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नेत्र बैंक का प्रस्ताव लटका, कैसे होगा कॉर्निया ट्रांसप्लांट
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से बुंदेलखंड की पहली नेत्र बैंक खोलने की कवायद चल रही है। इसके बावजूद अब तक शासन से इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी है। बैंक न खुल पाने की वजह से कॉर्निया ट्रांसप्लांट भी सपना बनकर रह गया है।
मेडिकल कॉलेज में नेत्र बैंक की स्थापना के लिए वर्ष 2010 से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेत्र बैंक न होने से जिन मरीजों को नेत्र प्रत्यारोपण के लिए दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू समेत दूरदराज के अस्पतालों में जाना पड़ता है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नेत्र बैंक खोलने के लिए कई बार शासन को पत्र लिखा है। मगर अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि झांसी मेडिकल कॉलेज में नेत्र बैंक खुल जाती है तो इससे पूरे बुंदेलखंड का फायदा होगा। मेडिकल कॉलेज में ही आंख की कॉर्निया का ट्रांसप्लांट हो सकेगा। दुर्घटना या अन्य कारणों से आंखों की रोशनी गंवाने वाले मरीजों की आंखों की रोशनी फिर से मिल सकेगी।
ये विशिष्ट जांचें हो सकेंगी
- फंड़स एंजियोग्राफी
- ऑटोमेटेड फंड्स स्कोपी
- पेरीमीटरी
- लेजर व थ्री डी ओसीटी
नेत्र बैंक खोलने के लिए प्रयास किया जा रहा है। शासन को भी प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही नेत्र बैंक खुलने की उम्मीद है। इसके खुलने के बाद यहां पर ही नेत्र प्रत्यारोपण हो सकेगा। झांसी समेत बुंदेलखंड के मरीजों को फायदा होगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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मेडिकल कॉलेज में नेत्र बैंक की स्थापना के लिए वर्ष 2010 से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेत्र बैंक न होने से जिन मरीजों को नेत्र प्रत्यारोपण के लिए दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू समेत दूरदराज के अस्पतालों में जाना पड़ता है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नेत्र बैंक खोलने के लिए कई बार शासन को पत्र लिखा है। मगर अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि झांसी मेडिकल कॉलेज में नेत्र बैंक खुल जाती है तो इससे पूरे बुंदेलखंड का फायदा होगा। मेडिकल कॉलेज में ही आंख की कॉर्निया का ट्रांसप्लांट हो सकेगा। दुर्घटना या अन्य कारणों से आंखों की रोशनी गंवाने वाले मरीजों की आंखों की रोशनी फिर से मिल सकेगी।
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ये विशिष्ट जांचें हो सकेंगी
- फंड़स एंजियोग्राफी
- ऑटोमेटेड फंड्स स्कोपी
- पेरीमीटरी
- लेजर व थ्री डी ओसीटी
नेत्र बैंक खोलने के लिए प्रयास किया जा रहा है। शासन को भी प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही नेत्र बैंक खुलने की उम्मीद है। इसके खुलने के बाद यहां पर ही नेत्र प्रत्यारोपण हो सकेगा। झांसी समेत बुंदेलखंड के मरीजों को फायदा होगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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