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स्मार्ट सिटी बनने की उम्मीदें बढ़ीं

Thu, 23 Mar 2017 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 23 Mar 2017 12:59 AM IST
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Expectations to become a smart city
स्मार्ट सिटी बनने की उम्मीदें बढ़ीं - फोटो : demo
इस बार झांसी को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके लिए प्रोजेक्ट तैयार हो गया है। इसे 24 मार्च को प्रमुख सचिव के सामने पेश किया जाएगा। इसके बाद 31 मार्च को प्रोजेक्ट भारत सरकार को सौंपा जाएगा। बुधवार को नगर निगम में हुए पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से पिछली गलतियों को सुधारने पर प्रकाश डाला गया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रमुख सौ शहरों को स्मार्ट सिटी का दर्जा देकर उनका विकास कराने की घोषणा की थी। अभी तक देश के साठ शहर स्मार्ट सिटी का दर्जा पा चुके हैं। चालीस अन्य शहरों के चयन के लिए अंतिम चरण चल रहा है। पिछली बार झांसी 0.44 प्वाइंट से पिछड़ गया था। तब से लेकर अब तक जो कमियां रह गई थीं, उन्हें सुधार लिया गया है। 24 मार्च को शासन के प्रमुख सचिव के सामने प्रोजेक्ट को पेश किया जाएगा। इसकी तैयारियां को लेकर नगर निगम में बुधवार को पावर प्रजेंटेशन किया गया। इसमें बताया गया कि पहले राउंड में दो लाख से अधिक फालोवर थे। दूसरे और तीसरे राउंड में करीब बीस हजार फालोवर ने स्मार्ट सिटी के लिए कमेंट दिए हैं। इस मौके पर मुख्य अभियंता आरके वर्मा उपस्थित रहे।
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यह काम किए जाएंगे
- रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास के छह वार्डों में पहले चरण में अंडरग्राउंड बिजली केबल डाली जाएगी। सीवरेज सिस्टम ठीक होगा और सड़कें दुरुस्त होंगी। 
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- अंडरग्राउंड बिजली लाइन, ड्रेनेज सिस्टम और सीवरेज ट्रीटमेंट पर 1,407 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 
- शहर को पेनसिटी बनाया जाएगा। एक छतरी के नीचे सभी सुविधाएं मिलेंगी। इस पर 460 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर शहरी सुविधाएं दी जाएंगी। इस पर 165 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 
- राज्य सरकार इसमें 128.9 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बाकी पैसे का इंतजाम नगर निगम अपने स्तर से करेगा।
- स्मार्ट सिटी मिशन पर पांच साल में केंद्र सरकार 965 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें से केंद्र सरकार 465 करोड़ रुपये देगी तथा राज्य सरकार 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष सौ करोड़ रुपये देगी और पांच साल में पांच सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। 
- डोर टू डोर कचरा कलेक्शन सबसे महत्वपूर्ण कार्य होगा। शहर में कहीं पर भी कचरा नहीं डाला जाएगा। एक तरह से कचरा घर समाप्त हो जाएंगे, जिससे गलियों और सड़कों पर कचरा नहीं मिलेगा, बल्कि सड़कें साफ सुथरी रहेंगी।


कमियों को दूर किया
अबकी बार झांसी को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने की पूरी उम्मीद है। जिन कमियों की वजह से पिछली बार हम पिछड़ गए थे, उन्हें पूरा कर लिया गया है। स्मार्ट सिटी बनने से शहर का विकास तेजी से होगा।

- अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त 

झांसी की तस्वीर बदल जाएगी
शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना जरूर पूरा होगा। इससे अपने शहर का विकास तेजी से होगा और अगले पांच साल में झांसी की तस्वीर बदल जाएगी। - किरन वर्मा, महापौर  
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