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Jhansi News: खदान में धकेले आठ कोच, 29 घंटे बाद बहाल हुआ रेलमार्ग
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। शुक्रवार की रात को बेपटरी हुई साबरमती एक्सप्रेस की घटना में बाधित हुआ कानपुर-झांसी रेलमार्ग रविवार की 29 घंटे बाद बहाल कर दिया गया। यहां से पहली ट्रेन के रूप में मालगाड़ी को झांसी के लिए रवाना किया गया। इससे पहले ट्रेन के क्षतिग्रस्त आठ कोच को घटनास्थल के पास ही खदान में गिराया गया, तब जाकर रेल संचालन शुरू हो सका।
वहीं, शुरूआती जांच में पता चला है कि जिस वक्त साबरमती एक्सप्रेस पटरी से उतरी समय वह प्रयागराज मंडल से झांसी मंडल में प्रवेश कर झांसी मंडल में दो किलोमीटर अंदर आ चुकी थी। गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय ट्रेन की रफ्तार 78 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। झांसी मंडल के कैरिज एंड वैगन विभाग के अधिकारियों ने आठों कोच को वहीं खदान में फिंकवाया और बाकी कोचों को जांच के लिए कानपुर भेजा गया है। इसके बाद ही ट्रैक पर मरम्मत कार्य शुरू हो सका। 29 घंटे के बाद रविवार की सुबह 7.41 बजे रेलमार्ग से ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। 7.45 बजे यहां से झांसी के लिए पहली मालगाड़ी को निकाला गया।
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- झांसी से भेजा जाना था दूसरा रैक
दुर्घटनाग्रस्त हुई साबरमती एक्सप्रेस के यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए झांसी मंडल के कैरिज एंड वैगन मरम्मत विभाग ने झांसी में 24 कोच की ट्रेन तैयार की थी। हालांकि, कानपुर से मेमू ट्रेन भेजकर यात्रियों को लाया गया। यहां से दूसरा रैक जोड़कर ट्रेन को अहमदाबाद के लिए भेजा गया।
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वर्जन
ट्रैक की मरम्मत के बाद रविवार की सुबह 7.41 बजे घटनास्थल से ट्रेनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है। साथ ही क्षतिग्रस्त कोचों को भी मौके से हटाया गया है।
दीपक कुमार सिन्हा, मंडल रेल प्रबंधक, झांसी।
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झांसी। शुक्रवार की रात को बेपटरी हुई साबरमती एक्सप्रेस की घटना में बाधित हुआ कानपुर-झांसी रेलमार्ग रविवार की 29 घंटे बाद बहाल कर दिया गया। यहां से पहली ट्रेन के रूप में मालगाड़ी को झांसी के लिए रवाना किया गया। इससे पहले ट्रेन के क्षतिग्रस्त आठ कोच को घटनास्थल के पास ही खदान में गिराया गया, तब जाकर रेल संचालन शुरू हो सका।
वहीं, शुरूआती जांच में पता चला है कि जिस वक्त साबरमती एक्सप्रेस पटरी से उतरी समय वह प्रयागराज मंडल से झांसी मंडल में प्रवेश कर झांसी मंडल में दो किलोमीटर अंदर आ चुकी थी। गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय ट्रेन की रफ्तार 78 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। झांसी मंडल के कैरिज एंड वैगन विभाग के अधिकारियों ने आठों कोच को वहीं खदान में फिंकवाया और बाकी कोचों को जांच के लिए कानपुर भेजा गया है। इसके बाद ही ट्रैक पर मरम्मत कार्य शुरू हो सका। 29 घंटे के बाद रविवार की सुबह 7.41 बजे रेलमार्ग से ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। 7.45 बजे यहां से झांसी के लिए पहली मालगाड़ी को निकाला गया।
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- झांसी से भेजा जाना था दूसरा रैक
दुर्घटनाग्रस्त हुई साबरमती एक्सप्रेस के यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए झांसी मंडल के कैरिज एंड वैगन मरम्मत विभाग ने झांसी में 24 कोच की ट्रेन तैयार की थी। हालांकि, कानपुर से मेमू ट्रेन भेजकर यात्रियों को लाया गया। यहां से दूसरा रैक जोड़कर ट्रेन को अहमदाबाद के लिए भेजा गया।
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ट्रैक की मरम्मत के बाद रविवार की सुबह 7.41 बजे घटनास्थल से ट्रेनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है। साथ ही क्षतिग्रस्त कोचों को भी मौके से हटाया गया है।
दीपक कुमार सिन्हा, मंडल रेल प्रबंधक, झांसी।