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सुबह धरना, शाम को कैंडल मार्च
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2016 01:15 AM IST
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Encompass morning , jhansi news
- फोटो : amrujala
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झांसी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों पर लखनऊ में 13 मार्च को शांतिपूर्वक धरने के दौरान पुलिस द्वारा की गई बर्बरता के विरोध व विभिन्न मांगों को लेकर संविदा कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में धरना दिया। संविदा चिकित्सकों, स्टाफ नर्स, एएनएम, प्रबंध आदि संविदा कर्मियों ने विरोध स्वरूप झाड़ू लगाई और शाम को कैंडल मार्च निकाला।
संघ के जिलाध्यक्ष वासुदेव गोस्वामी ने बताया कि यह प्रदर्शन एनएचएम में आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्ति प्रक्रिया खत्म करने, असमान वेतन की खामियां दूर करने, कर्मियों का दस लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा तथा पीएफ की सुविधा के साथ रिजवी कमेटी की संस्तुति के अनुसार ग्रेड पे, पद के अनुरूप पे-बैण्ड तय करने को किया जा रहा है।
उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव द्वारा 21 दिसंबर 2011 को जारी पत्र में प्रदत्त व्यवस्था और रिजवी कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप राजस्थान व झारखंड सरकार की तर्ज पर यूपी को भी कर्मियों के नियमितीकरण की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण की प्रक्रिया को समाप्त करके रिक्त पदों पर वरिष्ठता के अनुसार एनएचएम कर्मियों की नियुक्ति की जाए।
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संघ महामंत्री डॉ. प्रमोद यादव ने कहा कि 2008 से अब तक राज्य स्तर से कर्मचारी हित के लिए मानव संसाधन नीति लागू नहीं की गई है। इस दौरान ऋषिराज सिंह, डॉ. अनुराधा, डॉ. दुष्यंत सिंह, आदित्य प्रकाश, रवि करौसिया, सुनील कुमार, डॉ. संजय सिंह, राजवर्धन अग्निहोत्री, दीपक वर्मा, रविंद्र राठौर, डॉ. प्रशांत दुबे, अमित राव, कल्पना, सतीश वर्मा, सपना वर्मा, विवेक यादव, डॉ. के एस गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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संघ के जिलाध्यक्ष वासुदेव गोस्वामी ने बताया कि यह प्रदर्शन एनएचएम में आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्ति प्रक्रिया खत्म करने, असमान वेतन की खामियां दूर करने, कर्मियों का दस लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा तथा पीएफ की सुविधा के साथ रिजवी कमेटी की संस्तुति के अनुसार ग्रेड पे, पद के अनुरूप पे-बैण्ड तय करने को किया जा रहा है।
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उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव द्वारा 21 दिसंबर 2011 को जारी पत्र में प्रदत्त व्यवस्था और रिजवी कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप राजस्थान व झारखंड सरकार की तर्ज पर यूपी को भी कर्मियों के नियमितीकरण की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण की प्रक्रिया को समाप्त करके रिक्त पदों पर वरिष्ठता के अनुसार एनएचएम कर्मियों की नियुक्ति की जाए।
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संघ महामंत्री डॉ. प्रमोद यादव ने कहा कि 2008 से अब तक राज्य स्तर से कर्मचारी हित के लिए मानव संसाधन नीति लागू नहीं की गई है। इस दौरान ऋषिराज सिंह, डॉ. अनुराधा, डॉ. दुष्यंत सिंह, आदित्य प्रकाश, रवि करौसिया, सुनील कुमार, डॉ. संजय सिंह, राजवर्धन अग्निहोत्री, दीपक वर्मा, रविंद्र राठौर, डॉ. प्रशांत दुबे, अमित राव, कल्पना, सतीश वर्मा, सपना वर्मा, विवेक यादव, डॉ. के एस गुप्ता आदि मौजूद रहे।