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Jhansi News: मानवीय प्रयास से परिजनों में लौटी रास्ता भटकी बुजुर्ग महिला
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कई दिन पहले सालासर बालाजी से दर्शन कर लौट रही बुजुर्ग महिला लोहारू स्टेशन पर भटक गई थी। यहां उन्हें एक समाजसेवा ने देखा और जानकारी लेकर उन्हें दिल्ली से झांसी के लिए ट्रेन में बिठाया। इससे पहले समाजसेवी ने महिला का वीडियो वायरल कर उन्हें घर तक पहुंचाने की अपील की थी। इसके बाद झांसी में एडीआरएम आरडी मौर्या ने जागृति संस्था के सहयोग से उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचा दिया।
पुराने शहर की रहने वाली लगभग 98 वर्ष की बुजुर्ग महिला परिजनों को बिना बताए ट्रेन में सवार होकर सालासर बालाजी जा पहुंची थी। यहां से जब वह झांसी लौट रही थीं तो रास्ता भटक कर गलत ट्रेन में सवार हो गईं। इसके बाद लोहारू स्टेशन उतर गईं। उन्हें नहीं पता था कि वह झांसी कैसे पहुंचेगीं। इसी बीच एक समाजसेवी उन्हें मिल गए। जब बुजुर्ग महिला से उन्होंने बात करनी चाही तो वह झांसी के अलावा कुछ नहीं बोल सकीं। समाजसेवी ने बुजुर्ग के साथ एक वीडियो बनाया और एक्स पर वायरल करते हुए महिला को परिजनों से मिलाने की अपील की।
इतना ही नहीं, समाजसेवी ने अपने खर्च पर उन्हें कर्नाटक एक्सप्रेस में बिठाकर झांसी भेज दिया। यहां जब वीडियो रेल अधिकारियों को मिला तो अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन आरडी मौर्या ने सेवानिवृत्त रेलकर्मियों की संस्था जागृति से संपर्क किया और महिला के परिजनों को ढूंढने की बात कही। इसके बाद रविवार रात दो बजे रेलवे के टेक्निशियन आकाश कुलकर्णी, मेडिकल कॉलेज के डॉ. शिवम चौहान, जागृति संस्था के सागर और अकील अहमद ने स्टेशन पर पहुंचकर आरपीएफ की मदद से महिला को ट्रेन से उतारा और उन्हें घर पहुंचा दिया। संवाद
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झांसी। कई दिन पहले सालासर बालाजी से दर्शन कर लौट रही बुजुर्ग महिला लोहारू स्टेशन पर भटक गई थी। यहां उन्हें एक समाजसेवा ने देखा और जानकारी लेकर उन्हें दिल्ली से झांसी के लिए ट्रेन में बिठाया। इससे पहले समाजसेवी ने महिला का वीडियो वायरल कर उन्हें घर तक पहुंचाने की अपील की थी। इसके बाद झांसी में एडीआरएम आरडी मौर्या ने जागृति संस्था के सहयोग से उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचा दिया।
पुराने शहर की रहने वाली लगभग 98 वर्ष की बुजुर्ग महिला परिजनों को बिना बताए ट्रेन में सवार होकर सालासर बालाजी जा पहुंची थी। यहां से जब वह झांसी लौट रही थीं तो रास्ता भटक कर गलत ट्रेन में सवार हो गईं। इसके बाद लोहारू स्टेशन उतर गईं। उन्हें नहीं पता था कि वह झांसी कैसे पहुंचेगीं। इसी बीच एक समाजसेवी उन्हें मिल गए। जब बुजुर्ग महिला से उन्होंने बात करनी चाही तो वह झांसी के अलावा कुछ नहीं बोल सकीं। समाजसेवी ने बुजुर्ग के साथ एक वीडियो बनाया और एक्स पर वायरल करते हुए महिला को परिजनों से मिलाने की अपील की।
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इतना ही नहीं, समाजसेवी ने अपने खर्च पर उन्हें कर्नाटक एक्सप्रेस में बिठाकर झांसी भेज दिया। यहां जब वीडियो रेल अधिकारियों को मिला तो अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन आरडी मौर्या ने सेवानिवृत्त रेलकर्मियों की संस्था जागृति से संपर्क किया और महिला के परिजनों को ढूंढने की बात कही। इसके बाद रविवार रात दो बजे रेलवे के टेक्निशियन आकाश कुलकर्णी, मेडिकल कॉलेज के डॉ. शिवम चौहान, जागृति संस्था के सागर और अकील अहमद ने स्टेशन पर पहुंचकर आरपीएफ की मदद से महिला को ट्रेन से उतारा और उन्हें घर पहुंचा दिया। संवाद
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