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थ्रू रेट पांच रुपये होते ही मिलेगी 22 घंटे बिजली: सिंह
ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2015 01:46 AM IST
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झांसी। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने कहा कि झांसी नगर में अभी चार रुपये थ्रू रेट के हिसाब से विभाग को राजस्व मिल रहा है। उपभोक्ताओं के मीटर परिसर से बाहर लगाने व नंगे तारों की जगह बंच कंडक्टर केबल डालने को चल रहे अभियान से यह अंतर सामने आने लगा है।
जिस दिन थ्रू रेट पांच रुपये आ जाएगा, उस दिन से झांसी को 18 की जगह 22 घंटे बिजली मिलने लगेगी। शुक्रवार को यह बातें उन्होंने राजकीय संग्रहालय में कार्य समीक्षा के बाद कहीं।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को अच्छी बिजली देना विभाग की प्राथमिकता है। नए मीटरों के तेज भागने की शिकायतों पर कहा कि विभाग देश की सर्वश्रेष्ठ पांच कंपनियों (एलएंडटी, लैंडीस, जीनस, सेक्यूर व एचपीएल) से मीटर खरीद रहा है। मीटर खरीद से पहले विभाग की टीम उन्हें जांचती है, इसके बाद ही मीटर मंगाए जाते हैं।
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अगर किसी को शिकायत है तो चेक मीटर लगवाकर अपनी शंका दूर कर सकता है। अगर वास्तव में मीटर तेज निकला तो बिना कोई राशि लिए उपभोक्ता के घर नया मीटर लगा दिया जाएगा। एसएमएस के जरिये बिल जमा होने संबंधी जानकारी मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के शत प्रतिशत मोबाइल नंबरों की फीडिंग होते ही अगले छह महीने में इस सुविधा का लाभ सुचारू रूप से मिलने लगेगा।
इससे पहले प्रबंध निदेशक ने जनपद के अधिकारियों व अवर अभियंताओं के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बिजली चोरी रोकने व उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विद्युत खंभों में बंच कंडक्टर बाक्स को सील करने को कहा, ताकि खुले बाक्स से किसी को अनाधिकृत रूप से संयोजन न दिया जा सके।
उन्होंने प्रत्येक उपखंड अधिकारी से उनके टारगेट, मार्च तक क्या थ्रू रेट था उनके क्षेत्र में कितने बड़े संयोजन हैं? आदि कार्यो की जानकारी ली।
इस अवसर पर आगरा से आए निदेशक वाणिज्य एसवीएस राठौर, अधीक्षण अभियंता स्टोर अंशुल अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता आईपी सिंह के अलावा मुख्य अभियंता वितरण पीके जैन, अधीक्षण अभियंता नगर राकेश कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण संदीप अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता माध्यमिक कार्य खंड अजय कपूर आदि मौजूद रहे।
मऊरानीपुर के अधिशासी अभियंता को बदला
प्रबंध निदेशक ने मऊरानीपुर क्षेत्र की राजस्व वसूली संतोषजनक न मिलने पर अधिशासी अभियंता चंद्रपाल व उपखंड अधिकारी अरविंद कुमार को फटकार लगाई। उन्होंने अधिशासी अभियंता का स्थानांतरण कर कानपुर कार्यालय संबद्ध कर दिया है। जबकि उनकी जगह आगरा में कार्यरत अनुभव कुमार को पदस्थ किया गया है।
हर सब स्टेशन पर ली गई एमआईआर
मुख्य अभियंता वाणिज्य आगरा हरी प्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में टाटा कंसल्टेंसी टीम ने नगर के सभी 14 सब स्टेशनों पर पहुंचकर एमआरआई (मीटर रीडिंग रिपोर्ट) नोट की। एमआईआर से पता चल जाता है कि बिजली घर की क्षमता के हिसाब से लोड कितना निकल रहा है।
पूरे शहर में घूमी विद्युत चेकिंग टीमें
शुक्रवार को प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता (प्रवर्तन) एन के मिश्रा के नेतृत्व में तेरह टीमें बनाई गईं। तेरह सब स्टेशनों में बंटने के बाद इन टीमों ने संबंधित क्षेत्रों में चेकिंग की।
सभी टीमों को 208 संयोजन चेक करने का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 91 कनेक्शन ही चेक हो सके। हालांकि, इस दौरान चोरी का एक भी मामला सामने नहीं आया। दो मामले ओवर लोड व पांच मीटर खराब पाए गए।
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जिस दिन थ्रू रेट पांच रुपये आ जाएगा, उस दिन से झांसी को 18 की जगह 22 घंटे बिजली मिलने लगेगी। शुक्रवार को यह बातें उन्होंने राजकीय संग्रहालय में कार्य समीक्षा के बाद कहीं।
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उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को अच्छी बिजली देना विभाग की प्राथमिकता है। नए मीटरों के तेज भागने की शिकायतों पर कहा कि विभाग देश की सर्वश्रेष्ठ पांच कंपनियों (एलएंडटी, लैंडीस, जीनस, सेक्यूर व एचपीएल) से मीटर खरीद रहा है। मीटर खरीद से पहले विभाग की टीम उन्हें जांचती है, इसके बाद ही मीटर मंगाए जाते हैं।
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अगर किसी को शिकायत है तो चेक मीटर लगवाकर अपनी शंका दूर कर सकता है। अगर वास्तव में मीटर तेज निकला तो बिना कोई राशि लिए उपभोक्ता के घर नया मीटर लगा दिया जाएगा। एसएमएस के जरिये बिल जमा होने संबंधी जानकारी मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के शत प्रतिशत मोबाइल नंबरों की फीडिंग होते ही अगले छह महीने में इस सुविधा का लाभ सुचारू रूप से मिलने लगेगा।
इससे पहले प्रबंध निदेशक ने जनपद के अधिकारियों व अवर अभियंताओं के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बिजली चोरी रोकने व उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विद्युत खंभों में बंच कंडक्टर बाक्स को सील करने को कहा, ताकि खुले बाक्स से किसी को अनाधिकृत रूप से संयोजन न दिया जा सके।
उन्होंने प्रत्येक उपखंड अधिकारी से उनके टारगेट, मार्च तक क्या थ्रू रेट था उनके क्षेत्र में कितने बड़े संयोजन हैं? आदि कार्यो की जानकारी ली।
इस अवसर पर आगरा से आए निदेशक वाणिज्य एसवीएस राठौर, अधीक्षण अभियंता स्टोर अंशुल अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता आईपी सिंह के अलावा मुख्य अभियंता वितरण पीके जैन, अधीक्षण अभियंता नगर राकेश कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण संदीप अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता माध्यमिक कार्य खंड अजय कपूर आदि मौजूद रहे।
मऊरानीपुर के अधिशासी अभियंता को बदला
प्रबंध निदेशक ने मऊरानीपुर क्षेत्र की राजस्व वसूली संतोषजनक न मिलने पर अधिशासी अभियंता चंद्रपाल व उपखंड अधिकारी अरविंद कुमार को फटकार लगाई। उन्होंने अधिशासी अभियंता का स्थानांतरण कर कानपुर कार्यालय संबद्ध कर दिया है। जबकि उनकी जगह आगरा में कार्यरत अनुभव कुमार को पदस्थ किया गया है।
हर सब स्टेशन पर ली गई एमआईआर
मुख्य अभियंता वाणिज्य आगरा हरी प्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में टाटा कंसल्टेंसी टीम ने नगर के सभी 14 सब स्टेशनों पर पहुंचकर एमआरआई (मीटर रीडिंग रिपोर्ट) नोट की। एमआईआर से पता चल जाता है कि बिजली घर की क्षमता के हिसाब से लोड कितना निकल रहा है।
पूरे शहर में घूमी विद्युत चेकिंग टीमें
शुक्रवार को प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता (प्रवर्तन) एन के मिश्रा के नेतृत्व में तेरह टीमें बनाई गईं। तेरह सब स्टेशनों में बंटने के बाद इन टीमों ने संबंधित क्षेत्रों में चेकिंग की।
सभी टीमों को 208 संयोजन चेक करने का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 91 कनेक्शन ही चेक हो सके। हालांकि, इस दौरान चोरी का एक भी मामला सामने नहीं आया। दो मामले ओवर लोड व पांच मीटर खराब पाए गए।