यूपी: कार से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद, चार गिरफ्तार, पूछताछ जारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटीएस ने थाना उल्दन इलाके में एक कार से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। मौके से पकड़े गए चार लोगों पर एफआईआर भी दर्ज हुई है। पकड़ी गई विस्फोटक सामग्री मध्य प्रदेश से लाई गई थी। चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
रविवार को एटीएस के डीएसपी मनीष सोनकर को थाना उल्दन के बंगरा चौराहा पर एक कार से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री लेकर निकलने की सूचना मिली थी। टीम के साथ झांसी फील्ड यूनिट और पुलिस बल के साथ घेराबंदी कर टीम ने गाड़ी को रोका। कार से टीम ने एक हजार डेटोनेटर, 25 पेटी में रखीं पांच हजार जिलेटिन की छड़ें बरामद कीं।
पता चला है कि विस्फोटक सामग्री मध्य प्रदेश से लाई जा रही थी। आरोपियों ने अपने नाम थाना मोंठ के टोड़ी निवासी चरन सिंह, राजस्थान के जनपद भीलवाड़ा तहसील जहाजपुर और खजुरी गांव हाल निवासी थना नवाबाद स्थित विश्वविद्यालय के पीछे निवासी दीन बंधु, चालक मोंठ निवासी पुष्पेंद्र व थाना टीकमगढ़ के गांव वनवाड़ी निवासी सीताराम पाल बताए। टीम ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जेल से आकर फिर करने लगा तस्करी
रविवार को थाना उल्दन क्षेत्र में एटीएस की कार्रवाई में पकड़ा गया मुख्य आरोपी चरन सिंह जेल से छूटकर दोबारा विस्फोटक पदार्थ की तस्करी में उतर आया। दो साल पहले वह विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद जेल गया था। एक बार फिर विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क होकर पड़ताल में जुट गई हैं।
जुलाई में कानपुर के चकेरी हाइवे पर लावारिस कार से इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और ट्रक से विस्फोटक सामग्री मिली थी। कार से सासाराम निवासी विक्रांत कुमार, ओम नारायण राय और पंकज कुमार सिंह पकड़े गए थे। तीनों से पूछताछ के बाद झांसी के मोंठ का इनपुट मिला था। पता चला कि उक्त विस्फोटक सामग्री मोंठ से लाई गई थी। भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद खुफिया विभाग के कान खड़े हो गए थे।
इसके बाद एटीएस ने पूछताछ के बाद 25 अगस्त 2016 को थाना मोंठ इलाके में एक मकान में दबिश दी थी। यहां से 92 बोरी अमोनियम नाइट्रेट, 800 डेटोनेटर, 3 हजार इलेक्ट्रिक प्लेन डिटोनेटर, 4 हजार जिलेटिन छडे़ें बरामद की थीं। यहां से टीम ने चरण सिंह को गिरफ्तार किया था। टीम ने एफआईआर दर्ज कराने के बाद उसे जेल भेजा था।
बताया गया है कि कुछ समय पहले ही वह जेल से छूटकर आया था और पुन: विस्फोटक सामग्री की सप्लाई में लग गया। रविवार को एटीएस की कार्रवाई में चरण सिंह की गिरफ्तारी होने के बाद खुफिया विभाग सतर्क हो गया है। विस्फोटक सामग्री किसी बड़े शहर में सप्लाई होना थी। अब कहां और किसके यहां होनी थी, इसके लिए पूछताछ की जा रही है।