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महिलाओं के साथ गिरार पुलिस पर मारपीट का आरोप
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rape graphic
- फोटो : rape graphic
महरौनी/ ललितपुर। थाना गिरार के अंतर्गत ग्राम हनुमतगढ़ की चार महिलाओं ने क्षेत्राधिकारी महरौनी को शिकायत पत्र देकर गिरार पुलिस पर थाने में बुलाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मामले में पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देने से पुलिस बौखला गई और बेल्टों से मारपीट कर दी।
ग्राम हनुमतगढ़ निवासी तेजाबाई पत्नी रामकिशन, कमलवती पत्नी मनसुख, सुनीता पत्नी बंदू और भूरी पत्नी गोपी ने सीओ महरौनी को शिकायत पत्र देकर बताया कि 17 अक्तूबर को वह एक मामले में अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना गिरार गईं थीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद 22 अक्तूबर को उन्होंने उपजिलाधिकारी मड़ावरा के समक्ष बात रखी, लेकिन तब भी कार्रवाई नहीं हुई। फिर वह पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित हुईं, लेकिन इसके बाद भी उनकी बात नहीं सुनी गई।
आरोप है कि 27 अक्तूबर की रात को अपने परिवार के साथ घर में सोयी थीं, तभी सादा वर्दी में रात करीब साढ़े ग्यारह बजे पुलिस आई और कहने लगी कि थाने चलो, तो उन्होंने इंकार कर दिया। जिस पर वह आक्रोशित हो गए और जातिसूचक शब्दों से गलत बोलते हुए अगले दिन थाने में आने की बात कही। जब वह अगले दिन 28 अक्तूबर की सुबह परिजनों के साथ थाने गईं तो पुलिस ने कोई बात नहीं सुनी और एसपी के पास जाने की बात कहकर धमकाने लगे।
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आरोप है कि पुलिस ने चारों महिलाओं को खंभे से बांधकर बेल्ट से बेरहमी से मारा-पीटा गया, जिसमें उन्हें व उनके परिजनों को चोटें आईं। पीड़ित महिलाओं ने सीओ महरौनी से उक्त मामले में कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में रविवार को भीम आर्मी और भारत मिशन सुरक्षा परिषद ने गिरार थाना पहुंचकर महिलाओं के साथ मारपीट के मामलेे में कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन किया।
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कल महिलाएं हमारे कार्यालय महरौनी आई थीं, एक महिला ने अपने ससुर और पति के खिलाफ प्रार्थनापत्र दिया था। तब इस मारपीट के मामले में कुछ नहीं बताया था। उनका जमीनी विवाद है। इस मामले में दोनों पक्षों का शांति भंग में चालान किया गया था। दोनों पक्षों के जमीन के मामले में एसडीएम से बात की गई है और दोनों पक्षों को तहसील दिवस में बुलाया गया है। महिलाओं द्वारा जो आरोप लगाये जा रहे हैं, उनमें फिलहाल कोई सत्यता नहीं है। फिर भी मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
- फूल सिंह, क्षेत्राधिकारी महरौनी।
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ग्राम हनुमतगढ़ निवासी तेजाबाई पत्नी रामकिशन, कमलवती पत्नी मनसुख, सुनीता पत्नी बंदू और भूरी पत्नी गोपी ने सीओ महरौनी को शिकायत पत्र देकर बताया कि 17 अक्तूबर को वह एक मामले में अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना गिरार गईं थीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद 22 अक्तूबर को उन्होंने उपजिलाधिकारी मड़ावरा के समक्ष बात रखी, लेकिन तब भी कार्रवाई नहीं हुई। फिर वह पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित हुईं, लेकिन इसके बाद भी उनकी बात नहीं सुनी गई।
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आरोप है कि 27 अक्तूबर की रात को अपने परिवार के साथ घर में सोयी थीं, तभी सादा वर्दी में रात करीब साढ़े ग्यारह बजे पुलिस आई और कहने लगी कि थाने चलो, तो उन्होंने इंकार कर दिया। जिस पर वह आक्रोशित हो गए और जातिसूचक शब्दों से गलत बोलते हुए अगले दिन थाने में आने की बात कही। जब वह अगले दिन 28 अक्तूबर की सुबह परिजनों के साथ थाने गईं तो पुलिस ने कोई बात नहीं सुनी और एसपी के पास जाने की बात कहकर धमकाने लगे।
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आरोप है कि पुलिस ने चारों महिलाओं को खंभे से बांधकर बेल्ट से बेरहमी से मारा-पीटा गया, जिसमें उन्हें व उनके परिजनों को चोटें आईं। पीड़ित महिलाओं ने सीओ महरौनी से उक्त मामले में कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में रविवार को भीम आर्मी और भारत मिशन सुरक्षा परिषद ने गिरार थाना पहुंचकर महिलाओं के साथ मारपीट के मामलेे में कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन किया।
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कल महिलाएं हमारे कार्यालय महरौनी आई थीं, एक महिला ने अपने ससुर और पति के खिलाफ प्रार्थनापत्र दिया था। तब इस मारपीट के मामले में कुछ नहीं बताया था। उनका जमीनी विवाद है। इस मामले में दोनों पक्षों का शांति भंग में चालान किया गया था। दोनों पक्षों के जमीन के मामले में एसडीएम से बात की गई है और दोनों पक्षों को तहसील दिवस में बुलाया गया है। महिलाओं द्वारा जो आरोप लगाये जा रहे हैं, उनमें फिलहाल कोई सत्यता नहीं है। फिर भी मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
- फूल सिंह, क्षेत्राधिकारी महरौनी।