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कोरोना काल में आठ सौ उपभोक्ताओें पर लिखी गई बिजली चोरी की एफआईआर

Fri, 25 Dec 2020 03:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Dec 2020 03:09 AM IST
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Durring corona time 800 people again FIR
fir
 कोरोना काल में बिजली चोरों पर शिकंजा कसने में नया नियम कारगर साबित हो रहा है। बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही जुर्माना जमा किया जा रहा है। एक सितंबर से अभी तक आठ सौ लोगों के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है। पहले बिजली चोरी करते पकड़े जाने पर मौके पर ही जुर्माना अदा करके लोग बच जाते थे।
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विभाग पहले घरेलू कनेक्शन में बिजली चोरी पकड़ने पर प्रति किलोवाट चार हजार रुपये शमन शुल्क जमा कराने के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराता था। इसी तरह वाणिज्यिक कनेक्शन में चोरी पकड़ने पर प्रति किलोवाट दस हजार रुपये शमन शुल्क जमा कराया जाता था। हालांकि, बाद में संबंधित व्यक्ति को राजस्व निर्धारण भी जमा करना पड़ता है जो एक साल की न्यूनतम यूनिट के हिसाब से बनाया जाता है।
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विभाग ने जब से इस नियम को बदला है, उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। दरअसल, किसी भी तरह की चोरी पकड़ने पर अब पहले थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। इसके बाद अगर संबंधित व्यक्ति को पुलिस कार्रवाई से बचना है तो वह विभाग में जाकर शमन शुल्क और राजस्व निर्धारण एक साथ जमा करे। इसके बाद विभाग राजस्व जमा होने का एक पत्र लिखकर देगा, जिसके आधार पर ही पुलिस कार्रवाई से बचा जा सकता है। कोरोना काल में एक सितंबर से अभी तक आठ सौ उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर हो चुकीं हैं।
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जब से रिपोर्ट दर्ज होना शुरू हुई है, तब से उपभोक्ता जुर्माना जमा करने लगे हैं। अन्यथा सालों मामले लंबित पड़े रहते थे। इससे बकाया बढ़ता जा रहा था। एक सितंबर से अभी आठ सौ एफआईआर को चुकीं हैं। हालांकि, इनमें अभी दो सौ उपभोक्ताओं ने जुर्माना जमा किया है। एसआर गर्ग, अधीक्षण अभियंता (महानगर)।

ज्यादातर ऐसे मामले
- बिना कनेक्शन घर मेें कटिया डालकर बिजली की चोरी।
- बकाए पर कनेक्शन कटने के बाद फिर जोड़ लेना।
- मीटर के पहले कट लगाकर।
- मीटर में कारस्तानी करना।
- घरेलू बिजली कनेक्शन व्यावसायिक इस्तेमाल।
ये है कानून
- बिजली चोरी करते पाए जाने पर अगर अब तय शमन शुल्क जमा नहीं करते हैं तो तीन माह से सात साल तक ही सजा हो सकती है।
- धारा 135 विद्युत अधिनियम: कटिया डालकर, घरेलू बिजली का व्यावसायिक इस्तेमाल।
- धारा 136 विद्युत अधिनियम: बिजली के सरकारी उपकरणों को नुकसान पहुंचाना।
- धारा 137 विद्युत अधिनियम: विद्युत चोरी का सामान बरामद होने पर।
- धारा 138 विद्युत अधिनियत: मीटर से छेड़छाड़, काटे गए कनेक्शन को फिर जोड़ना।
- धारा 139 विद्युत अधिनियम: बिजली की बर्बादी करने जैसे मामलों में।
- धारा 140 विद्युत अधिनियम: बिजली के तार और अन्य उपकरण चोरी के मामले।
बिजली थाने में रिपोर्ट दर्ज होने की लगातार बढ़ रही संख्या
सीपरी बाजार के खालसा सबस्टेशन के बगल में खाली पड़े विभाग के भवन में 19 सितंबर 2019 को बिजली थाना खोला गया था। थाना खुलने के बाद से अभी तक करीब दो हजार चोरी की रिपोर्ट दर्ज हो चुकीं हैं। मगर, इनमें से चार सौ ने ही अभी तक जुर्माना जमा करके अपने को मुक्त कराया है। जबकि, बाकी भारी भरकम जुर्माने से परेशान हैं। अधिकांश की स्थिति जुर्माना भरने की नहीं है। हालांकि, थाना खुलने के बाद से लोगों को दूसरे थानों की पुलिस ने परेशान करना बंद कर दिया है।
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