह भुगतान में लापरवाही पर बुंदेली एवं जनधन एफपीओ को भी नोटिस दी गई है। दोनों एफपीओ ने लाखों रुपये का भुगतान किसानों को अब तक नहीं किया है। खाद्य नियंत्रक के मुताबिक ब्लैक लिस्ट होने के बाद इनको आगे खरीद करने का काम नहीं दिया जाएगा।
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इस एफपीओ को ललितपुर में गेंहू खरीद एजेंसी दी गई थी। यहां कुल 490.55 मैट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई। किसानों को कुल 94.43 लाख रुपये का भुगतान किया जाना था लेकिन, एजेंसी के मार्फत महज 77.27 लाख का ही भुगतान हुआ जबकि सरकार ने 72 घंटे के भीतर किसानों को पैसा दिलाने का वायदा किया था। इसके पहले भी यह एफपीओ गेहूं की अधिक फीडिंग की वजह से सवालों के घेरे में आ चुका।
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खाद्य नियंत्रक के मुताबिक 19 मई को क्रय केंद्र बंद करने के बाद भी 89.15 मैट्रिक टन गेहूं की अधिक फीडिंग की गई थी। एफपीओ की ओर से सही जवाब भी नहीं दिया गया। इस मामले में अभी पड़ताल चल रही है। इसी तरह भुगतान में लापरवाही पर बुंदेली एवं जनधन एफपीओ को भी नोटिस दी गई है। दोनों एफपीओ ने लाखों रुपये का भुगतान किसानों को अब तक नहीं किया है। खाद्य नियंत्रक के मुताबिक ब्लैक लिस्ट होने के बाद इनको आगे खरीद करने का काम नहीं दिया जाएगा।
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