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Jhansi News: प्रसूता की मौत में दोषी चिकित्सकों पर चार माह बाद भी नहीं हो सकी कार्रवाई

Thu, 31 Jul 2025 12:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jul 2025 12:03 AM IST
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Even after four months, no action could be taken against the doctors guilty of the death of the pregnant woman
- जिलाधिकारी ने कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को लिखा था पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में प्रसूता की मौत में दोषी दो चिकित्सकों पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। तीन सदस्यीय कमेटी की जांच में चिकित्सक दोषी पाए जाने के बाद जिलाधिकारी ने कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को पत्र लिखा था, लेकिन चार माह बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में मामला ठंडे बस्ते में बना हुआ है।
एक मार्च को शहर के मोहल्ला आजादपुरा निवासी प्रसूता मालती सोनी (37) की उपचार के अभाव में मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार समेत नगरवासियों ने मेडिकल कॉलेज में प्रदर्शन कर महिला अस्पताल के चिकित्सकों पर एफआईआर दर्ज किए जाने समेत प्रकरण की जांचकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर तत्कालीन जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम का गठन किया था। टीम में एसडीएम सदर, सीओ सदर व पीएचसी दैलवारा के प्रभारी अधीक्षक को नामित किया था। जांच टीम ने मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. प्रियांशी असाटी व डॉ. स्वाती खरे को दोषी पाया था। साथ ही नर्सिंग होम संचालक को दोषी पाया गया था। मामले में नर्सिंग होम संचालक समेत 12 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
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साथ ही तत्कालीन जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जांच में दोषी दोनों चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की थी। साथ ही दस मार्च को शासन को पत्र लिखा था। लेकिन, चार माह बीतने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मामला शासन में अटका हुआ है। यही कारण है कि अब तक चिकित्सकों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। वर्तमान में एक चिकित्सक डॉ. प्रियांशी असाटी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत हैं, जो कार्य कर रहीं हैं। वहीं एक चिकित्सक डॉ. स्वाती खरे को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने निलंबित कर दिया था।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन को शासन से अब तक कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने के बाद निर्देश के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज
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