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30 फुट गहरे बोर में गिरा चार वर्षीय ‘निखिल’
ब्यूरो
Updated Fri, 04 Mar 2016 01:06 AM IST
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गरौठा (झांसी)। तहसील के ग्राम बरौठा में बृहस्पतिवार की शाम चार वर्षीय मासूम बच्चा खेत में बने तीस फुट गहरे बोर में जा गिरा। इसकी सूचना पर क्षेत्र में सनसनी मच गई। मौके पर कई थानों की पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ प्रशासन व पुुलिस के अधिकारी पहुंच गए। इसके अलावा बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने सेना से भी संपर्क किया है।
थाना लहचूरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम बरौठा निवासी प्रीतम पाल बृहस्पतिवार की शाम तकरीबन पांच बजे अपनी पत्नी वंदना के साथ खेत पर राई की फसल की कटाई कर रहा था। उसकी छह वर्षीय पुत्री मौसम व चार वर्षीय पुत्र निखिल पास में ही खेल रहे थे। इसी दौरान निखिल खेत पर बने तीस फुट गहरे बोर में जा गिरा। गड्ढे में उसके चीखने की आवाज पास में खेल रही बहन मौसम ने सुनी।
उसने तुरंत इसकी सूचना खेत में काम कर रहे माता-पिता को दी। उन्होंने गड्ढे में झांककर देखा तो निखिल नीचे पानी में डूबा नजर आया। हालांकि, उसका सिर पानी से ऊपर था। घटना की सूचना पाकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
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देखते ही देखते घटना स्थल पर भारी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। सूचना मिलने पर कई थानों की पुलिस, स्वास्थ्य विभाग व फायर ब्रिगेड के साथ पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बोर के गड्ढे के समानांतर गड्ढा खोदने के लिए दो जेसीबी मशीनें भी मंगा ली गईं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गड्ढे में पाइप से ऑक्सीजन पहुंचाई। अंधेरा होने पर आनन-फानन में जेनरेटर लगाकर रोशनी की व्यवस्था की गई। मौके पर पहुंची भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ रही। वहीं, जिलाधिकारी ने बचाव कार्य के लिए सेना से संपर्क किया। देर रात तक सेना की टीम मौके पर नहीं पहुंच पाई।
सेना नहीं पहुंची, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
झांसी। निखिल को बचाने के लिए देर रात तक युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। हालांकि, सेना मौके पर नहीं पहुंच पाई। पुलिस व प्रशासन की टीम ही मोर्चा संभाले रही।
मासूम बच्चे के बोर में गिरने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बचाव कार्य को अपने हाथ में ले लिया। उन्होंने तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी को मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को रवाना करने के निर्देश दिए। घटना के बाद दो टीमें चिकित्सकों के दल के साथ मौके पर पहुंच गईं।
इसके अलावा डीएम के निर्देश पर जल निगम के बोर वैल एक्सपर्ट अभियंताओं की टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया। अभियंताओं के निर्देशन में बोर वैल के नजदीक ही समानांतरण गड्ढा खोदने का काम देर रात तक जारी रहा। इसके अलावा डीएम ने बचाव कार्य के लिए सेना से भी संपर्क किया।
हालांकि, देर रात तक सेना मौके पर नहीं पहुंची थी। इस दौरान मौके पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) उमेश नारायण पांडेय, उप जिलाधिकारी गरौठा श्रीराम यादव व क्षेत्राधिकारी पुलिस अविनाश कुमार समेत कई थानों की पुलिस डेरा डाले हुए है।
डेढ़ घंटे बाद शुरू किया जा सका रेस्क्यू
गरौठा/सिजारी बम्होरी। ग्राम बरौठा में शाम पांच बजे बोर वेल्स में गिरे बालक को निकालने के लिए प्रशासन द्वारा शुरू किया गया रेस्क्यू आपरेशन करीब डेढ़ घंटे बाद शुरू किया जा सका। मौके पर शाम से रात दस बजे तक जिला मुख्यालय से सिर्फ एडीएम उमेश नारायण पांडेय ही मौके पर पहुंचे थे। एसडीएम व सीओ वहां पहले से मौजूद थे।
सेना से संपर्क किए जाने को लेकर भी प्रशासनिक अफसरों के बयान काफी विरोधाभाषी रहे।
मौके पर मौजूद अफसर जल्द ही सेना के आने का भरोसा दिलाते रहे पर जिला मुख्यालय पर बैठे अफसरों ने बताया कि सेना से अभी वार्ता चल रही है। शुरूआत में बुलाई गई निजी जेसीबी मशीनों की जगह एलएनटी का उपयोग किए जाने पर विचार-विमर्श चलता रहा पर जब उपलब्धता नहीं हो सकी तो मजबूरी में जेसीबी से ही खुदाई करनी पड़ी।
देर रात तक स्वास्थ्य विभाग की टीम बोर में आक्सीजन डालने का काम कर रही थी तथा तहसील प्रशासन के अफसर व पुलिस रेस्क्यू आपरेशन में जुटी हुई थी। डीएम व एसपी देर रात तक घटना स्थल पर नहीं पहुंचे थे।
बच्चे की सलामती के लिए दुआएं
झांसी। तीस फुट गहरे बोर वेल्स में गिरे मासूम निखिल की सलामती के लिए दुआओं का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। सोशल मीडिया पर भी बच्चे के गड्ढे से सकुशल बाहर आने की लोग कामना करते रहे। सभी इस घटना से दुखी नजर आए।
पाताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे चार वर्षीय मासूम के लिए दुआ में सभी एक साथ खड़े नजर आए। मजहबी बंदिशों में परे हटकर सभी ने अपने-अपने ढंग से ईश्वर से बच्चे की सलामती की कामना की। वहीं, घटना के कुछ समय बाद यह खबर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गईं। फेसबुक व व्हाट्स एप पर घटना की जानकारी व मौके की फोटो धड़ाधड़ वायरल हुईं। सभी बच्चे की सकुशल वापसी की दुआएं करते नजर आए।
और कितने ‘प्रिंस’ गिरेंगे बोर में?
झांसी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र का मासूम बच्चा प्रिंस 23 जुलाई 2006 को बोर वेल्स में जा गिरा था। यह घटना मीडिया में सुर्खियों में आने के बाद सेना ने लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था, इसमें प्रिंस की जान बच गई थी। इसके अलावा बोर वेल्स के खुले गड्ढों को लेकर लंबी बहस चली थी।
सरकारी स्तर पर तमाम निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन यह ज्यादा दिन प्रभावी नहीं रहे। प्रिंस के बाद भी कई बच्चे बोर वेल्स में गिरे। इनमें से तमाम की जान नहीं बच पाई। यह क्रम अब भी लगातार जारी है। बोर वेल्स के यह खुले गड्ढे मौत के कुएं साबित हो रहे हैं। खासतौर पर मासूम बच्चे इनका शिकार बन रहे हैं।
छोटी सी लापरवाही से कुलदीपक संकट में
गरौठा/सिजारी बम्होरी (झांसी)। एक छोटी से लापरवाही ने प्रीतम के इकलौते बेटे को संकट में डाल दिया। बोर वेल्स पर पड़ी सड़ी हुई लकड़ियों को कोई देखकर यदि बच्चों को उधर जाने से रोक लेता तो शायद यह हादसा टल जाता ।
बरौठा निवासी प्रीतम पाल ने करीब दो वर्ष पहले खेत में बोर वेल्स का खनन करवाया था, इसके बाद उसने इसका कोई उपयोग न होने के कारण इसके ऊपर लकड़ियां बिछाकर उसपर फट्टा डाल दिया था।
बारिश के कारण लकड़ियां सड़ गईं तथा उसके ऊपर फट्टा यूं ही पड़ा रहा। हादसे के समय चार वर्षीय निखिल को बोर का गड्ढा दिखाई नहीं दिया और वह उसके ऊपर चला गया। लकड़ी सड़ी होने के कारण वह सीधे बोर के नीचे जा गिरा।
खेतीबाड़ी करके अपनी गुजर बसर करने वाले प्रीतम के यहां यह इकलौता बेटा है, दूसरी संतान के रूप में उसकी छह वर्षीय बेटी मौसम है। घर के कुलदीपक के इस तरह संकट में फंस जाने से कोहराम है।
करीब दो साल पहले कराया था बोर
बरौठा। गड्ढे मेें गिरे मासूम निखिल के पिता प्रीतम पाल ने अपने खेत के एक कोने पर करीब दो साल पहले बोर कराया था, लेकिन यह सफल नहीं हो पाया था। इसके बाद उन्होंने बोर के गड्ढे को लकड़ियां रखकर ढक दिया था। समय के साथ लकड़ियां कमजोर पड़ गईं। हालांकि, बच्चे आमतौर पर उस गड्ढे से दूर ही रहते थे, परंतु बृहस्पतिवार को खेलते-खेलते अचानक निखिल बोर के पास पहुंच गया, जिससे यह घटना हुई।
दर्जनों गांवों में मचा कोहराम
बरौठा। चार वर्षीय मासूम निखिल के बोर में गिरने की सूचना थोड़ी ही देर में आसपास के क्षेत्र में फैल गई। इससे क्षेत्र में कोहराम मच गया। दर्जनों ग्रामों के लोग मौके पर पहुंच गए। लेकिन, सभी हालात के हाथों मजबूर नजर आए। हालांकि, कुछ साहसी युवकों ने बच्चे को बचाने के लिए रस्से के सहारे बोर में उतरने की बात भी कही, परंतु सुरक्षा कारणों से उन्हें रोक दिया गया। सभी मदद के इंतजार में प्रशासन की ओर टकटकी लगाए रहे।
मां-बाप का रो-रो कर बुरा हाल
बरौठा। इकलौते पुत्र के तीस फुट गहरे बोर वेल्स में गिर जाने से पिता प्रीतम व मां वंदना का रो-रो कर बुरा हाल रहा। वह पूरे समय मौके पर ही मौजूद रहे। इस दौरान परिजन उन्हें बच्चे के सकुशल निकल आने का ढांढस बंधाते रहे। मां-बाप बार-बार बोर के पास जाने की कोशिश करते रहे, परंतु परिजन व अन्य ग्रामीण उन्हें रोक रहे। माता-पिता के करुण क्रंदन से वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम रहीं।
पाइप से गड्ढे में पहुंचाई आक्सीजन
बरौठा। जमीन से तीस फुट नीचे गड्ढे में सबसे बड़ी चुनौती ऑक्सीजन की रही। बच्चा तकरीबन पौने पांच बजे बोर में गिरा। इसके करीब एक घंटे बाद गरौठा से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सबसे पहले ऑक्सीजन सिलेंडर में पाइप लगाकर उसे गड्ढे में डाला, जिससे नीचे ऑक्सीजन की कमी न रहे। इसके अलावा चिकित्सकों की टीम भी घटना स्थल पर मौजूद रही।
भीड़ बनी पुलिस के लिए चुनौती
बरौठा। घटना स्थल पर आसपास के गांव इमलौटा, रसोइया, गुढ़ा, सैगुना आदि समेत दर्जनों गांवों के भारी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। घटना स्थल की ओर गाड़ियों का रैला देखने को मिला। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही। भीड़ के पहुंचने से आसपास के खेतों में फसलों को भी नुकसान हुआ।
पुलिस की टीमें जुटे बचाव व राहत कार्य में
झांसी। गांव बरौठा में बोर वैल के अंदर चार वर्षीय बालक के गिरने की सूचना मिलने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। कई थानों को फोर्स मौके पर पहुंच गया। फायर ब्रिगेड की टीमें और जेसीबी मशीनें भी मौके पर पहुंचा दी गईँ।
डीआईजी शरद सचान ने एसएसपी सभाराज से वार्ता करके मौके पर बचाव व राहत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। एसएसपी ने बताया कि पुलिस की टीमें जेसीबी मशीनें लेकर मौके पर पहुंची। पर्याप्त मात्रा में प्रकाश की व्यवस्था करने के लिए जेनरेटर लगवाए गए हैं। एसपी देहात दिनेश सिंह कई थानों का फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए हैं, जो उमड़ रही भीड़ को बोर वैल से दूर करने में जुटे हुए हैं।
बसारी में बच्चे के बोर वेल्स में गिरने की फैली अफवाह
टहरौली (झांसी)। तहसील क्षेत्र के ग्राम बसारी में बालक के बोर वेल्स में गिरने की अफवाह जिला प्रशासन को मिलने परतहसील प्रशासन के अफसरों के फोन घनघनाने लगे। आनन-फानन में पुलिस बल समेत अफसर मौके पर पहुंचे तो सूचना गलत निकली तब कहीं जाकर जान में जान आई।
ग्राम बसारी से किसी व्यक्ति ने जिला प्रशासन को मोबाइल पर सूचना दी कि ग्राम बसारी में एक छोटा बच्चा बोर वेल्स में गिर गया है। इस पर थानाध्यक्ष टहरौली छोटेलाल यादव व तहसीलदार राजेन्द्र शुक्ला, सीओ टहरौली आलोक शर्मा व चिकित्साधिकारी महेश चन्द्रा मौके पर पहुंचे। जब ग्रामीणों से इसकी जानकारी ली गई तो खबर झूठी निकली। उक्त मोबाइल नंबर पर फिर से संपर्क करने पर मोबाइल बंद पाया गया। घटना बरौठा में घटित हुई सूचना बसारी की दे देने के कारण प्रशासन हलाकान हो गया।
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थाना लहचूरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम बरौठा निवासी प्रीतम पाल बृहस्पतिवार की शाम तकरीबन पांच बजे अपनी पत्नी वंदना के साथ खेत पर राई की फसल की कटाई कर रहा था। उसकी छह वर्षीय पुत्री मौसम व चार वर्षीय पुत्र निखिल पास में ही खेल रहे थे। इसी दौरान निखिल खेत पर बने तीस फुट गहरे बोर में जा गिरा। गड्ढे में उसके चीखने की आवाज पास में खेल रही बहन मौसम ने सुनी।
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देखते ही देखते घटना स्थल पर भारी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। सूचना मिलने पर कई थानों की पुलिस, स्वास्थ्य विभाग व फायर ब्रिगेड के साथ पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बोर के गड्ढे के समानांतर गड्ढा खोदने के लिए दो जेसीबी मशीनें भी मंगा ली गईं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गड्ढे में पाइप से ऑक्सीजन पहुंचाई। अंधेरा होने पर आनन-फानन में जेनरेटर लगाकर रोशनी की व्यवस्था की गई। मौके पर पहुंची भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ रही। वहीं, जिलाधिकारी ने बचाव कार्य के लिए सेना से संपर्क किया। देर रात तक सेना की टीम मौके पर नहीं पहुंच पाई।
सेना नहीं पहुंची, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
झांसी। निखिल को बचाने के लिए देर रात तक युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। हालांकि, सेना मौके पर नहीं पहुंच पाई। पुलिस व प्रशासन की टीम ही मोर्चा संभाले रही।
मासूम बच्चे के बोर में गिरने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बचाव कार्य को अपने हाथ में ले लिया। उन्होंने तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी को मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को रवाना करने के निर्देश दिए। घटना के बाद दो टीमें चिकित्सकों के दल के साथ मौके पर पहुंच गईं।
इसके अलावा डीएम के निर्देश पर जल निगम के बोर वैल एक्सपर्ट अभियंताओं की टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया। अभियंताओं के निर्देशन में बोर वैल के नजदीक ही समानांतरण गड्ढा खोदने का काम देर रात तक जारी रहा। इसके अलावा डीएम ने बचाव कार्य के लिए सेना से भी संपर्क किया।
हालांकि, देर रात तक सेना मौके पर नहीं पहुंची थी। इस दौरान मौके पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) उमेश नारायण पांडेय, उप जिलाधिकारी गरौठा श्रीराम यादव व क्षेत्राधिकारी पुलिस अविनाश कुमार समेत कई थानों की पुलिस डेरा डाले हुए है।
डेढ़ घंटे बाद शुरू किया जा सका रेस्क्यू
गरौठा/सिजारी बम्होरी। ग्राम बरौठा में शाम पांच बजे बोर वेल्स में गिरे बालक को निकालने के लिए प्रशासन द्वारा शुरू किया गया रेस्क्यू आपरेशन करीब डेढ़ घंटे बाद शुरू किया जा सका। मौके पर शाम से रात दस बजे तक जिला मुख्यालय से सिर्फ एडीएम उमेश नारायण पांडेय ही मौके पर पहुंचे थे। एसडीएम व सीओ वहां पहले से मौजूद थे।
सेना से संपर्क किए जाने को लेकर भी प्रशासनिक अफसरों के बयान काफी विरोधाभाषी रहे।
मौके पर मौजूद अफसर जल्द ही सेना के आने का भरोसा दिलाते रहे पर जिला मुख्यालय पर बैठे अफसरों ने बताया कि सेना से अभी वार्ता चल रही है। शुरूआत में बुलाई गई निजी जेसीबी मशीनों की जगह एलएनटी का उपयोग किए जाने पर विचार-विमर्श चलता रहा पर जब उपलब्धता नहीं हो सकी तो मजबूरी में जेसीबी से ही खुदाई करनी पड़ी।
देर रात तक स्वास्थ्य विभाग की टीम बोर में आक्सीजन डालने का काम कर रही थी तथा तहसील प्रशासन के अफसर व पुलिस रेस्क्यू आपरेशन में जुटी हुई थी। डीएम व एसपी देर रात तक घटना स्थल पर नहीं पहुंचे थे।
बच्चे की सलामती के लिए दुआएं
झांसी। तीस फुट गहरे बोर वेल्स में गिरे मासूम निखिल की सलामती के लिए दुआओं का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। सोशल मीडिया पर भी बच्चे के गड्ढे से सकुशल बाहर आने की लोग कामना करते रहे। सभी इस घटना से दुखी नजर आए।
पाताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे चार वर्षीय मासूम के लिए दुआ में सभी एक साथ खड़े नजर आए। मजहबी बंदिशों में परे हटकर सभी ने अपने-अपने ढंग से ईश्वर से बच्चे की सलामती की कामना की। वहीं, घटना के कुछ समय बाद यह खबर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गईं। फेसबुक व व्हाट्स एप पर घटना की जानकारी व मौके की फोटो धड़ाधड़ वायरल हुईं। सभी बच्चे की सकुशल वापसी की दुआएं करते नजर आए।
और कितने ‘प्रिंस’ गिरेंगे बोर में?
झांसी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र का मासूम बच्चा प्रिंस 23 जुलाई 2006 को बोर वेल्स में जा गिरा था। यह घटना मीडिया में सुर्खियों में आने के बाद सेना ने लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था, इसमें प्रिंस की जान बच गई थी। इसके अलावा बोर वेल्स के खुले गड्ढों को लेकर लंबी बहस चली थी।
सरकारी स्तर पर तमाम निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन यह ज्यादा दिन प्रभावी नहीं रहे। प्रिंस के बाद भी कई बच्चे बोर वेल्स में गिरे। इनमें से तमाम की जान नहीं बच पाई। यह क्रम अब भी लगातार जारी है। बोर वेल्स के यह खुले गड्ढे मौत के कुएं साबित हो रहे हैं। खासतौर पर मासूम बच्चे इनका शिकार बन रहे हैं।
छोटी सी लापरवाही से कुलदीपक संकट में
गरौठा/सिजारी बम्होरी (झांसी)। एक छोटी से लापरवाही ने प्रीतम के इकलौते बेटे को संकट में डाल दिया। बोर वेल्स पर पड़ी सड़ी हुई लकड़ियों को कोई देखकर यदि बच्चों को उधर जाने से रोक लेता तो शायद यह हादसा टल जाता ।
बरौठा निवासी प्रीतम पाल ने करीब दो वर्ष पहले खेत में बोर वेल्स का खनन करवाया था, इसके बाद उसने इसका कोई उपयोग न होने के कारण इसके ऊपर लकड़ियां बिछाकर उसपर फट्टा डाल दिया था।
बारिश के कारण लकड़ियां सड़ गईं तथा उसके ऊपर फट्टा यूं ही पड़ा रहा। हादसे के समय चार वर्षीय निखिल को बोर का गड्ढा दिखाई नहीं दिया और वह उसके ऊपर चला गया। लकड़ी सड़ी होने के कारण वह सीधे बोर के नीचे जा गिरा।
खेतीबाड़ी करके अपनी गुजर बसर करने वाले प्रीतम के यहां यह इकलौता बेटा है, दूसरी संतान के रूप में उसकी छह वर्षीय बेटी मौसम है। घर के कुलदीपक के इस तरह संकट में फंस जाने से कोहराम है।
करीब दो साल पहले कराया था बोर
बरौठा। गड्ढे मेें गिरे मासूम निखिल के पिता प्रीतम पाल ने अपने खेत के एक कोने पर करीब दो साल पहले बोर कराया था, लेकिन यह सफल नहीं हो पाया था। इसके बाद उन्होंने बोर के गड्ढे को लकड़ियां रखकर ढक दिया था। समय के साथ लकड़ियां कमजोर पड़ गईं। हालांकि, बच्चे आमतौर पर उस गड्ढे से दूर ही रहते थे, परंतु बृहस्पतिवार को खेलते-खेलते अचानक निखिल बोर के पास पहुंच गया, जिससे यह घटना हुई।
दर्जनों गांवों में मचा कोहराम
बरौठा। चार वर्षीय मासूम निखिल के बोर में गिरने की सूचना थोड़ी ही देर में आसपास के क्षेत्र में फैल गई। इससे क्षेत्र में कोहराम मच गया। दर्जनों ग्रामों के लोग मौके पर पहुंच गए। लेकिन, सभी हालात के हाथों मजबूर नजर आए। हालांकि, कुछ साहसी युवकों ने बच्चे को बचाने के लिए रस्से के सहारे बोर में उतरने की बात भी कही, परंतु सुरक्षा कारणों से उन्हें रोक दिया गया। सभी मदद के इंतजार में प्रशासन की ओर टकटकी लगाए रहे।
मां-बाप का रो-रो कर बुरा हाल
बरौठा। इकलौते पुत्र के तीस फुट गहरे बोर वेल्स में गिर जाने से पिता प्रीतम व मां वंदना का रो-रो कर बुरा हाल रहा। वह पूरे समय मौके पर ही मौजूद रहे। इस दौरान परिजन उन्हें बच्चे के सकुशल निकल आने का ढांढस बंधाते रहे। मां-बाप बार-बार बोर के पास जाने की कोशिश करते रहे, परंतु परिजन व अन्य ग्रामीण उन्हें रोक रहे। माता-पिता के करुण क्रंदन से वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम रहीं।
पाइप से गड्ढे में पहुंचाई आक्सीजन
बरौठा। जमीन से तीस फुट नीचे गड्ढे में सबसे बड़ी चुनौती ऑक्सीजन की रही। बच्चा तकरीबन पौने पांच बजे बोर में गिरा। इसके करीब एक घंटे बाद गरौठा से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सबसे पहले ऑक्सीजन सिलेंडर में पाइप लगाकर उसे गड्ढे में डाला, जिससे नीचे ऑक्सीजन की कमी न रहे। इसके अलावा चिकित्सकों की टीम भी घटना स्थल पर मौजूद रही।
भीड़ बनी पुलिस के लिए चुनौती
बरौठा। घटना स्थल पर आसपास के गांव इमलौटा, रसोइया, गुढ़ा, सैगुना आदि समेत दर्जनों गांवों के भारी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। घटना स्थल की ओर गाड़ियों का रैला देखने को मिला। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही। भीड़ के पहुंचने से आसपास के खेतों में फसलों को भी नुकसान हुआ।
पुलिस की टीमें जुटे बचाव व राहत कार्य में
झांसी। गांव बरौठा में बोर वैल के अंदर चार वर्षीय बालक के गिरने की सूचना मिलने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। कई थानों को फोर्स मौके पर पहुंच गया। फायर ब्रिगेड की टीमें और जेसीबी मशीनें भी मौके पर पहुंचा दी गईँ।
डीआईजी शरद सचान ने एसएसपी सभाराज से वार्ता करके मौके पर बचाव व राहत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। एसएसपी ने बताया कि पुलिस की टीमें जेसीबी मशीनें लेकर मौके पर पहुंची। पर्याप्त मात्रा में प्रकाश की व्यवस्था करने के लिए जेनरेटर लगवाए गए हैं। एसपी देहात दिनेश सिंह कई थानों का फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए हैं, जो उमड़ रही भीड़ को बोर वैल से दूर करने में जुटे हुए हैं।
बसारी में बच्चे के बोर वेल्स में गिरने की फैली अफवाह
टहरौली (झांसी)। तहसील क्षेत्र के ग्राम बसारी में बालक के बोर वेल्स में गिरने की अफवाह जिला प्रशासन को मिलने परतहसील प्रशासन के अफसरों के फोन घनघनाने लगे। आनन-फानन में पुलिस बल समेत अफसर मौके पर पहुंचे तो सूचना गलत निकली तब कहीं जाकर जान में जान आई।
ग्राम बसारी से किसी व्यक्ति ने जिला प्रशासन को मोबाइल पर सूचना दी कि ग्राम बसारी में एक छोटा बच्चा बोर वेल्स में गिर गया है। इस पर थानाध्यक्ष टहरौली छोटेलाल यादव व तहसीलदार राजेन्द्र शुक्ला, सीओ टहरौली आलोक शर्मा व चिकित्साधिकारी महेश चन्द्रा मौके पर पहुंचे। जब ग्रामीणों से इसकी जानकारी ली गई तो खबर झूठी निकली। उक्त मोबाइल नंबर पर फिर से संपर्क करने पर मोबाइल बंद पाया गया। घटना बरौठा में घटित हुई सूचना बसारी की दे देने के कारण प्रशासन हलाकान हो गया।