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फोरलेन हाईवे भी अतिक्रमण की चपेट में, 100 को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2016 01:05 AM IST
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highway, jhansi hindi news
- फोटो : amar ujala
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झांसी। शहर के भीतर के प्रमुख मार्ग और बाजार ही नहीं, बल्कि हाईवे भी व्यापक पैमाने पर अतिक्रमण की चपेट में हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) कानपुर और ललितपुर मार्ग पर एक सैकड़ा अतिक्रमण चिह्नित किए हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया गया है।
महानगर की सड़कों पर हर ओर अतिक्रमण पसरा हुआ है, जिससे सड़कें संकरी हो गईं हैं और आवागमन बाधित बना रहता है। यह स्थिति केवल सड़कों तक ही सीमित नहीं है। अब हाईवे भी अतिक्रमण की चपेट में आ गए हैं। एनएचएआई ने एनएच 25 झांसी - उरई फोरलेन मार्ग पर 70 तथा एनएच 26 झांसी - ललितपुर फोरलेन मार्ग पर 30 अतिक्रमण चिह्नित किए हैं। इनमें से ज्यादातर ढाबे व होटल हैं, जो सड़क से सटकर बनाए गए हैं। इससे सड़क तक अतिक्रमण पसरा रहता है। गाड़ियों की पार्किंग भी सड़क पर नजर आती है। यह स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। एनएचएआई ने सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए हैं।
सड़क सीमा से 10 मीटर नहीं हो सकता निर्माण
एनएचएआई सड़क की सीमा समाप्त होने के बाद भी दस मीटर तक निर्माण की इजाजत नहीं होती है। इसके बाद निर्माण के लिए एनएचएआई की मंजूरी जरूरी होती है। इस सीमा में स्वयं की भूमि पर भी निर्माण नहीं किया जा सकता है। लेकिन, सड़क सीमा से सटाकर भवन बना लिए जाते हैं, जिनके आगे चलकर सड़क सीमा के भीतर अस्थायी अतिक्रमण हो जाता है। एनएचएआई ने सड़क के किनारे बसे गांवों के प्रधानों को पत्र जारी किए हैं। उनसे सड़क सीमा के बाद दस मीटर के दायरे में बने भवनों को हटाने को कहा है।
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बगैर परमीशन होर्डिंग भी अवैध
एनएचएआई की सड़क के किनारे बगैर अनुमति के होर्डिंग भी नहीं लगाई जा सकती है। इस तरह की तीन होर्डिंग अभी एनएचएआई द्वारा उतरवा दी गईं हैं। अन्य होर्डिंग भी चिह्नित किए जा रहे हैं, जिन्हें उतारा जाएगा।
‘अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन को भी इसकी सूचना दी गई है। नोटिस के बाद स्वयं अतिक्रमण न हटाने पर स्थानीय पुलिस-प्रशासन की मदद से निर्माण ढहाए जाएंगे।’
- पुरुषोत्तम लाल चौधरी, परियोजना निदेशक-एनएचएआई
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महानगर की सड़कों पर हर ओर अतिक्रमण पसरा हुआ है, जिससे सड़कें संकरी हो गईं हैं और आवागमन बाधित बना रहता है। यह स्थिति केवल सड़कों तक ही सीमित नहीं है। अब हाईवे भी अतिक्रमण की चपेट में आ गए हैं। एनएचएआई ने एनएच 25 झांसी - उरई फोरलेन मार्ग पर 70 तथा एनएच 26 झांसी - ललितपुर फोरलेन मार्ग पर 30 अतिक्रमण चिह्नित किए हैं। इनमें से ज्यादातर ढाबे व होटल हैं, जो सड़क से सटकर बनाए गए हैं। इससे सड़क तक अतिक्रमण पसरा रहता है। गाड़ियों की पार्किंग भी सड़क पर नजर आती है। यह स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। एनएचएआई ने सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए हैं।
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सड़क सीमा से 10 मीटर नहीं हो सकता निर्माण
एनएचएआई सड़क की सीमा समाप्त होने के बाद भी दस मीटर तक निर्माण की इजाजत नहीं होती है। इसके बाद निर्माण के लिए एनएचएआई की मंजूरी जरूरी होती है। इस सीमा में स्वयं की भूमि पर भी निर्माण नहीं किया जा सकता है। लेकिन, सड़क सीमा से सटाकर भवन बना लिए जाते हैं, जिनके आगे चलकर सड़क सीमा के भीतर अस्थायी अतिक्रमण हो जाता है। एनएचएआई ने सड़क के किनारे बसे गांवों के प्रधानों को पत्र जारी किए हैं। उनसे सड़क सीमा के बाद दस मीटर के दायरे में बने भवनों को हटाने को कहा है।
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बगैर परमीशन होर्डिंग भी अवैध
एनएचएआई की सड़क के किनारे बगैर अनुमति के होर्डिंग भी नहीं लगाई जा सकती है। इस तरह की तीन होर्डिंग अभी एनएचएआई द्वारा उतरवा दी गईं हैं। अन्य होर्डिंग भी चिह्नित किए जा रहे हैं, जिन्हें उतारा जाएगा।
‘अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन को भी इसकी सूचना दी गई है। नोटिस के बाद स्वयं अतिक्रमण न हटाने पर स्थानीय पुलिस-प्रशासन की मदद से निर्माण ढहाए जाएंगे।’
- पुरुषोत्तम लाल चौधरी, परियोजना निदेशक-एनएचएआई