Jhansi: दो मुख्य अभियंताओं की लड़ाई, एक ने पानी रोका तो दूसरे ने दफ्तर की बिजली कटवाई
बेतवा भवन में बने दफ्तरों में बैठने वाले सिंचाई विभाग के दो मुख्य अभियंताओं की लड़ाई में कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विस्तार
बेतवा भवन में बने दफ्तरों में बैठने वाले सिंचाई विभाग के दो मुख्य अभियंताओं में तनातनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि एक मुख्य अभियंता ने दूसरे मुख्य अभियंता के दफ्तर का पानी रोक दिया तो दूसरे अधिकारी ने बिजली ही कटवा दी। अफसरों की इस रार से कर्मचारी भी परेशान रहे। विवाद विभाग के एचओडी एके सिंह एवं प्रमुख सचिव अनिल गर्ग तक पहुंच गया। प्रमुख सचिव ने दोनों को समझाकर शांत कराया। हालांकि दोनों के बीच बोलचाल कतई बंद हो गई है।
झांसी के सिविल लाइंस में स्थित बेतवा भवन के निचले तल पर मुख्य अभियंता आरपी सिंह (परियोजना) का दफ्तर है जबकि पहली मंजिल पर मुख्य अभियंता माहेश्वरी प्रसाद (बेतवा) बैठते हैं। दरअसल, पिछले कई माह से बेतवा कार्यालय का आरओ प्लांट खराब है। इस वजह से बेतवा कार्यालय के कर्मचारियों को परियोजना कार्यालय से पानी लाना पड़ रहा है। यह बात मालूम चलने पर मुख्य अभियंता आरपी सिंह ने बेतवा कर्मचारियों के पानी लेने पर रोक लगा दी। जब बेतवा मुख्य अभियंता महेश्वरी प्रसाद को यह बात मालूम चली तब उन्होंने पूरी इमारत को अपना बताते हुए परियोजना की बिजली कटवा दी।
बिजली कटने से पूरा कार्यालय अंधेरे में डूब गया। परियोजना कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। इससे नाराज होकर मुख्य अभियंता आरपी सिंह ने माहेश्वरी प्रसाद की शिकायत लखनऊ में बैठने वाले ओएचओ समेत प्रमुख सचिव से कर दी। उधर, माहेश्वरी प्रसाद ने भी पलटवार करते हुए आरपी सिंह की शिकायत शासन में भेज दी। दो आला अफसरों के बीच घमासान छिड़ने से कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी सांसत में फंस गए। दोनों दफ्तरों के कर्मचारियों के बीच बोलचाल भी बंद हो गई हालांकि प्रमुख सचिव के बीच बचाव के बाद जाकर मामला शांत हुआ।
स्टेनो से भी भिड़ चुके मुख्य अभियंता
मुख्य अभियंता (परियोजना) आरपी सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। पिछले महीने ही वह अपने स्टेनो हेमंत राठौर से भी भिड़ गए थे। इस मामले में कर्मचारी संगठन मुख्य अभियंता के खिलाफ लामबंद हो गए थे हालांकि अन्य अफसरों के बीच बचाव करने के बाद यह मामला किसी तरह शांत हुआ था।
पिछले छह महीने से उनके कार्यालय का प्लांट खराब है। मना करने पर इमारत खाली कराने की धमकी दे रहे थे। इस वजह से उनकी शासन मेें शिकायत की थी हालांकि अब कोई विवाद नहीं है
-आरपी सिंह, मुख्य अभियंता (परियोजना)
पानी बंद करा देने से कर्मचारियों को परेशानी होने लगी जबकि पूरी इमारत की देखरेख का काम परियोजना की ओर से किया जाता है। शासन को शिकायत की गई थी। विवाद सुलझा लिया गया है।
-माहेश्वरी प्रसाद, मुख्य अभियंता (बेतवा)